वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मज़बूत करने के लिए प्रमुख फिनटेक प्लेटफॉर्म के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए
शुरुआती विकास चरणों में संस्थापकों की मदद के लिए 'स्टार्टअप सहायक' प्लेटफॉर्म आरंभ किया गया
प्रविष्टि तिथि:
25 MAR 2026 4:42PM by PIB Delhi
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मज़बूत करने के लिए प्रमुख फिनटेक प्लेटफॉर्म, Razorpay के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इस सहयोग को समझौते पर हस्ताक्षर करके औपचारिक रूप दिया गया है। इस समझौते का उद्देश्य पूरे देश में स्टार्टअप, इनोवेटर्स और उद्यमियों की मदद करना है।
इस साझेदारी का उद्देश्य स्टार्टअप को वित्तीय साधनों, संस्थापक-सक्षमता कार्यक्रमों और पारिस्थितिकी तंत्र सहायता तक पहुंच प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है, ताकि उनकी वृद्धि को गति मिल सके। उम्मीद है कि यह सहयोग शुरुआती और विकास के चरण वाले स्टार्टअप को डिजिटल भुगतान समाधान, वित्तीय बुनियादी ढांचे और स्टार्टअप सहायता कार्यक्रमों का लाभ उठाकर कुशलतापूर्वक आगे बढ़ने में मदद करेगा। यह सहयोग स्टार्टअप को अपने परिचालन को औपचारिक रूप देने, बनाने और विस्तार करने में मदद करने के लिए निगमन सहायता, परामर्श और संरचित मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा।
इस पहल के हिस्से के रूप में, शुरुआती चरण के संस्थापकों की मदद के लिए 'स्टार्टअप सहायक' नामक समर्पित प्लेटफॉर्म आरंभ किया गया है। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य शुरू से अंत तक सहायता प्रदान करना है, जिसमें कंपनी निगमन, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों तक पहुंच, और फंडिंग के अवसरों पर मार्गदर्शन शामिल है; इस प्रकार, यह स्टार्टअप को संरचित इंटरफेस के माध्यम से आवश्यक पारिस्थितिकी तंत्र सहायता तक पहुंचने में सक्षम बनाता है।
डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव श्री संजीव ने कहा कि यह सहयोग प्रमुख फिनटेक कंपनियों के साथ साझेदारी के माध्यम से भारत की स्टार्टअप पारिस्थितिकी को मज़बूत करने के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि वित्तीय बुनियादी ढांचे और साधनों तक निर्बाध पहुंच को सुगम बनाना स्टार्टअप की वृद्धि को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Razorpay के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह-संस्थापक श्री हर्षिल माथुर ने बताया कि यह साझेदारी नवाचार को सक्षम बनाने और उद्यमिता की यात्रा को अधिक सुलभ और विस्तार योग्य बनाने के साझा दृष्टिकोण से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में, विशेष रूप से टियर 2 और टियर 3 शहरों में स्टार्टअप के बढ़ते उद्भव के साथ मज़बूत बुनियादी ढांचे, परामर्श और इकोसिस्टम सहायता की आवश्यकता भी बढ़ रही है।
इस सहयोग के तहत, डीपीआईआईटी और Razorpay, स्टार्ट अप इंडिया हब के माध्यम से एप्लाइड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विपणन, उत्पाद विकास और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों पर नियमित ज्ञान सत्र आयोजित करेंगे, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँच सुनिश्चित की जा सके। डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को बिना किसी प्रोफेशनल फीस (लागू सरकारी शुल्कों को छोड़कर) के कंपनी बनाने में सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें विभिन्न वित्तीय और बिज़नेस टूल्स पर ऋण और छूट का लाभ भी मिलेगा।
स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण में विकास में सहायता के लिए मेंटरशिप सपोर्ट, पिच डेक रिव्यू, आवेदन संबंधी मार्गदर्शन और विशेष रूप से तैयार किए गए संसाधन भी उपलब्ध होंगे। चुने हुए स्टार्टअप्स को विशेष रूप से तैयार किए गए फाउंडर समुदायों में शामिल किया जाएगा, ताकि वे अपने साथियों से सीख सकें, नेटवर्किंग कर सकें और इंजीनियरिंग, हायरिंग और विपणन जैसे क्षेत्रों में पारिस्थितिकी तंत्र संबंधी अतिरिक्त सहायता प्राप्त कर सकें।
यह सहयोग 'भारत स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज' फ्रेमवर्क के तहत इनोवेशन चुनौतियों के आयोजन की संभावनाओं को भी तलाशेगा, जिसमें फिनटेक-आधारित समस्याओं और डिजिटल इनोवेशन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस समझौते पर डीपीआईआईटी के उप सचिव श्री टी. एल. के. सिंह और Razorpay के मुख्य सूचना अधिकारी श्री आरिफ खान ने दोनों संगठनों के अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।

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पीके/केसी/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2245403)
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