सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
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उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर 7.83 करोड़ से अधिक उद्यम पंजीकृत; विकास की दिशा बढ़ने के संकेत


भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों  के विकास और संवर्धन में राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के प्रयासों को सुगम बनाया गया

बजट घोषणा 2026-27 में पंजीकृत एमएसएमइ के लिए संस्थागत ऋण तक आसान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए कई अतिरिक्त उपायों की शुरुआत की गई

प्रविष्टि तिथि: 30 MAR 2026 4:10PM by PIB Delhi

वर्ष 2020 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमइ) को वर्गीकृत करने के लिए निवेश और कारोबार के संयुक्त मानदंडों पर आधारित एक संशोधित परिभाषा अपनाई गई थी। एमएसएमइ के पंजीकरण के लिए 01.07.2020 को उद्यम पंजीकरण पोर्टल (यूआरपी) शुरू किया गया था। इसके अलावा, अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमों को औपचारिक रूप देने के लिए 11.01.2023 को 'उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म' (यूएपी) लॉन्च किया गया था। 01.07.2020 को एमएसएमइ  के संशोधित वर्गीकरण मानदंडों को अपनाने के बाद से, 28.02.2026 तक यूआरपी और यूएपी पर 7.83 करोड़ से अधिक उद्यम पंजीकृत हो चुके हैं। पंजीकृत कुल एमएसएमइ का राज्य-वार विवरण अनुलग्नक-I  में दिया गया है।

यूआरपी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24, 2024-25 और 2025-26 (28.02.2026 तक) के अंत में पंजीकृत उद्यमों की कुल संख्या क्रमशः 0.79 करोड़, 1.64 करोड़, 4.12 करोड़, 6.19 करोड़ और 7.83 करोड़ है, जो यूआरपी पर पंजीकृत उद्यमों के विकास के रुझान को दर्शाती है।

सरकार, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों सहित एमएसएमइ के विकास और प्रोत्साहन के लिए विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और नीतिगत पहलों के माध्यम से राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के प्रयासों में सहायता करती है। पंजीकृत एमएसएमइ (जिनमें नए पंजीकृत उद्यम भी शामिल हैं) के लिए संस्थागत ऋण तक पहुँच को आसान बनाने के लिए, प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी योजना, आत्मनिर्भर भारत फंड और पीएम विश्वकर्मा जैसी विभिन्न पहलें लागू हैं।

इसके अतिरिक्त, प्रौद्योगिकी उन्नयन और डिजिटलीकरण अपनाने के माध्यम से एमएसएमई प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने के लिए, एमएसएमई मंत्रालय एमएसएमई चैंपियंस योजना जैसी योजनाएं लागू करता है जिसमें एमएसएमई-सस्टेनेबल (जेडईडी) प्रमाणन योजना, एमएसएमई-प्रतिस्पर्धी (लीन) योजना, एमएसएमई-इनोवेटिव {इनक्यूबेशन, डिजाइन और बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर)} योजना, ग्रीन इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंसिंग फॉर ट्रांसफॉर्मेशन स्कीम (एमएसई- गिफ्ट स्कीम), माइक्रो, और लघु उद्यम सर्कुलर इकोनॉमी में प्रचार और निवेश के लिए योजना (एमएसई- एसपीआईसीई स्कीम), व्यापार सक्षमता और विपणन (टीईएएम) पहल आदि शामिल हैं।

बजट 2026-27 की घोषणाओं के अनुसार, डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म (डिजिटल ऋण मंचों) सहित पंजीकृत एमएसएमई के लिए संस्थागत ऋण तक आसान पहुँच सुनिश्चित करने हेतु निम्नलिखित अतिरिक्त उपायों की घोषणा की गई है:

1. केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा एमएसएमई से की जाने वाली सभी खरीद के लिए 'टीआरइडीएस'  को सेटलमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में अनिवार्य करना, जो अन्य कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करेगा।

2. 'टीआरइडीएस'  प्लेटफॉर्म पर इनवॉइस डिस्काउंटिंग  के लिए सीजीटीएमएसइ -समर्थित क्रेडिट गारंटी सहायता शुरू करना।

3. सरकारी एमएसएमई खरीद पर फाइनेंसरों के साथ सूचना साझा करने में सक्षम बनाने के लिए ‘जेम’ को 'टीआरइडीएस' के साथ एकीकृत करना, जिससे तेज़ और सस्ता ऋण प्राप्त करना सुगम हो सके।

4. द्वितीयक बाजार को गहरा करने, तरलता में सुधार करने और सेटलमेंट की गति बढ़ाने के लिए 'टीआरइडीएस' प्राप्तियों को एसेट-बैक्ड सिक्योरिटीज) के रूप में पेश करना।

इसके अलावा, एमएसएमई के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए, एमएसएमई मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के एमएसएमई/उद्योग विभागों और अन्य एमएसएमई हितधारकों के समन्वय से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सभी हितधारकों की भागीदारी बढ़ाने और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए इन कार्यक्रमों को कार्यशालाओं, सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से संचालित किया जाता है।

यह जानकारी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

अनुलग्नक— 1

01.07.2020 से 28.02.2026 तक उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल और उद्यम एसिस्ट प्लेटफॉर्म पंजीकृत उद्यमों का राज्यवार ब्यौरा

क्रम संख्या

राज्य

कुल पंजीकृत एमएसएमई

1

अंडमान निकोबार द्वीप समूह

22,212

2

आंध्र प्रदेश

3,928,602

3

अरुणाचल प्रदेश

48,870

4

असम

1,512,853

5

बिहार

4,273,285

6

चंडीगढ़

81,054

7

छत्तीसगढ़

1,348,345

8

दिल्ली

1,468,297

9

गोवा

130,080

10

गुजरात

4,369,973

11

हरियाणा

2,018,439

12

हिमाचल प्रदेश

343,104

13

जम्मू कश्मीर

851,815

14

झारखंड

1,558,451

15

कर्नाटक

4,991,314

16

केरल

1,842,567

17

लद्दाख

20,264

18

लक्षद्वीप

2,451

19

मध्य प्रदेश

4,827,725

20

महाराष्ट्र

10,144,478

21

मणिपुर

178,102

22

मेघालय

74,087

23

मिजोरम

52,518

24

नगालैंड

74,746

25

ओडिशा

2,437,145

26

पुडुचेरी

108,206

27

पंजाब

2,137,630

28

राजस्थान

4,446,338

29

सिक्किम

36,269

30

तमिलनाडु

6,227,609

31

तेलंगाना

3,833,083

32

दादरा और नगरहवेली तथा दमन और दियू

35,889

33

त्रिपुरा

314,007

34

उत्तर प्रदेश

8,603,272

35

उत्तराखंड

649,476

36

पश्चिम बंगाल

5,310,326

 

कुल

78,302,882

स्रोत: उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल

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पीके/केसी/एसके/एसएस


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