लोकसभा सचिवालय
azadi ka amrit mahotsav

भारत और कोरिया गणराज्य के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंध हैं: लोकसभा अध्यक्ष


भारत-कोरिया गणराज्य की साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता, शांति और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है: लोकसभा अध्यक्ष

कोरिया गणराज्य के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष से की मुलाकात

प्रविष्टि तिथि: 19 JUN 2026 9:43PM by PIB Delhi

लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज कहा कि भारत और कोरिया गणराज्य के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंध हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की बौद्ध विरासत अत्यंत समृद्ध है और दोनों के बीच घनिष्ठ जन-संवाद (people-to-people contacts) रहे हैं। उन्होंने बढ़ते द्विपक्षीय जुड़ाव के माध्यम से इन संबंधों को और गहरा करने के लिए भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया।

उन्होंने ये बातें आज संसद भवन में कोरिया गणराज्य के आंतरिक और सुरक्षा मंत्री तथा 'कोरिया गणराज्य-भारत संसदीय मित्रता समूह' के अध्यक्ष महामहिम श्री युन होजुंग के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहीं।

कोरिया गणराज्य के साथ अपने संबंधों को भारत द्वारा दिए जाने वाले महत्व पर प्रकाश डालते हुए, श्री बिरला ने कहा  कि दोनों देश, अग्रणी एशियाई अर्थव्यवस्थाओं और जीवंत लोकतंत्रों के रूप मेंलोकतंत्र, कानून के शासन और मानव-केंद्रित विकास के साझा मूल्यों को साझा करते हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हरित ऊर्जा और सेमीकंडक्टर जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों पर दोनों देशों के मिलकर काम करने की विशाल संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कोरियाई गणराज्य  के निवेश के लिए भारत के बड़े बाजार और प्रतिभावान युवा कार्यबल को एक आकर्षक अवसर बताया बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए, लोक सभा अध्यक्ष ने भारत की विकास पहलों में भाग लेने के लिए कोरिया गणराज्य की बढ़ती रुचि का स्वागत किया और इस बात पर जोर दिया कि इन क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग दोनों के लिए फायदेमंद होगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कोरिया गणराज्य में योग, आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति की बढ़ती लोकप्रियता दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे होते संबंधों को दर्शाती है और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का एक ठोस आधार प्रदान करती है।

संसदीय कूटनीति के महत्व पर जोर देते हुए, लोक सभा अध्यक्ष ने इस बात को रेखांकित किया कि जनप्रतिनिधियोंके बीच नियमित आदान-प्रदान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इस संदर्भ में, उन्होंने कहा कि संसदीय मित्रता समूह संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और सर्वोत्तम संसदीय तौर-तरीकों को साझा करने के लिए प्रभावी मंच के रूप में उभरे हैं।

इस अवसर पर बोलते हुए, महामहिम श्री युन होजुंग ने श्री बिरला को उनके गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की संसद के  अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका की सराहना की। उन्होंने आईटी, एआई और ऑटोमोटिव जैसे विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग को रेखांकित किया। भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में आई तेजी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देश भारत में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण में सहयोग कर सकते हैं। प्रभावी आपदा प्रबंधन और सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के विषय पर, उन्होंने आपदा रोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन (CDRI) का हिस्सा बनने की कोरिया गणराज्य की इच्छा व्यक्त की।

 

 

***

AM


(रिलीज़ आईडी: 2275482) आगंतुक पटल : 230
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English