गृह मंत्रालय
जेल डेटा संग्रह संकेतकों में सुधार
प्रविष्टि तिथि:
01 APR 2026 2:40PM by PIB Delhi
'प्रिजन स्टैटिस्टिक्स इंडिया (पीएसआई)' वर्षो से एक वार्षिक सांख्यिकी संकलन के रूप में कार्य करता रहता है, भारत सरकार ने अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली (आईसीजेएस) के अंतर्गत पारंपरिक समग्र डेटा प्रणाली से रियल टाइम, विस्तृत डेटा प्रणाली की ओर बढ़ने की कोशिश की है। यह प्रणाली पुलिस (अपराध और अपराधी ट्रैकिंग एवं नेटवर्क प्रणाली), ई-फोरेंसिक, ई-कोर्ट, ई-अभियोजन और ई-जेल जैसे विभिन्न स्तंभों के माध्यम से कार्य करती है। जेल की अवधि, जमानत की स्थिति आदि जैसे कार्यात्मक संकेतकों को आईसीजेएस के विभिन्न स्तंभों के माध्यम से सक्रिय रूप से एकत्रित एवं निगरानी की जाती है।
इन मापदंडों को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म में शामिल होना यह सुनिश्चित करता है कि डेटा केवल रिकॉर्ड रखने के लिए ही एकत्रित नहीं किया जाता है बल्कि इसका उपयोग सक्रिय केस प्रबंधन और जेल प्रशासन में प्रणालीगत पारदर्शिता एवं जवाबदेही के लिए भी किया जाता है।
परिणामस्वरूप, पीएसआई रिपोर्टिंग प्रारूप का सुधार एक नियमित समन्वय प्रक्रिया का हिस्सा है ताकि वार्षिक सांख्यिकी प्रकाशनों को आईसीजेएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध परिष्कृत लेनदेन डेटा के साथ संरेखित किया जा सके।
यह जानकारी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री बंदी संजय कुमार ने आड राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
पीके/केसी/एके
(रिलीज़ आईडी: 2247820)
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