जल शक्ति मंत्रालय
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जल जीवन मिशन और ग्रामीण पेयजल आपूर्ति

प्रविष्टि तिथि: 30 MAR 2026 4:05PM by PIB Delhi

देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को पीने का सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के लिए, अगस्त 2019 से सरकार राज्यों के साथ साझेदारी में जल जीवन मिशन (जेजेएम) – हर घर जल लागू कर रही है। इस पहल के तहत, नल के पानी के कनेक्शन के माध्यम से नियमित और लंबे समय तक, तय गुणवत्ता वाला पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाता है।

मिशन की शुरुआत में केवल 3.23 करोड़ (16.7 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों के पास नल के पानी का कनेक्शन होने की सूचना थी। अब तक, 03.03.2026 तक राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जल जीवन मिशन (जेजेएम) – हर घर जल के तहत 12.58 करोड़ से अधिक अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को नल के पानी के कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इस प्रकार, 03.03.2026 तक देश के लगभग 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से करीब 15.82 करोड़ (81.71 प्रतिशत) परिवारों के घरों में नल के पानी की आपूर्ति होने की सूचना है।

ग्रामीण क्षेत्रों में इस मिशन के तहत दिए गए नल के पानी के कनेक्शन की वर्ष-वार, राज्य/केन्‍द्र शासित प्रदेश-वार, जिला-वार और गांव-वार स्थिति सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है और इसे जेजेएम डैशबोर्ड पर देखा जा सकता है:

https://ejalshakti.gov.in/jjmreport/JJMIndia.aspx

विभाग, मिशन के तहत दिए गए घरेलू नल जल कनेक्शनों की कार्यक्षमता का मूल्यांकन एक स्वतंत्र तीसरी एजेंसी के माध्यम से करता है, जिसका चयन मानक सांख्यिकीय सैंपलिंग के आधार पर किया जाता है। कार्यक्षमता मूल्यांकन, 2024 के दौरान पाया गया कि सर्वेक्षण किए गए गांवों के 98.1 प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन थे; नल कनेक्शन वाले 87 प्रतिशत परिवारों ने उन्‍हें पिछले सप्ताह पानी प्राप्त हुआ, जो समग्र प्रगति को दर्शाता है; 84 प्रतिशत परिवारों को निर्धारित समय के अनुसार पानी मिल रहा है; 80 प्रतिशत परिवारों को न्यूनतम 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन पानी मिल रहा है; 76 प्रतिशत परिवारों को बैक्टीरियोलॉजिकल प्रदूषण से मुक्त पानी मिल रहा है और 81 प्रतिशत जल आपूर्ति स्रोत रासायनिक प्रदूषण से मुक्त पाए गए। मात्रा, गुणवत्ता और नियमितता के मानकों को ध्यान में रखते हुए, 76 प्रतिशत घरेलू नल जल कनेक्शन कार्यशील पाए गए।

देश भर में जेजेएम की योजना बनाने और उसे तेज़ी से लागू करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं, इनमें, अन्य बातों के साथ-साथ, कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा, क्षमता निर्माण के लिए वर्कशॉप/सम्‍मेलन/वेबिनार, प्रशिक्षण, ज्ञान साझा करना, तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए बहु-विषयक टीमों द्वारा फील्ड विज़िट आदि शामिल हैं। जेजेएम के कार्यान्वयन के लिए एक विस्तृत संचालन दिशानिर्देश तैयार किए गए हैं; ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने हेतु ग्राम पंचायतों और वीडब्‍ल्‍यूएससी के लिए मार्गदर्शिका तथा आंगनवाड़ी केन्‍द्रों, आश्रमशालाओं और स्कूलों में पाइप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अभियान के दिशा-निर्देश भी राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के साथ साझा किए गए हैं, ताकि जल जीवन मिशन की प्रभावी योजना और कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। ऑनलाइन निगरानी के लिए, जेजेएम–एकीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली (आईएमआईएस) और जेजेएमडैशबोर्ड स्थापित किए गए हैं। 'सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली' (पीएफएमएस) के माध्यम से पारदर्शी ऑनलाइन वित्तीय प्रबंधन का प्रावधान भी किया गया है।

इसके अलावा, जल जीवन मिशन के तहत मौजूदा निगरानी तंत्र को मज़बूत करने और इसके कार्यान्वयन में तेज़ी लाने के उद्देश्य से, दक्षता और प्रभावशीलता में सुधार के लिए हाल ही में जेजेएम के अंतर्गत अनेक कदम उठाए गए हैं।  इनमें गाँव/ज़िला डैशबोर्ड बनाना और गाँव-स्तरीय डैशबोर्ड को ईग्रामस्‍वराज पोर्टल से जोड़ना, ज़िला कलेक्टरों का 'पेयजल संवाद', आईएमआईएस मॉड्यूल के माध्यम से राष्ट्रीय डब्‍ल्‍यूएएसएच विशेषज्ञों (एनडब्‍ल्‍यूई) की भूमिका को संस्थागत रूप देना, टीपीआईए की भूमिका, संबंधित मंत्रालयों के साथ सहयोग को मज़बूत करना, जल स्रोतों की निरंतरता को सुनिश्चित करने के लिए 'निर्णय सहायता प्रणाली', 'समुदाय-प्रबंधित पाइपयुक्त जल प्रणालियों' पर एक हैंडबुक तैयार करना, और एकीकृत पाइपयुक्त जल प्रणाली के लिए एक 'विशिष्ट पहचान संख्या' जारी करना आदि शामिल हैं।

यह जानकारी जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/केपी/एसएस  


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