विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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संसद में प्रश्न: छात्राओं को विज्ञान विषय में रुचि जगाने के लिए योजना

प्रविष्टि तिथि: 25 MAR 2026 5:47PM by PIB Delhi

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) वर्ष 2019-20 से मेधावी छात्राओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) क्षेत्रों में उच्च शिक्षा और करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु विज्ञान ज्योति कार्यक्रम चला रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रतिभाओं को बनाए रखते हुए एसटीईएम में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। इसके लिए साल भर विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जैसे व्यावहारिक अनुभव आधारित शिक्षण सत्र, वैज्ञानिक आदर्शों के साथ संवाद, अनुसंधान एवं विकास एवं औद्योगिक प्रयोगशालाओं का दौरा, करियर मार्गदर्शन कार्यशालाएँ और विद्यार्थी-अभिभावक परामर्श सत्र। इन पहलों से छात्राओं को विज्ञान के प्रति जागरूकता मिलती है और उनकी रुचि और रुझान बढ़ता है। अपनी स्थापना के बाद से, विज्ञान ज्योति कार्यक्रम से 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 300 जिलों की 1,12,600 मेधावी छात्राओं को लाभ प्राप्त हुआ है। इसके प्रभाव को और मजबूत करने के लिए, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने विश्वविद्यालयों, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों, सीएसआईआर प्रयोगशालाओं और अन्य प्रतिष्ठित संगठनों सहित 250 से अधिक प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग किया है। ये संस्थान ज्ञान साझेदार के रूप में कार्य करते हैं और विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) में लड़कियों की अधिक भागीदारी को बढ़ावा देने के कार्यक्रम के मिशन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

पिछले तीन वर्षों के दौरान विज्ञान विषय में प्रवेश लेने के लिए प्रोत्साहित की गई छात्राओं का राज्यवार विवरण नीचे दिया गया है:

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

2023-24

2024-25

2025-26

(दिनांक 19.03.2026 तक)

कुल

अंडमान और निकोबार

100

115

100

315

आंध्र प्रदेश

880

889

900

2669

Arunachal Pradesh

233

347

394

974

असम

970

1276

1398

3644

बिहार

912

1243

1197

3352

चंडीगढ़

100

103

100

303

छत्तीसगढ

1066

1397

1398

3861

Dadar, Nagar Haveli, Daman & Diu

200

188

200

588

दिल्ली

195

200

200

595

गोवा

98

100

106

304

Gujarat

1703

1567

1618

4888

हरयाणा

891

1580

1604

4075

हिमाचल प्रदेश

856

972

876

2704

जम्मू और कश्मीर

589

939

897

2425

झारखंड

1017

1265

1287

3569

Karnataka

1030

1278

1300

3608

केरल

810

975

1005

2790

Ladakh

99

200

200

499

Madhya Pradesh

1273

1385

1398

4056

महाराष्ट्र

1496

1709

1803

5008

मणिपुर

289

463

468

1220

मेघालय

300

394

399

1093

मिजोरम

90

87

82

259

नगालैंड

104

97

100

301

ओडिशा

1082

1280

1300

3662

पुदुचेरी

399

396

400

1195

पंजाब

1091

1480

1501

4072

राजस्थान

1263

1712

1798

4773

सिक्किम

167

187

100

454

तेलंगाना

745

771

899

2415

त्रिपुरा

233

299

300

832

उत्तराखंड

861

900

900

2661

Uttar Pradesh

1502

2566

2604

6672

पश्चिम बंगाल

998

1083

1100

3181

यह जानकारी केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

पीके/केसी/एनकेएस/ डीके


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