सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय
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₹150 करोड़ और उससे अधिक लागत वाली केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं पर फ्लैश रिपोर्ट


PAIMANA (पैमाना) पोर्टल फरवरी 2026 तक ₹41.98 लाख करोड़ मूल्य की 1,948 अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी कर रहा है

प्रविष्टि तिथि: 25 MAR 2026 4:00PM by PIB Delhi

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय अपने PAIMANA (पैमाना) प्लेटफॉर्म के माध्यम से केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी को लगातार सुदृढ़ कर रहा है, जिससे बेहतर ट्रैकिंग, समय पर समीक्षा और डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायता मिल रही है। यह पोर्टल फरवरी 2026 तक ₹41.98 लाख करोड़ की कुल संशोधित लागत वाली 1,948 प्रगति पर चल रही अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी कर रहा है।

मुख्य बिंदु

- फरवरी 2026 तक, 17 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के अंतर्गत ₹41.98 लाख करोड़ की कुल संशोधित लागत वाली 1,948 प्रगति पर चल रही अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है। इन परियोजनाओं पर अब तक ₹19.71 लाख करोड़ का संचयी व्यय किया जा चुका है, जो संशोधित लागत का लगभग 46.95 प्रतिशत है, जो परियोजना क्रियान्वयन में स्थिर प्रगति को दर्शाता है।

- परियोजनाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उन्नत चरण में है, जिसमें 740 परियोजनाएं (~38%) 80% से अधिक भौतिक प्रगति प्राप्त कर चुकी हैं, जबकि 250 (~13%) परियोजनाएं 80% से अधिक वित्तीय प्रगति हासिल कर चुकी हैं। आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि परियोजनाएं कार्यान्वयन के प्रारंभिक और उन्नत चरणों में संतुलित रूप से वितरित हैं।

- परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र (डी की हार्मोनाइज्ड मास्टर सूची के अनुसार) में सर्वाधिक 1,421 परियोजनाएं चल रही हैं, जिनकी संशोधित लागत ₹22.96 लाख करोड़ है, जो संपर्क-आधारित अवसंरचना विकास को प्राथमिकता को रेखांकित करता है।

  • कुल 1,948 परियोजनाओं में 793 मेगा परियोजनाएं (₹1,000 करोड़ एवं उससे अधिक लागत) शामिल हैं, जिनकी मूल लागत ₹30.93 लाख करोड़ है, तथा 1,155 प्रमुख परियोजनाएं (₹1,000 करोड़ से कम और ₹150 करोड़ तक) ₹5.39 लाख करोड़ की लागत वाली हैं।
  • भौतिक और वित्तीय प्रगति सामान्यतः समानांतर रूप से आगे बढ़ रही हैं। अनेक परियोजनाएं प्रारंभिक (0–20%) और उन्नत (81–100%) चरणों में केंद्रित हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि नई परियोजनाएं शुरू होने के साथ-साथ कई परियोजनाएं पूर्णता के निकट हैं।

 

2. मंत्रालय/विभागवार प्रगति

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय 1,108 परियोजनाओं (56.88%) के साथ सर्वाधिक परियोजनाओं का क्रियान्वयन कर रहा है तथा ₹10.51 लाख करोड़ (25.05%) लागत हिस्सेदारी रखता है, जो राष्ट्रीय अवसंरचना विकास में इसकी केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है।

रेल मंत्रालय 245 परियोजनाओं (12.58%) का क्रियान्वयन कर रहा है और ₹8.39 लाख करोड़ (20%) के साथ कुल लागत में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखता है।

कोयला मंत्रालय 128 परियोजनाओं (6.57%) का क्रियान्वयन कर रहा है, जिनकी कुल लागत ₹2.4 लाख करोड़ (5.88%) है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग क्रमशः 113, 101, 55 और 49 परियोजनाओं का क्रियान्वयन कर रहे हैं, जिनकी लागत क्रमशः ₹5.15 लाख करोड़, ₹5.25 लाख करोड़, ₹3.95 लाख करोड़ और ₹2.25 लाख करोड़ है।

शेष 149 परियोजनाएं (7.64%), जिनकी कुल लागत ₹3.98 लाख करोड़ (10%) है, उच्च शिक्षा, नागरिक उड्डयन, इस्पात, दूरसंचार, श्रम एवं रोजगार, बंदरगाह, नौवहन एवं जलमार्ग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, खनन, डीपीआईआईटी तथा खेल विभाग सहित विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में वितरित हैं।

संलग्नक-I देखें

 

3. क्षेत्रवार प्रगति (डीईए की हार्मोनाइज्ड मास्टर सूची के अनुसार)

परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र प्रमुख बना हुआ है, जो कुल संशोधित लागत का 55% (₹22.96 लाख करोड़) है और 1,421 परियोजनाओं (73%) में फैला है, जो आर्थिक एकीकरण और लॉजिस्टिक्स दक्षता में इसकी केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है।

ऊर्जा क्षेत्र 220 परियोजनाओं में ₹10.95 लाख करोड़ (26%) लागत के साथ दूसरे स्थान पर है, जो तेल एवं गैस अवसंरचना, विद्युत उत्पादन, संचरण एवं वितरण तथा ऊर्जा भंडारण प्रणालियों पर निरंतर बल को दर्शाता है।

संचार क्षेत्र 14 परियोजनाओं में ₹2.74 लाख करोड़ (7%) के साथ डिजिटल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लक्षित प्रयासों को दर्शाता है।

जल एवं स्वच्छता क्षेत्र 71 परियोजनाओं में ₹2.31 लाख करोड़ (5%) के साथ आवश्यक शहरी सेवाओं पर निरंतर ध्यान को रेखांकित करता है।

सामाजिक एवं वाणिज्यिक अवसंरचना (74 परियोजनाएं, ₹0.79 लाख करोड़ 2%) शिक्षा, स्वास्थ्य, रियल एस्टेट, पर्यटन, आतिथ्य और वेलनेस क्षेत्रों में चयनात्मक निवेश को दर्शाती है।

अन्य श्रेणी की 148 परियोजनाएं ₹2.22 लाख करोड़ (5%) के साथ कोयला, इस्पात, धातु और खनन जैसे क्षेत्रों में विविधता को दर्शाती हैं।
(संलग्नक- II देखें)

 

4. पूर्ण परियोजनाएं एवं नई प्रविष्टियां

  • फरवरी 2026 के दौरान 9 परियोजनाएं चालू की गईं, जिनमें रेलवे तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्र की प्रमुख परिसंपत्तियां शामिल हैं। उल्लेखनीय परियोजनाओं में त्रिवेंद्रमकन्याकुमारी (₹3,785.45 करोड़) तथा पीपी प्रोजेक्ट, पाटा (₹1,299.02 करोड़) शामिल हैं।
  • इसी अवधि में 268 अतिरिक्त परियोजनाओं को पैमाना के अंतर्गत शामिल किया गया, जिनमें से 258 सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, 6 पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा 2-2 जल संसाधन विभाग एवं कोयला मंत्रालय से संबंधित हैं। प्रमुख परियोजनाएं:
  • पेट्रो रेजिड फ्लूडाइज्ड कैटेलिटिक क्रैकिंग (पीआरएफसीसी)) यूनिट एवं संबद्ध सुविधाएं, मुंबई रिफाइनरी (₹13,626 करोड़)
  • केन-बेतवा लिंकिंग विकास परियोजना (₹21,030 करोड़)

 

5. अगली प्रेस विज्ञप्ति

मार्च 2026 माह की फ्लैश रिपोर्ट 25 अप्रैल 2026 को जारी की जाएगी।

 

नोट

यह प्रेस विज्ञप्ति एमओएसपीआई की केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं (₹150 करोड़ और उससे अधिक) पर फरवरी 2026 की फ्लैश रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं का सार प्रस्तुत करती है, जो https://www.ipm.mospi.gov.in/ पर या क्यूआर कोड के माध्यम से उपलब्ध है।

 

पैमाना ₹150 करोड़ और उससे अधिक लागत वाली केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी हेतु एक केंद्रीकृत वेब-आधारित पोर्टल है। यह वन डेटा, वन एंट्री सिद्धांत पर कार्य करते हुए DPIIT के IPMP पोर्टल के साथ API के माध्यम से एकीकृत है, जिससे विभिन्न मंत्रालयों/विभागों से 70% से अधिक परियोजना डेटा स्वतः अद्यतन होता है। पैमाना अवसंरचना निगरानी के मानकीकरण तथा राष्ट्र निर्माण हेतु साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में सहायता प्रदान करने वाले एक राष्ट्रीय भंडार के रूप में भी कार्य करता है।                                                                                                                       

 

  संलग्नक-I

केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की मंत्रालय/विभागवार प्रगति

 

क्रम संख्या

मंत्रालय/विभाग

परियोजनाओं की संख्या

Revised Cost

Cumulative Expenditure (₹ Thousand cr.)

(संख्या)

(₹ Thousand cr.)

1

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय

1108

1051.57

323.51

2

रेल मंत्रालय

245

839.70

561.72

3

कोयला मंत्रालय

128

247.07

78.07

4

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय

113

515.65

290.68

5

विद्युत मंत्रालय

101

525.31

194.61

6

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय

55

395.64

225.53

7

जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग

49

225.69

159.26

8

उच्च शिक्षा विभाग

29

14.45

7.93

9

नागरिक उड्डयन मंत्रालय

26

22.81

10.08

10

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय

23

21.47

8.03

11

इस्पात मंत्रालय

20

23.16

9.66

12

दूरसंचार विभाग

14

274.02

77.30

13

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय

13

3.47

1.85

14

पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय

13

22.48

14.13

15

खान मंत्रालय

7

10.98

7.20

16

उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग

3

4.60

1.33

17

खेल विभाग

1

0.61

0.57

 

कुल

1,948

4,198.68

1,971.45

 

संलग्नक- II

क्षेत्रवार (डी ई ए की अवसंरचना की सामंजस्यपूर्ण मास्टर सूची के अनुसार) केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति का विवरण

 

क्रम संख्या

एचएमएल श्रेणी    

परियोजनाओं की संख्या (संख्या)

संशोधित लागत (₹ हजार करोड़)

संचयी व्यय (₹ हजार करोड़)

1

परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स

1421

2,296.19

1,119.91

2

ऊर्जा

220

1,095.03

512.19

3

जल एवं स्वच्छता

71

231.14

163.21

4

संचार

14

274.02

77.29

5

सामाजिक एवं वाणिज्यिक

74

79.51

32.9

6

अन्य

148

222.77

65.92

 

कुल

1,948

4,198.68

1,971.45

****

पीके/केसी/एके

 


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