सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

डेटा की खोज और उपयोगकर्ता के साथ संवाद को बेहतर बनाने के लिए, ईसांख्यिकी पोर्टल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को जोड़ा गया है, और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की नई वेबसाइट पर एआई-सक्षम चैटबॉट उपलब्ध

प्रविष्टि तिथि: 30 MAR 2026 3:28PM by PIB Delhi

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (एनएसएस) को आधुनिक बनाने के लिए कई तकनीकी पहल की हैं। एनएसएस सर्वेक्षणों में प्राथमिक डेटा संग्रह डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाता है, जिसमें कंप्यूटर असिस्टेड पर्सनल इंटरव्यू (सीएपीआई) और वेब-आधारित एप्लिकेशन का उपयोग किया जाता है, इनमें डेटा संग्रह के चरण में ही डेटा की एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए इन-बिल्ट सत्यापन तंत्र मौजूद होते हैं। ये प्रणालियाँ सर्वेक्षण डेटा को वास्तविक समय में जमा करने और सत्यापित करने की सुविधा प्रदान करती हैं, और इन्होंने सर्वेक्षण परिणामों के प्रसंस्करण तथा प्रसार में लगने वाले समय को कम करने में मदद की है। ये डिजिटल प्लेटफॉर्म डेटा संग्रह को आसान बनाने के लिए द्विभाषी (हिंदी/अंग्रेज़ी) इंटरफेस प्रदान करते हैं। कुछ सर्वेक्षणों में, जैसे कि 'निजी कॉर्पोरेट क्षेत्र के पूंजीगत व्यय (कैपेक्‍स) निवेश इरादों पर अग्रगामी सर्वेक्षण', 'उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसआई)' और 'असंगठित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयूएसई)', सीएपीआई/वेब पोर्टल में चैटबॉट-आधारित सुविधाएँ भी शुरू की गई हैं। ये सुविधाएँ डेटा संग्रह के दौरान प्रश्नों को हल करने में उत्तरदाताओं और क्षेत्रीय अधिकारियों की सहायता करती हैं। एकत्रित डेटा की आगे विभिन्न स्तरों पर पर्यवेक्षी अधिकारियों द्वारा जाँच की जाती है, और सर्वेक्षण प्रक्रिया की निगरानी डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से की जाती है।

पूर्व की कागज़-आधारित डेटा संग्रह प्रणाली के तहत, भरे हुए शेड्यूल को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना-लाना पड़ता था और उसके बाद प्रसंस्करण से पहले उनका डिजिटलीकरण किया जाता था, जिससे कुल प्रसंस्करण समय बढ़ जाता था। डिजिटल डेटा संग्रह प्लेटफॉर्म को अपनाने से सर्वेक्षण डेटा को लगभग वास्तविक समय में जमा करना और उसका सत्यापन करना संभव हो गया है, जिससे डेटा प्रोसेसिंग और विश्लेषण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित हो गई है। इसके परिणामस्वरूप, एनएसएस सर्वेक्षणों की वार्षिक रिपोर्ट जारी करने में होने वाली देरी, जो पहले लगभग आठ महीने थी, घटकर अब क्षेत्र-कार्य पूरा होने के बाद घटकर लगभग तीन महीने रह गई है। इसके अलावा, एनएसएस सर्वेक्षणों की मासिक और त्रैमासिक रिपोर्टें (जहाँ भी लागू हों) संबंधित सर्वेक्षण अवधि की समाप्ति के क्रमशः 15 दिन और 40 दिन के भीतर जारी कर दी जाती हैं।

एमओएसपीआई अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक एडवांस रिलीज़ कैलेंडर (एआरसी) प्रकाशित करता है, जिसमें प्रमुख सांख्यिकीय रिपोर्टों और प्रकाशनों, जिनमें राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के अंतर्गत किए गए सर्वेक्षणों पर आधारित रिपोर्टें भी शामिल हैं, के जारी होने का संभावित कार्यक्रम दर्शाया जाता है। एआरसी उपयोगकर्ताओं को विभिन्न रिपोर्टों के संभावित जारी होने की तिथियों के बारे में अग्रिम जानकारी प्रदान करता है।

एमओएसपीआई अपने हितधारकों के लिए जारी की गई रिपोर्टों, डेटासेट और प्रकाशनों की पहुँच, खोजने की क्षमता और उपयोगिता को बेहतर बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग कर रहा है। ईसांख्यिकी पोर्टल में एआई को जोड़ा जा रहा है और एमओएसपीआई की नई वेबसाइट पर डेटा खोज और उपयोगकर्ता संवाद को बेहतर बनाने के लिए एआई-सक्षम चैटबॉट भी शुरू किया गया है। हालांकि, एआई-सक्षम उपकरणों के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई है।

यह जानकारी आज राज्यसभा में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), योजना मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संस्कृति मंत्रालय में राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने दी।

******

पीके/केसी/केपी/एसएस


(रिलीज़ आईडी: 2247025) आगंतुक पटल : 41
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu