गृह मंत्रालय
मूशाहरी समिति की सिफारिशों का कार्यान्वयन
प्रविष्टि तिथि:
01 APR 2026 2:37PM by PIB Delhi
“पुलिस” भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची-II (राज्य सूची) का विषय है। पुलिस के कार्यों की दक्षता, प्रभावशीलता और जवाबदेही में सुधार हेतु पुलिस सुधार उपायों को लागू करना मुख्यतः राज्य सरकारों/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रशासन की जिम्मेदारी है। केन्द्र सरकार समय-समय पर पुलिस सुधारों से संबंधित विषयों पर राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को परामर्श जारी करती है।
सरकार ने पुलिस सुधारों पर पूर्व आयोगों/समितियों की सिफारिशों की समीक्षा के लिए श्री आर.एस. मूशाहरी की अध्यक्षता में एक समीक्षा समिति का गठन किया था। इस समिति ने 49 सिफारिशों की संक्षिप्त सूची तैयार की थी। चूंकि “पुलिस” राज्य का विषय है, इसलिए समिति की सिफारिशों को उचित कार्रवाई के लिए राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को भेजा गया। कार्यान्वयन की स्थिति राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों में उनकी प्रशासनिक व्यवस्थाओं के अनुसार भिन्न हो सकती है।
समिति की सिफारिशों का परीक्षण वर्तमान कानूनी और प्रशासनिक ढांचे के संदर्भ में किया गया है। आपराधिक न्याय प्रणाली से संबंधित विभिन्न आवश्यकताओं और सुझावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 को कानून का रूप दिया गया है, जिन्होंने पूर्ववर्ती कानूनों का स्थान लिया है।
यह जानकारी गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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पीके/जेके/केपी
(रिलीज़ आईडी: 2247815)
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