सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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एनएसएफडीसी ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज किया

प्रविष्टि तिथि: 10 APR 2026 5:45PM by PIB Delhi

भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम (एनएसएफडीसी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान एक ऐतिहासिक प्रदर्शन हासिल किया है और अपनी स्थापना के बाद से अब तक का सबसे अधिक ऋण वितरण दर्ज किया है।

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, एनएसएफडीसी ने 775.26 करोड़ रुपये का वितरण किया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यह निगम के 37 वर्षों के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक वार्षिक ऋण वितरण है। निगम ने अपनी पहुंच का भी उल्लेखनीय विस्तार किया और 59,002 लाभार्थियों को कवर किया, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 41.32 प्रतिशत की वृद्धि है। इनमें से 39,804 महिला लाभार्थी थीं, जो 48 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है और समावेशी एवं लैंगिक रूप से संवेदनशील विकास पर एनएसएफडीसी के फोकस की पुष्टि करती हैं।

विश्‍वास योजना (ब्याज सब्सिडी योजना) के अंतर्गत, एनएसएफडीसी ने 26.09 करोड़ रुपये वितरित किए, जिससे 98,748 व्यक्तियों को लाभ हुआ। पिछले वर्ष की तुलना में इसमें 334 प्रतिशत से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इसी प्रकार, एसईईडी योजना के तहत, चार राज्यों में 1,450 स्वयं सहायता समूहों को 11.18 करोड़ रुपये वितरित किए गए, जो वितरण में 76 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। अनुसूचित जाति के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना (एनएफएससी) के अंतर्गत, 215.39 करोड़ रुपये वितरित किए गए जिससे 4,219 छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिली।

अनुसूचित जातियों के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में एनएसएफडीसी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह स्वरोजगार और शिक्षा के लिए रियायती ऋण प्रदान करने के साथ-साथ कौशल विकास और उद्यमिता को भी समर्थन देता है। 1,800 करोड़ रुपये की अधिकृत शेयर पूंजी और 1,515 करोड़ रुपये की चुकता पूंजी के साथ, निगम ने 31 मार्च 2026 तक 9,567.14 करोड़ रुपये का संचयी वितरण किया है, जिससे 16.96 लाख से अधिक अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को लाभ हुआ है।

वर्ष के दौरान, एनएसएफडीसी ने दक्षता और पहुंच बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं। जीआईजीडब्ल्यू 3.0 दिशानिर्देशों और डिजिटल ब्रांड आइडेंटिटी मैनुअल के मानदंडों के अनुरूप एक नई वेबसाइट विकसित की गई है, जो लॉन्च के लिए तैयार है। निगम ने पीएम-सूरज पोर्टल के साथ एकीकृत एक ऋण लेखा और प्रबंधन प्रणाली (एलएएमएस) भी विकसित की है, जिससे ऋण प्रबंधन में संपूर्ण डिजिटलीकरण और बेहतर पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, चैनल भागीदारों के नेटवर्क का विस्तार किया गया है जिसमें चुनिंदा लघु वित्त बैंक शामिल हैं, जिससे रियायती ऋण तक व्यापक पहुंच संभव हो सकेगी।

एनएसएफडीसी ने अपने सहयोगी संस्थानों के लिए मुंबई, सोलन और बेंगलुरु में क्षेत्रीय कार्यशालाओं का आयोजन भी किया और सुगम पहुंच और परिचालन दक्षता में सुधार के लिए दो सरलीकृत योजनाओं - सूक्ष्म ऋण और सावधि ऋण - को शुरू करके अपने ऋण ढांचे को सरल बनाया।

वित्तीय वर्ष 2025-26 का प्रदर्शन लक्षित वित्तीय और विकासात्मक हस्तक्षेपों के माध्यम से समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के प्रति एनएसएफडीसी की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। निगम आने वाले वर्षों में अपनी पहुंच और प्रभाव को और अधिक विस्तारित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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