ग्रामीण विकास मंत्रालय
श्री नरेंद्र भूषण ने 18वें सिविल सेवा दिवस सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में हुए बदलाव को रेखांकित किया
18वें सिविल सेवा दिवस के अवसर पर "पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: भारत की नेट जीरो यात्रा को गति देना" विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया
सिविल सेवा दिवस पर पीएम सूर्य घर योजना से नागरिक सशक्तिकरण और भारत की नेट ज़ीरो महत्वाकांक्षा को बढ़ावा
प्रविष्टि तिथि:
21 APR 2026 6:19PM by PIB Delhi
ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 18वें सिविल सेवा दिवस के दौरान एक सत्र को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के अग्रणी राज्य बनने के प्रयासों को रेखांकित किया।

उन्होंने बताया कि “विकसित भारत: नागरिक-केंद्रित शासन और अंतिम छोर तक सेवा वितरण” थीम के अंतर्गत “पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से भारत की नेट ज़ीरो राह को गति देना” विषय पर आयोजित विशेष सत्र में विभिन्न राज्यों में इस योजना के सफल क्रियान्वयन पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

श्री भूषण ने जोर देते हुए कहा कि यह पहल न केवल ऊर्जा दक्षता को बढ़ा रही है, बल्कि नागरिकों को सशक्त भी बना रही है, जिससे वे केवल बिजली उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि उत्पादक भी बन रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में यह बदलाव तेजी गति पकड़ रहा है, जहां ग्रामीण परिवार छतों पर सौर पैनल स्थापित कर सशक्तिकरण के प्रतीक महसूस कर रहे हैं।
मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र और निगरानी
इस योजना को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में एकीकृत किया गया है, जिससे उच्च स्तर पर दैनिक निगरानी संभव हो रही है। जिला स्तर पर युवा अधिकारियों के नेतृत्व में स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक माहौल विकसित किया गया है।
शहरी और ग्रामीण सफलता
लगभग 90,000 इंस्टॉलेशन के साथ लखनऊ देश का अग्रणी शहर बनकर उभरा है, इसके बाद लगभग 40,000 इंस्टॉलेशन के साथ वाराणसी दूसरे स्थान पर है। यह योजना ग्रामीण और आकांक्षी जिलों में भी प्रभावी रूप से लागू की गई है।
चुनौतियों का समाधान
आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए प्रमुख सौर ऊर्जा कंपनियों और बैंकों के साथ मिलकर प्रयास किए गए हैं जिससे योजना की निरंतर प्रगति सुनिश्चित हो सके।
अपने समापन संबोधन में श्री भूषण ने कहा कि नेट ज़ीरो लक्ष्य प्राप्त करने के लिए केवल मांग बढ़ाना ही नहीं, बल्कि आपूर्ति पक्ष की क्षमता को मजबूत करना और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना भी आवश्यक है, जो इस योजना की सफलता की कुंजी हैं।
उन्होंने आगे कहा कि “नौकरी मत खोजो, नौकरी पैदा करो” के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप उत्तर प्रदेश ने अपने विक्रेता आधार को 60 से बढ़ाकर 6,000 कर दिया है। सूर्य मित्र प्रशिक्षण और मुख्यमंत्री युवा योजना जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को आसान ऋण उपलब्ध कराया गया है और उन्हें माइक्रो-वेंडर में बदलकर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
****
पीके/ केसी/ केजे
(रिलीज़ आईडी: 2254324)
आगंतुक पटल : 101