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‘युविका’ कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं को सशक्त बनाकर, अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भावी करियर के लिए प्रेरित कर रहा है: डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में लिखित उत्तर में जानकारी दी


सरकार 'युविका' कार्यक्रम के माध्यम से अंतरिक्ष क्षेत्र में शुरुआती स्तर पर ही प्रतिभाओं की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है; इस कार्यक्रम से 1,320 छात्रों को लाभ मिला, जो अंतरिक्ष विज्ञान में बढ़ती रुचि को दर्शाता हैः डॉ. जितेंद्र सिंह

'युविका' जैसी लक्षित पहलों के माध्यम से युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है और योग्यता-आधारित चयन से कार्यक्रम में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है: डॉ. जितेंद्र सिंह

प्रविष्टि तिथि: 01 APR 2026 5:34PM by PIB Delhi

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों के बारे में उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 'युवा विज्ञानी कार्यक्रम' (युविका) स्कूली छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

संसद के मौजूदा बजट सत्र के दौरान लोकसभा में श्रीमती अनीता नागरसिंह चौहान द्वारा पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि 'युविकाको विशेष रूप से प्रारंभिक चरण में छात्रों के बीच अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने विस्तार से बताया कि यह कार्यक्रम पूरे देश में कक्षा 9 में पढ़ने वाले छात्रों के लिए है। इसका उद्देश्य उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इसके अनुप्रयोगों की बुनियादी समझ प्रदान करना है, साथ ही उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान को भावी करियर के रूप में चुनने के लिए प्रेरित करना भी है।

चयन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों को उनकी शैक्षणिक योग्यताओं की ऑनलाइन स्क्रीनिंग और उसके बाद एक ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाता है। अंतिम चयन, क्रेडेंशियल्स (योग्यता) के  सत्यापन के बाद किया जाता है, जिससे एक निष्पक्ष और योग्यता-आधारित प्रक्रिया सुनिश्चित होती है।

इस कार्यक्रम के विस्तार और पहुंच के बारे में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अब तक कुल 1,320 छात्रों को 'युविकासे लाभ मिला है, जो अंतरिक्ष से संबंधित विषयों के प्रति युवा छात्रों के बीच बढ़ते उत्साह को दर्शाता है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने समावेशी भागीदारी के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर ज़ोर देते हुए कहा कि व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान शामिल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया है, जिससे समान अवसर उपलब्ध हो सकें और देश के हर कोने से प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिल सके।

केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि 'युविका' जैसी पहलें एक वैज्ञानिक रूप से सशक्त भारत के निर्माण और प्रारंभिक स्तर पर ही प्रतिभाओं की पहचान करने व उन्हें निखारने के माध्यम से अंतरिक्ष क्षेत्र में देश की क्षमताओं को मजबूत करने की व्यापक परिकल्पना के अनुरूप हैं।

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पीके/केसी/एसके

 


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