सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

एम.ओ.एस.पी.आई. ने नई उपलब्धि हासिल की: दशकों में पहली बार अनिगमित निर्माण क्षेत्र का गहन विश्लेषण


लगभग 1 करोड़ परिवारों ने अपने घर बनाए या निजी उपयोग के लिए निर्माण किया

10 लाख से अधिक छोटे निर्माताओं ने अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया: अनिगमित निर्माण क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया गया

प्रविष्टि तिथि: 10 APR 2026 4:00PM by PIB Delhi

स्नैपशॉट:

  • एम.ओ.एस.पी.आई. ने निर्माण कार्य पर मार्गदर्शी अध्ययन की तकनीकी रिपोर्ट जारी की है—जो दशकों में रा.सां.का. (एन.एस.ओ.) का ऐसा पहला प्रयास है, जिसके अंतर्गत पिछले 365 दिनों की संदर्भ अवधि में, अनिगमित क्षेत्र में निर्माण कार्यकलापों और परिवारों द्वारा अपने स्वयं के लिए किए गए निर्माण कार्यों के प्रमुख आर्थिक संकेतकों का अनुमान लगाया गया है।
  • संदर्भ अवधि के दौरान, अनुमानित 98.54 लाख परिवारों ने अपने स्वयं के उपयोग के लिए 'स्व-खाता निर्माण' कार्य किया।
  • अनुमान है कि 10.27 लाख निर्माण एजेंसियां (अनिगमित स्थापनाएँ) इस क्षेत्र में संलग्न थीं।
  • इनमें से लगभग 77 प्रतिशत एजेंसियां ने कम-से-कम एक भाड़े के कामगार को काफी नियमित आधार पर काम पर रखा ।
  • ऐसे निर्माण स्थापनाओं के स्वामित्व वाली स्थायी परिसंपत्तियों का अनुमानित औसत मूल्य ₹5.21 लाख था ।
  • लगभग 23% ग्रामीण परिवारों ने, जो अपने निजी इस्तेमाल के लिए स्वयं ही निर्माण कार्य करवा रहे थे, संस्थागत वित्तपोषण का लाभ उठाया; यह ग्रामीण क्षेत्रों में औपचारिक ऋण तक बढ़ती पहुँच को दर्शाता है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एम.ओ.एस.पी.आई) ने एक तकनीकी रिपोर्ट जारी की है, जिसमें अनिगमित निर्माण एजेंसियां (अनिगमित क्षेत्र के स्थापनाओं) और परिवारों में निर्माण कार्यकलापों पर किए गए एक मार्गदर्शी अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए हैं। यह अध्ययन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा दशकों में किया गया पहला व्यापक प्रयास है, जिसका उद्देश्य अनिगमित निर्माण एजेंसियों (निर्माण कार्यकलाप में लगी हुई स्थापनाओं) द्वारा की जाने वाली निर्माण कार्यकलापों, साथ ही परिवारों द्वारा अपने निजी उपयोग के लिए किए जाने वाले 'स्व-खाता निर्माण' के प्रमुख आर्थिक संकेतकों का अनुमान लगाना है। यह अध्ययन एम.ओ.एस.पी.आई. के उन लगातार प्रयासों को रेखांकित करता है, जिनका उद्देश्य उन क्षेत्रों में आंकड़ों की गंभीर कमियों को दूर करना है, जहाँ विश्वसनीय जानकारी सीमित रही है। इस मार्गदर्शी अध्ययन से प्राप्त आंकड़ों ने एम.ओ.एस.पी.आई. द्वारा जारी राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी की संशोधित श्रृंखला के लिए एक महत्वपूर्ण इनपुट का भी काम किया। व्याप्ति, प्रतिचयन रणनीति, आंकडा एकत्रण तंत्र आदि के संदर्भ में इस मार्गदर्शी अध्ययन का एक संक्षिप्त अवलोकन 'एंडनोट' में दिया गया है।

भारतीय अर्थव्यवस्था में निर्माण क्षेत्र एक अहम भूमिका निभाता है; यह विकास को गति देने के साथ-साथ आर्थिक प्रगति के एक संकेतक के रूप में भी काम करता है। विकास के एक प्रमुख संचालक के तौर पर, यह उत्पादन, रोज़गार और पूंजी निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है, और साथ ही अर्थव्यवस्था के विभिन्न अन्य उप-क्षेत्रों के साथ आगे और पीछे सुदृढ़ संपर्क भी बनाए रखता है। हालांकि, निर्माण क्षेत्र के निगमित हिस्से को हाल ही में शुरू किए गए 'निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण' (.एस.आई.एस.एस..) के अंतर्गत शामिल किया जाना है, लेकिन भारत में अनिगमित निर्माण उद्यमों और अपने निजी उपयोग के लिए स्वयं निर्माण कार्य करने वाले परिवारों के संबंध में उपलब्ध आंकड़ा अभी भी सीमित है। निर्माण क्षेत्र में प्रमुख आर्थिक मापदंडों के मज़बूत और विश्वसनीय अनुमान तैयार करने के महत्व को पहचानते हुए, यह मार्गदर्शी अध्ययन 'अनिगमित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण' (.एस.यू.एस..) 2025 के साथ-साथ, जुलाई से दिसंबर 2025 की सर्वेक्षण अवधि के दौरान, उन्हीं 'प्रथम चरण इकाइयों' (एफ.एस.यू.यों) में किया गया।

इस मार्गदर्शी अध्ययन को, व्ययों और प्राप्तियों को दर्ज करने के अलावा, स्थापनाओं (बाज़ार-आधारित और गैर-बाज़ार-आधारित दोनों) के लिए रोज़गार और आर्थिक मापदंडों के एक व्यापक समूह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र करने के लिए अभिकल्प किया गया था; इसमें अचल परिसंपत्तियाँ, बकाया ऋण और व्यय के विभिन्न घटक शामिल हैं। परिवारों के लिए, यह निर्माण कार्यकलापों पर होने वाले व्यय, श्रम की भागीदारी के विवरण और वित्त के स्रोतों को दर्ज करने पर केंद्रित है।

इस मार्गदर्शी अध्ययन के निष्कर्षों ने राष्ट्रीय लेखा प्रभाग (एन.ए.डी.) के लिए एक महत्वपूर्ण इनपुट का काम किया, जिससे राष्ट्रीय लेखा की नई श्रृंखला के अंतर्गत निर्माण क्षेत्र में विभिन्न आर्थिक संकेतकों का अनुमान लगाने के लिए उपयोग की जाने वाली दरों और अनुपातों को अद्यतन करने और परिष्कृत करने में मदद मिली।

 

संचालित निर्माण गतिविधियों की अनुमानित संख्या:

यह आकलन किया गया था कि पिछले 365 दिनों[1] (आकलन की संदर्भ अवधि) के दौरान 98.54 लाख परिवारों ने निर्माण कार्य किया है। यह भी आकलन किया गया था कि 10.27 लाख अनिगमित निर्माण एजेंसियां इस क्षेत्र  में संलग्न थीं, जिनमें बाज़ार-आधारित और गैर-बाज़ार-आधारित, दोनों प्रकार के स्थापना शामिल थे।

निर्माण क्षेत्र में कार्यरत कामगारों की औसत संख्या:

औसतन, निर्माण कार्यों में लगे एक अनिगमित बिल्डर में संदर्भ अवधि के दौरान लगभग पाँच कर्मचारी कार्यरत थे। इसके अलावा, ऐसे लगभग 77 प्रतिशत स्थापनाओं ने बताया कि वे काफी नियमित आधार पर कम से कम एक नियुक्त कर्मचारी को काम पर रखते हैं।

संदर्भ अवधि के दौरान, अपने स्वयं के उपयोग के लिए स्वयं निर्माण कार्य करने वाले एक परिवार ने औसतन लगभग चार श्रमिकों को काम पर लगाया।

अचल परिसंपत्ति और ऋण :

निर्माण कार्य में लगे सभी अनिगमित स्थापना के पास मौजूद अचल परिसंपत्ति का अनुमान ₹5.21 लाख लगाया गया है। इस क्षेत्र में हर स्थापना पर बकाया ऋण से पता चलने वाली वित्तीय पहुंच का अनुमान ₹1.40 लाख से थोड़ा अधिक लगाया गया है।

मूल्य संवर्धन और उत्पादकता:

अनिगमित निर्माण क्षेत्र के लिए, प्रति बाज़ार स्थापना[2] जी.वी.ए. लगभग 7.98 लाख रुपये और प्रति स्थापना संबंधित उत्पादन 16.25 लाख रुपये अनुमानित किया गया था।

एन.वी.ए. और प्रति गैर-बाजार स्थापना उत्पादन क्रमशः 2.77 लाख रुपये और 5.59 लाख रुपये पाया गया।

 

 

घरेलू निर्माण गतिविधियों के वित्तपोषण के स्रोत और लागत संरचना

औसतन, लगभग 97% परिवारों ने निर्माण कार्य करने के लिए धन के स्रोतों में से एक के रूप में अपनी स्वयं की आय का उल्लेख किया, जो निर्माण पर व्यय की गई कुल राशि का लगभग 77% था।

लगभग 21% परिवारों ने अपने निर्माण कार्यों के वित्तपोषण के लिए संस्थागत (वित्तीय या गैर-वित्तीय) ऋण का लाभ उठाया, जो कुल निर्माण व्यय का लगभग 17% था। संस्थागत ऋण लेने वाले परिवारों का अनुपात शहरी क्षेत्रों (13%) की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों (23%) में अधिक था।

घरेलू निर्माण व्यय का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा निर्माण सामग्री पर खर्च हुआ, जबकि मज़दूरी पर लगभग 22 प्रतिशत खर्च हुआ। निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री में, ईंटें, सीमेंट, और लोहा व स्टील—इन तीनों का कुल खर्च में लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा था।

चित्र-3: सामग्री पर व्यय का प्रतिशत वितरण: परिवार

* अन्य में पेट्रोलियम, कोल तार उत्पाद, काँच और काँच के उत्पाद तथा अन्य सामग्री शामिल हैं।

 

चित्र-4: सामग्री व्यय का प्रतिशत वितरण: स्थापना

* अन्य में पेट्रोलियम, कोल तार उत्पाद, काँच और काँच के उत्पाद तथा अन्य सामग्री शामिल हैं।

 

 

 

 

 

मार्गदर्शी अध्ययन के प्रमुख सूचकांकों के आकलन नीचे दी गई तालिका 1 में दिए गए हैं। विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट में प्रमुख राज्यों के बारे में भी जानकारी उपलब्ध है और यह मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है (https://www.mospi.gov.in)इसके अलावा, एनएसओ के अन्य सर्वेक्षणो के परिणामों पर इंटरैक्टिव टेबल और विज़ुअलाइज़ेशन के आंकड़े  https://esankhyiki.mospi.gov.in/ के कैटलॉग सेक्शन में देखे जा सकते हैं।

 

सारणी 1: अनिगमित क्षेत्र के स्थापनाओं और परिवारों में निर्माण गतिविधियों पर मार्गदर्शी अध्ययन से प्राप्त प्रमुख सूचकांकों के अनुमान

सूचकांक

ग्रामीण

शहरी

ग्रामीण + शहरी

(1)

(2)

(3)

(4)

निजी उपयोग के लिए स्वयं निर्माण कार्य करने वाले परिवारों की संख्या

75,07,391

23,47,089

98,54,480

गैर-निगमित निर्माण गतिविधियों में संलग्न स्थापनाओं की संख्या

6,51,791

3,75,168

10,26,959

स्वयं निर्माण कार्य करने वाले प्रति परिवार संलग्न श्रमिकों की संख्या

4.2

4.4

4.3

गैर-निगमित निर्माण गतिविधियों में प्रति स्थापना संलग्न श्रमिकों की संख्या

4.5

5.5

4.8

प्रति बाज़ार स्थापना जी.वी.. (रु.)

5,51,379

12,10,316

7,97,598

उपसंहार (एंडनोट): अनिगमित क्षेत्र के स्थापनाओं और परिवारों में निर्माण गतिविधियों पर आधारित मार्गदर्शी अध्ययन में व्याप्ति, प्रतिचयन योजना, प्रतिदर्श आकार और आंकड़ा संग्रहण तंत्र के बारे में संक्षिप्त विवरण:

. मार्गदर्शी सर्वेक्षण की व्याप्ति :

.1. अनिगमित स्थापना : निर्माण गतिविधियों में संलग्न बाज़ार और गैर-बाज़ार स्थापना।

.2. परिवार: परिवारों द्वारा अपने स्वयं के उपयोग के लिए किया गया स्वयं-खाता निर्माण

A.3. निर्माण कार्यकलाप : इस मार्गदर्शी अध्ययन के उद्देश्य से, 2-अंकीय रा... (2008) संकेतांक 41, 42 और 43 के अंतर्गत आने वाली सभी गतिविधियों को निर्माण की परिभाषा में शामिल किया गया।

.4. निर्माण पर व्यय (पिछले 365 दिनों या पिछले वित्तीय वर्ष के लिए): निर्माण गतिविधियों में लगे स्थापनाओं, साथ ही अपने निजी इस्तेमाल के लिए स्वयं निर्माण करने वाले परिवारों की पात्रता इस आधार पर तय की गई थी कि क्या उनका व्यय पहले से तय सीमा से अधिक था; यह सीमा क्षेत्र और प्रतिदर्श इकाई के प्रकार के अनुसार अलग-अलग थी। संस्थानों के लिए व्यय की सीमा ग्रामीण इलाकों में ₹25,000 और शहरी इलाकों में ₹50,000 तय की गई थी, जबकि परिवारों के लिए यह सीमा ग्रामीण इलाकों में ₹10,000 और शहरी इलाकों में ₹20,000 थी। इन निर्धारित सीमाओं से कम राशि का कोई भी निर्माण व्यय इस मार्गदर्शी अध्ययन के लिए निर्माण कार्य नहीं माना गया।

बी. प्रतिदर्श योजना:

यह सर्वेक्षण एक बहु-स्तरीय स्तरीकृत प्रतिदर्श योजना के अंतर्गत किया गया है, जिसमें प्रथम-स्तरीय इकाइयाँ (प्र...यों) ग्रामीण क्षेत्रों में जनगणना गाँव और शहरी क्षेत्रों में यू.एफ.एस. (शहरी फ्रेम सर्वेक्षण) खंड थीं। अंतिम-स्तरीय इकाइयाँ (यू.एस.यू.) या तो निर्माण गतिविधियों में संलग्न स्थापना थीं, अथवा ऐसे परिवार थे जिन्होंने अपने स्वयं के उपयोग के लिए अपने स्वयं के खाते पर निर्माण कार्य करवाया था।   

सी. प्रतिदर्श आकार :

मार्गदर्शी अध्ययन में, कुल 19,154 परिवारों, 4,470 बाज़ार स्थापनाओं और 717 गैर-बाज़ार स्थापनाओं से आंकड़ा एकत्र किया गया; यह आंकड़ा 11,981 सर्वेक्षण किए गए प्र..., (5,104 ग्रामीण और 6,877 शहरी क्षेत्रों में) से संबंधित था।

डी. आंकड़ा संग्रहण तंत्र:

यह मार्गदर्शी अध्ययनक्षेत्रीय फ्रेम' पर आधारित है, और इसमें ग्रामीण तथा शहरी, दोनों क्षेत्रों के चुने हुए गए प्र... में स्थित स्थापनाओं/परिवारों की सूची तैयार की गई है। अधिकतर मामलों में, चुने हुए स्थापनाओं/परिवारों से पिछले 365 दिनों का आंकड़ा मौखिक पूछताछ के माध्यम से एकत्र किया गया। इस सर्वेक्षण का आंकड़ा टैबलेट का उपयोग करके 'कंप्यूटर असिस्टेड पर्सनल इंटरव्यूइंग' (सी..पी.आई.) विधि से एकत्र किया गया।

यह मार्गदर्शी अध्ययन, 'वार्षिक अनिगमित क्षेत्र उद्यम सर्वेक्षण' (.एस.यू.एस..) 2025 के साथ, जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 की सर्वेक्षण अवधि के लिए चुने गए उन्हीं प्र... (प्रथम चरण इकाइयों) में किया गया है। .एस.यू.एस.. की सूचीकरण अनुसूची में उपयुक्त संशोधन किए गए, ताकि इस मार्गदर्शी अध्ययन के दायरे में आने वाले निर्माण कार्य में संलग्न स्थापनाओं और परिवारों की सूची बनाने और उनके चयन को इसमें शामिल किया जा सके। निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी एकत्र करने के लिए, स्थापनाओं की विस्तृत अनुसूची का सर्वेक्षण .एस.यू.एस.. से स्वतंत्र रूप से किया गया।

. मार्गदर्शी अध्ययन की विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट:

मार्गदर्शी अध्ययन के उद्देश्यों, व्याप्ति, संकल्पनाओं, कार्यप्रणाली और मुख्य निष्कर्षों की विस्तृत जानकारी के लिए, रा.सां.का. और एम.ओ.एस.पी.आई. द्वारा प्रकाशित 'अनिगमित क्षेत्र के स्थापनाओं और परिवारों में निर्माण गतिविधियों पर मार्गदर्शी अध्ययन' (Pilot Study on Construction Activities in Unincorporated Sector Establishments and Households) नामक तकनीकी रिपोर्ट को देखा जा सकता है; यह रिपोर्ट मंत्रालय की वेबसाइट (https://www.mospi.gov.in) पर उपलब्ध है।

एम.ओ.एस.पी.आई. के प्रकाशनों/रिपोर्टों तक पहुँचने के लिए QR कोड स्कैन करें।

 

 


 

 


(रिलीज़ आईडी: 2250813) आगंतुक पटल : 119
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English