स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय
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केन्‍द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने देशभर में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 मनाया


"योग शारीरिक व्यायाम से बढ़कर है; यह चेतना, ऊर्जा और आंतरिक शक्ति का स्रोत है" — प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में

"योग हमें 40 वर्ष की आयु में अधिक लचीला, 50 वर्ष की आयु में अधिक ऊर्जावान और 70 वर्ष की आयु में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के प्रति अधिक मजबूत और समर्थ बनाता है" — प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी


केन्‍द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत जगत प्रकाश नड्डा ने शांतिपथ पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्व किया; प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में योग को मिली वैश्विक पहचान पर प्रकाश डाला

"योग, मानवता को भारत का कालजयी उपहार है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में एक वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है"— केन्‍द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा

देशभर में 1.87 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लिया : केन्‍द्रीय स्वास्थ्य सचिव

प्रविष्टि तिथि: 21 JUN 2026 10:14AM by PIB Delhi

केन्‍द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने आज देशभर में 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई–2026) अत्‍यधिक उत्साह और सक्रिय जनभागीदारी के साथ मनाया। इस अवसर पर योग के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य, आरोग्य और निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित समारोह का नेतृत्व प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने किया। उन्होंने कोलकाता में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भाग लिया और हजारों योग साधकों को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि योग शारीरिक व्यायाम से कहीं अधिक है और यह किसी विशेष आयु वर्ग तक सीमित नहीं है। उन्होंने योग को चेतना, ऊर्जा और आंतरिक ऊर्जा का स्रोत बताते हुए कहा कि यह मानव जीवन को समृद्ध बनाता है तथा सदियों से भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का अभिन्न अंग रहा है।

इस वर्ष के विषय "स्‍वस्‍थ आयु के लिए योग" का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विषय ऐसे समाज के निर्माण के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत है जो जीवनभर स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान रहे। उन्होंने कहा कि स्वस्थ वृद्धावस्था का अर्थ केवल जीवन के वर्षों में वृद्धि करना नहीं, बल्कि उन वर्षों में ऊर्जा, उद्देश्य और समग्र कल्याण को शामिल करना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हम "स्‍वस्‍थ आयु के लिए योग" की बात करते हैं, तो यह इस सामूहिक संकल्प का प्रतीक है कि बढ़ती आयु कभी भी व्यक्ति की संभावनाओं को सीमित न करे। इसके विपरीत, योग प्रत्येक आयु में निरंतर विकास, उत्कृष्टता और आत्म-सुधार की प्रेरणा देता है।

योग की परिवर्तनकारी शक्ति पर प्रकाश डालते हुए, श्री मोदी ने कहा कि लक्ष्य यह होना चाहिए कि इंसान 20 साल की उम्र के मुकाबले 40 साल की उम्र में ज़्यादा लचीला हो, 30 साल की तुलना में 50 साल की उम्र में ज़्यादा ऊर्जावान हो, और 50 साल की तुलना में 70 साल की उम्र में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का बेहतर ढंग से सामना कर सके। उन्होंने कहा कि योग शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक संतुलन को बेहतर बनाकर इन लक्ष्यों को पाने के लिए ज़रूरी अनुशासन, ताकत और संतुलन प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि योग व्यक्ति को निरंतर विकास और आत्म-खोज के लिए प्रेरित करता है। नियमित योगाभ्यास से शरीर मजबूत होता है, मन शांत रहता है और आंतरिक लचीलापन विकसित होता है, जिससे व्यक्ति अधिक स्वस्थ, संतुलित और संतोषपूर्ण जीवन जी सकता है। उन्‍होंने कहा कि योग समग्र स्वास्थ्य का एक प्रभावी मार्ग है और आधुनिक जीवनशैली तथा बढ़ती आयु से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान का एक सशक्त माध्यम बताया।

प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से योग को आजीवन अनुशासन के रूप में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इसके लाभ केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं हैं। उनका मानना है कि योग व्यक्ति और समाज के बीच सामंजस्य स्थापित करता है, सामूहिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है और एक अधिक स्वस्थ, जागरूक तथा सशक्त राष्ट्र के निर्माण की नींव को मजबूत रखता है।

देशव्यापी योग दिवस समारोह के अंतर्गत केन्‍द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने शांतिपथ में आयोजित सामूहिक योग सत्र में भाग लिया। उन्होंने नागरिकों, स्वास्थ्यकर्मियों, अधिकारियों और स्वयंसेवकों के साथ विभिन्न योगासन तथा प्राणायाम का अभ्यास किया।

सभा को संबोधित करते हुए केन्‍द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि योग, जो भारत की प्राचीन सभ्यतागत विरासत का अमूल्य उपहार है, आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण स्वास्थ्य और समग्र कल्याण के लिए एक वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है।

श्री नड्डा ने याद दिलाया कि 27 सितम्‍बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से योग को मन और शरीर, तथा मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करने के प्रभावी माध्यम के रूप में मान्यता देने और मनाने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री की इस ऐतिहासिक पहल के परिणामस्वरूप, दिसबर 2014 में संयुक्‍त राष्‍ट्र ने एक प्रस्ताव पारित कर 21 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित कर दिया। तब से लेकर अब तक लगभग 190 देशों ने इस आयोजन में भागीदारी की है, जिससे यह विश्व के सबसे व्यापक रूप से मनाए जाने वाले वैश्विक आयोजनों में से एक बन गया है।

इस वर्ष के विषय " स्‍वस्‍थ आयु के लिए योग " का उल्लेख करते हुए श्री नड्डा ने कहा कि योग शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्पष्टता, भावनात्मक संतुलन और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देकर स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था का एक समग्र मार्ग प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि बढ़ते तनाव, निष्क्रिय जीवनशैली और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के इस दौर में योग शरीर और मन के बीच संतुलन एवं सामंजस्य स्थापित करने का एक कुदरती और स्‍थायी उपाय है।

श्री नड्डा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है, जो व्यक्ति और सार्वभौमिक चेतना के बीच गहरे संबंध को विकसित करती है। उन्होंने कहा, "योग हमें मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करना सिखाता है। यह एक निरंतर और आजीवन अभ्यास है, जो व्यक्ति को आत्म-विकास, आंतरिक शांति और समग्र कल्याण का मार्ग दिखाता है।"

उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास दीर्घायु को बढ़ावा देने, जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से उबरने की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्‍होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने और दीर्घकालिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे मानवता के प्रति एक उल्लेखनीय सेवा बताया। उन्होंने कहा कि विश्वभर में योग को मिली व्यापक स्वीकृति तथा संयुक्‍त राष्‍ट्र द्वारा अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस को मान्यता दिया जाना, योग के सार्वभौमिक आकर्षण और महत्‍व का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि योग किसी एक देश या संस्कृति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मानवता के कल्याण के लिए एक साझा वैश्विक अभ्यास के रूप में निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।

सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए श्री नड्डा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह अधिक स्वस्थ, संतुलित और अधिक जागरूक जीवनशैली अपनाने की याद दिलाता है।

इस अवसर पर मंत्रालय ने कर्तव्‍य भवन में एक विशेष योग सत्र का भी आयोजन किया, जिसका नेतृत्व केन्‍द्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्‍य सलिल श्रीवास्‍तव ने किया। कार्यक्रम में मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्‍होंने प्रधानमंत्री के संदेश को दोहराते हुए कहा कि योग हर आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयुक्त अभ्यास है और यह जीवन की प्रत्येक अवस्‍था में शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य तथा समग्र आरोग्य को बढ़ावा देने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि योग आज निवारक स्वास्थ्य देखभाल और स्वस्थ जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है।

इस वर्ष के योग दिवस समारोह की व्यापक पहुँच पर प्रकाश डालते हुए श्रीमती श्रीवास्तव ने बताया कि देशभर में 1.87 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे लाखों नागरिकों को योगाभ्यास में भाग लेने और इसके स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने का अवसर मिला है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2014 में संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा द्वारा एक प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है। इतने वर्षों में यह आयोजन एक वैश्विक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। आज दुनिया भर के लाखों लोग योग सत्रों, स्वास्थ्य एवं कल्याण संबंधी गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।

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पीके/केसी/केपी


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