रक्षा मंत्रालय
लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया ने महू आर्मी वॉर कॉलेज के कमांडेंट का कार्यभार संभाला
प्रविष्टि तिथि:
15 MAY 2026 4:19PM by PIB Bhopal
लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह साही, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, एसएम ने 15 मई 2026 को आर्मी वॉर कॉलेज, महू के कमांडेंट का कार्यभार लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया, एवीएसएम, वीएसएम को सौंपा। इस अवसर पर आयोजित गरिमामय समारोह में संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य एवं स्टाफ उपस्थित थे।
लेफ्टिनेंट जनरल साही, जो 19 अगस्त 2024 से उच्च सैन्य शिक्षा के इस प्रतिष्ठित संस्थान के कमांडेंट थे, ने संचालन, प्रशिक्षण, प्रशासन एवं अवसंरचना के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन लागू करने में अहम भूमिका निभाई। इन पहलों का उद्देश्य प्रशिक्षण एवं सिद्धांतों को समकालीन परिचालन गतिशीलता के अनुरूप बनाना, भारतीय सेना की युद्धक दर्शन में परिकल्पित परिवर्तनों की अवधारणा, विचार-विमर्श एवं सत्यापन के लिए एडब्ल्यूसी को एक केंद्र के रूप में विकसित करना तथा अधिकारियों के सर्वांगीण विकास हेतु बौद्धिक रूप से प्रेरक वातावरण तैयार करना था।
जनरल अधिकारी के मार्गदर्शन में प्राप्त महत्वपूर्ण उपलब्धियों में जटिल सामरिक चुनौतियों पर सिद्धांतों, रणनीतियों, संकलनों तथा विभिन्न अन्य इनपुट एवं विश्लेषणों के निर्माण में योगदान; रेड टीमिंग जैसी विशिष्ट अवधारणाओं का संस्थानीकरण तथा परिचालन योजनाओं के विश्लेषण हेतु तकनीकों में आंतरिक नवाचार; और छात्र अधिकारियों की पूर्व-कोर्स तैयारी, वॉरगेमिंग एवं संरचित मूल्यांकन को सुगम बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करना शामिल है। छात्र अधिकारियों को कमान के क्रमिक स्तरों के लिए तैयार करने हेतु पाठ्यक्रमों के उन्नयन के लिए निरंतर, परिश्रमी एवं केंद्रित प्रयास किए गए। विभिन्न पाठ्यक्रमों में मित्र विदेशी देशों (एफएफसी) के अधिकारियों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे एडब्ल्यूसी की क्षेत्रीय स्तर पर पसंदीदा संस्थान के रूप में प्रतिष्ठा और सुदृढ़ हुई।
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‘स्ट्रैटेजिक फ्यूजन कन्वर्जेंस कैप्सूल’ नामक एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई, जिसका उद्देश्य मंत्रालय, अकादमिक जगत, उद्योग, थिंक टैंक्स, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों तथा एफएफसी अधिकारियों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर बहु-क्षेत्रीय बौद्धिक समन्वय को अधिकतम करना था। इसी प्रकार, सूचना युद्ध पाठ्यक्रमों में एफएफसी अधिकारियों एवं मीडिया संस्थानों की भागीदारी ने अनेक क्षेत्रों में संस्थागत दक्षता विकसित करने के सुनियोजित प्रयास को दर्शाया। ‘फ्रेंड्स फॉर लाइफ पोर्टल’, जो कूटनीति एवं संस्थागत सॉफ्ट पावर का एक ठोस माध्यम है, एडब्ल्यूसी से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले एफएफसी अधिकारियों के साथ निरंतर संबंध बनाए रखने के उद्देश्य से आरंभ किया गया। प्रशासन एवं अवसंरचना के क्षेत्र में अत्याधुनिक ‘कलकट ऑडिटोरियम’ की स्थापना, लेक्चर हॉलों का उन्नयन, बेरछा वाटरमैनशिप ट्रेनिंग एरिया में प्रशिक्षण एवं साहसिक गतिविधियों की सुविधाओं का निर्माण आदि कई परियोजनाओं ने संस्थागत मनोबल को सुदृढ़ करने वाली आधारभूत सुधारों को सुनिश्चित किया।
अपने कार्यकाल के दौरान एडब्ल्यूसी ने अगस्त 2025 में प्रमुख त्रि-सेवा संगोष्ठी ‘रण संवाद’ के प्रथम संस्करण का सफलतापूर्वक आयोजन किया तथा माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह का दो अलग-अलग अवसरों पर संस्थान में आगमन हुआ। जनवरी 2026 में एडब्ल्यूसी को प्रतिष्ठित ‘चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ एप्रिसिएशन’ से सम्मानित किया जाना संस्थान द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति का प्रमाण है।

लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया, जिन्होंने भारतीय सेना के प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण संस्थान का नेतृत्व संभाला है, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एवं भारतीय सैन्य अकादमी के विशिष्ट पूर्व छात्र हैं। उन्हें जून 1990 में द डोगरा रेजिमेंट की 16वीं बटालियन में कमीशन प्राप्त हुआ। 36 वर्षों से अधिक के अपने गौरवशाली सैन्य करियर में जनरल अधिकारी ने कई महत्वपूर्ण कमान, स्टाफ एवं प्रशिक्षण नियुक्तियां संभाली हैं।
उनकी प्रमुख कमान नियुक्तियों में पूर्वी थिएटर में ऑपरेशन राइनो के दौरान एक इन्फैंट्री बटालियन की कमान, जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर, कश्मीर घाटी में नियंत्रण रेखा के साथ तैनात डैगर डिवीजन तथा पश्चिमी मोर्चे पर प्रतिष्ठित वज्र कोर की कमान शामिल है। उनकी प्रमुख स्टाफ नियुक्तियों में सैन्य संचालन महानिदेशालय, नियंत्रण रेखा के साथ तैनात इन्फैंट्री डिवीजन तथा मुख्यालय इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में कार्यकाल शामिल हैं। प्रशिक्षण नियुक्तियों के अंतर्गत जनरल अधिकारी भारतीय सैन्य अकादमी में इंस्ट्रक्टर एवं असिस्टेंट एडजुटेंट, मुख्यालय इंडियन मिलिट्री ट्रेनिंग टीम, भूटान में इंस्ट्रक्टर तथा आर्मी वॉर कॉलेज में कमांडर, हायर कमांड विंग रहे हैं।
अपने व्यापक परिचालन, स्टाफ एवं प्रशिक्षण अनुभव के आधार पर लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया का ध्यान बहु-क्षेत्रीय अभियानों तथा विशिष्ट तकनीकों को सैन्य प्रशिक्षण में एकीकृत करने से संबंधित पहलों को सुदृढ़ करने पर केंद्रित रहेगा।
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AC/ MG /PD /AV /AP
(रिलीज़ आईडी: 2261420)
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