गृह मंत्रालय
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का भोपाल परिसर राष्ट्रीय सुरक्षा एवं साइबर क्षमता निर्माण को दे रहा नई दिशा
प्रविष्टि तिथि:
22 JUN 2026 5:20PM by PIB Bhopal
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन स्थापित एक राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा, फॉरेंसिक विज्ञान तथा संबद्ध क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान को बढ़ावा देना है। विश्वविद्यालय देश का प्रथम समर्पित राष्ट्रीय सुरक्षा एवं पुलिस विश्वविद्यालय है, जो भारत की सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप ज्ञान, कौशल एवं नेतृत्व क्षमता के विकास हेतु कार्य कर रहा है।
विश्वविद्यालय का मुख्यालय लवाड, गांधीनगर, गुजरात में स्थित है। राष्ट्रीय सुरक्षा शिक्षा एवं क्षमता निर्माण को देश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने तथा क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप विशेषीकृत शिक्षा एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। इसी क्रम में वर्ष 2025 में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर की स्थापना की गई, जो मध्य भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर क्षमता निर्माण, अनुसंधान एवं कौशल विकास के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।
आज के समय में राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसमें साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, महत्वपूर्ण अवसंरचना संरक्षण, आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, सूचना सुरक्षा तथा उभरती प्रौद्योगिकियों से संबंधित अनेक आयाम शामिल हो चुके हैं। ऐसे परिदृश्य में प्रशिक्षित, तकनीकी रूप से दक्ष एवं उत्तरदायी मानव संसाधन का निर्माण राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गया है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय इसी आवश्यकता की पूर्ति हेतु शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार को एकीकृत करते हुए सुरक्षा क्षेत्र के लिए भविष्य उन्मुख पेशेवर तैयार कर रहा है।
भोपाल परिसर वर्तमान में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV), गांधी नगर, भोपाल से संचालित हो रहा है। तकनीकी एवं शैक्षणिक वातावरण से युक्त यह परिसर विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सुरक्षा एवं उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक अवधारणा अध्ययन और व्यवहारिक अनुभव के समन्वय पर आधारित है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता, तकनीकी दक्षता तथा राष्ट्रहित के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित की जाती है।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का दृष्टिकोण केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र को सशक्त बनाने हेतु ज्ञान आधारित नेतृत्व विकसित करना भी है। विश्वविद्यालय विभिन्न सरकारी संस्थाओं, सुरक्षा एजेंसियों, कानून प्रवर्तन संगठनों, अनुसंधान संस्थानों तथा उद्योग जगत के साथ सहयोग के माध्यम से सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन से जुड़े विषयों पर क्षमता निर्माण को बढ़ावा दे रहा है।
भोपाल परिसर में वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा एवं साइबर क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें बी.टेक. इन कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (साइबर सिक्योरिटी), डिप्लोमा टू डिग्री इन बी.टेक. कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (साइबर सिक्योरिटी), एम.एससी. इन साइबर सिक्योरिटी एंड डिजिटल फॉरेंसिक्स, पीजी डिप्लोमा इन पुलिस साइंस एंड मैनेजमेंट तथा पीजी डिप्लोमा इन स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग प्रमुख हैं। ये कार्यक्रम विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल जांच, सुरक्षा प्रबंधन, पुलिस विज्ञान एवं प्रदर्शन आधारित प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करने पर केंद्रित हैं। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इन कार्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया वर्तमान में संचालित है, जिसके माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन से संबंधित क्षेत्रों में रुचि रखने वाले अभ्यर्थियों को विशेषज्ञता आधारित शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा एवं डेटा संरक्षण की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए विश्वविद्यालय विशेष रूप से साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में क्षमता निर्माण पर बल दे रहा है। साथ ही पुलिस विज्ञान एवं प्रबंधन से संबंधित कार्यक्रम सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन क्षेत्र में व्यावसायिक दक्षता विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर रहे हैं।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का दीर्घकालिक लक्ष्य भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप ऐसे सक्षम, उत्तरदायी एवं तकनीकी रूप से दक्ष पेशेवर तैयार करना है, जो देश की सुरक्षा, सुशासन एवं सार्वजनिक सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी योगदान दे सकें। भोपाल परिसर इसी राष्ट्रीय दृष्टि को मध्य भारत में साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा सुरक्षा शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
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(रिलीज़ आईडी: 2276713)
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