राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण
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एनएफआरए और आईसीएआई ने “बेहतर वित्तीय रिपोर्टिंग इकोसिस्टम का निर्माण” विषय पर पुणे में एक कार्यशाला आयोजित आयोजित की

प्रविष्टि तिथि: 19 JUN 2026 8:51PM by PIB Delhi

ऑडिट प्रैक्टिशनर्स की पेशेवर क्षमता बढ़ाने, ऑडिट गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और वित्तीय रिपोर्टिंग की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से, राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थान (आईसीएआई) के सहयोग से आज 19 जून 2026 को पुणे में वर्तमान वित्तीय वर्ष की अपनी पहली कार्यशाला “बेहतर वित्तीय रिपोर्टिंग इकोसिस्टम का निर्माण” विषय के तहत आयोजित की।

इस कार्यशाला का उद्घाटन एनएफआरए के अध्यक्ष श्री नितिन गुप्ता और आईसीएआई के अध्यक्ष सीए प्रसन्न कुमार डी ने किया। अपने मुख्य भाषण में एनएफआरए के अध्यक्ष श्री नितिन गुप्ता ने एनएफआरए और आईसीएआई द्वारा संयुक्त रूप से इस पहुंच कार्यक्रम के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा भारत के विकास और प्रगति में पिछले कई दशकों से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के महत्वपूर्ण योगदान को स्वीकार किया।

श्री नितिन गुप्ता ने वित्तीय रिपोर्टिंग में सार्वजनिक हित की सुरक्षा और विश्वास निर्माण में एकाउंटेंसी के पेशे की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने आईसीएआई की अपने सदस्यों के कौशल और क्षमताओं को मजबूत करने में निभाई जा रही सक्रिय भूमिका की भी सराहना की।

श्री गुप्ता ने जोर देकर कहा कि आधुनिक वैश्विक मानकों के अनुरूप बने रहना आवश्यक है और उन्होंने ऑडिट फर्मों, विशेष रूप से छोटे और मध्यम ऑडिट प्रैक्टिशनर्स (एसएमपी) से अपनी दक्षताओं को निरंतर बढ़ाने का आह्वान किया ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।

अपने संबोधन में आईसीएआई के अध्यक्ष सीए प्रसन्न कुमार डी ने एनएफआरए-आईसीएआई कार्यशाला पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि वित्तीय रिपोर्टिंग में ऑडिट गुणवत्ता हितधारकों के बीच विश्वास और भरोसा स्थापित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी पेशा तीन मूलभूत सिद्धांतों—उत्कृष्टता, स्वतंत्रता और सत्यनिष्ठा—पर आधारित है और इस कार्यशाला को इन्हीं मूल्यों के व्यवहारिक प्रदर्शन के रूप में सराहा। भविष्य के प्रति आश्वस्त रहते हुए उन्होंने कहा कि दोनों संगठन ऑडिट गुणवत्ता को और सुदृढ़ एवं बेहतर बनाने के लिए आगे भी अधिक कार्यशालाओं के आयोजन में सहयोग जारी रखेंगे।

विशिष्ट विशेषज्ञों ने ऑडिट प्रैक्टिस के प्रमुख पहलुओं पर केन्द्रित तकनीकी सत्र प्रस्तुत किए, जिनमें ऑडिट रणनीति दस्तावेज़ीकरण, महत्वपूर्ण गलत विवरणों का जोखिम, लेखांकन अनुमान और ऑडिट निष्कर्षों का सारांश शामिल थे। “ऑडिट गुणवत्ता को सुदृढ़ करना: वैश्विक सर्वोत्तम कार्य प्रणालियांविषय पर एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें अनुभवी पैनलिस्टों ने ऑडिट गुणवत्ता में सुधार के तरीकों और उपायों पर विचार-विमर्श किया।

इन सत्रों का उद्देश्य दैनिक पेशेवर कार्य में ऑडिट गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।

कार्यशाला में बड़ी संख्या में ऑडिट प्रैक्टिशनर्स, जिनमें छोटे और मध्यम ऑडिट प्रैक्टिशनर्स (एसएमपी) के साथ-साथ बड़ी ऑडिट फर्में भी शामिल थीं, ने सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी की। इस विविध भागीदारी ने सार्थक संवाद, विचारों के आदान-प्रदान और ऑडिट गुणवत्ता से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा को संभव बनाया, जिससे संपूर्ण विचार-विमर्श और अधिक समृद्ध हुआ।

राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (NFRA) भारत के विभिन्न शहरों में कार्यशालाओं का आयोजन करता आ रहा है, जिसका उद्देश्य ऑडिट प्रैक्टिशनर्स की पेशेवर क्षमता को बढ़ाना और वित्तीय रिपोर्टिंग की गुणवत्ता में सुधार करना है।

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पीके/केसी/केपी/डीके


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