पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने "स्वस्थ आयु के लिए योग" पर ध्यान केंद्रित करते हुए 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया

प्रविष्टि तिथि: 21 JUN 2026 9:35AM by PIB Delhi

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज नई दिल्ली के मौसम भवन में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। "स्वस्थ आयु के लिए योग" विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने योग की प्राचीन पद्धति के माध्यम से समग्र कल्याण को बढ़ावा देने के लिए भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित लोगों ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा। इसके बाद विशेषज्ञ योग प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न आसनों और प्राणायाम तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।

आईएमडी के डीजीएम डॉ. मृत्युंजय मोहपात्रा अपने संबोधन में कहा कि योग को सिर्फ एक परंपरा के रूप में न देखें बल्कि इसे दैनिक जीवन में एकीकृत करने के महत्व पर बल दें।

जैसा कि माननीय प्रधानमंत्री जी ने कहा, यह एक प्रयास है। हमें योग को अपनाना चाहिए, योग का उपयोग करना चाहिए और हम सभी को इससे प्रसन्न होना चाहिए... हम योग को दैनिक गतिविधि के रूप में अपनाएंगे, इसका प्रतिदिन अभ्यास करेंगे और योग अभ्यास के माध्यम से स्वस्थ रहेंगे। क्योंकि स्वस्थ जीवन ही सुखी जीवन है। स्वस्थ समाज ही सुखी समाज है। और एक स्वस्थ और सुखी समाज ही एक स्वस्थ देश या एक स्वस्थ विश्व बना  सकता है।

इस अवसर पर वैज्ञानिक और दार्शनिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री श्रीनिवास राव गांगी रेड्डी ने व्यक्ति और ब्रह्मांड के बीच गहरे संबंध के बारे में बात की और योग को आत्मज्ञान और जागरूकता का मार्ग बताया। उन्होंने कहा:

आज की दुनिया में हम अत्यधिक सूचनाओं और विकर्षणों के सागर में बिना पतवार वाली नाव की तरह हैं। हमें सचेत मन की आवश्यकता है। हमें जागरूकता की आवश्यकता है। हम अपनी मानवीय आत्मा की सच्ची क्षमता को खोजने के लिए अपने चिंतन की स्पष्टता को समझते हैं। अपने दैनिक जीवन में, हमें अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने, पारस्परिक संबंधों को मजबूत बनाने वाली भावनात्मक बुद्धिमत्ता प्राप्त करने और अपने जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए चिंतन की स्पष्टता की आवश्यकता है।

श्री रेड्डी ने भक्ति, ज्ञान, कर्म और राज योग - इन चार पारंपरिक मार्गों के बारे में विस्तार से बताया और प्रतिभागियों को सचेत कर्म और अनुशासित अभ्यास के माध्यम से संतुलन खोजने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम का समापन एक अभिनंदन समारोह के साथ हुआ, जहां मंत्रालय और आईएमडी के अधिकारियों ने संगठन के भीतर स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने में उनके समर्पित योगदान के लिए योग प्रशिक्षकों को सम्मानित किया।

यह समारोह पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और आईएमडी की उस प्रतिबद्धता की पुनरावृत्ति के रूप में कार्य करता है जिसके अन्‍तर्गत योग के शाश्वत ज्ञान के माध्यम से एक स्वस्थ, अधिक केंद्रित और उत्पादक कार्यस्थल को प्रोत्‍साहित किया जाएगा।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001QKQ2.jpg

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image002WNPV.jpg

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image003LRTW.jpg

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image004Z4SR.jpg

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image005RSYO.jpg

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image006JELJ.jpg

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image007SLJA.jpg

****

पीके/केसी/केएल/एमबी


(रिलीज़ आईडी: 2275967) आगंतुक पटल : 111
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu