औषधि विभाग
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9वां फार्मामेड 2026 नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा


फार्मा उद्योग के दिग्ग0ज और नीति निर्माता उच्च स्त रीय वार्ता के लिए साथ आएंगे

'समान स्वास्थ्य सेवा: विकसित भारत के प्रत्येक नागरिक तक पहुंच' विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में नियामक सामंजस्य, नवाचार और दवाओं तक समान पहुंच सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी

प्रविष्टि तिथि: 25 MAR 2026 3:45PM by PIB Delhi

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन औषधि‍ विभाग, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के सहयोग से 27 मार्च, 2026 को नई दिल्ली में 9वें फार्मामेड 2026 का आयोजन करने जा रहा है। एक दिवसीय यह सम्मेलन भारत के फार्मा क्षेत्र के भविष्य पर उच्च स्तरीय चर्चा के लिए औषध जगत के प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाएगा। इसका उद्देश्य गुणवत्ता आश्वासन, नियामक सामंजस्य, नवाचार और दवाओं तक समान पहुंच सहित महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं का समाधान करना है।

'समान स्वास्थ्य सेवा : विकसित भारत के प्रत्येक नागरिक तक पहुंच' विषय पर केंद्रित, 9वां फार्मामेड 2026 एक लक्षित पहल है जिसका उद्देश्य नीति निर्माताओं, नियामकों और उद्योग जगत के दिग्गजों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है ताकि भारत के औषधि क्षेत्र को मजबूत किया जा सके क्योंकि यह मात्रा-आधारित वैश्विक औषधि केंद्र से मूल्य-आधारित वैश्विक औषधि केंद्र में परिवर्तित हो रहा है। फार्मामेड 2026 में कई उच्च स्तरीय सत्र होंगे जिनमें प्रमुख विषयों पर चर्चा की जाएगी, जिनमें शामिल हैं:

  • भारत के औषधि क्षेत्र के नेतृत्व को पुनर्परिभाषित करना: मात्रा से मूल्य तक, नवाचार, अनुसंधान एवं विकास, बायोलॉजिक्स और उन्नत उपचारों पर ध्यान केंद्रित करना।
  • औषधि गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाना: विनियामक सामंजस्य और वैश्विक अनुपालन, जिसमें जीएमपी मानक, विनियामक संरेखण और वैश्विक सर्वोत्तम प्रणालियां शामिल हैं।
  • हाल के नियामकीय घटनाक्रम, जिनमें सीडीएससीओ द्वारा अनुमोदन के बाद के परिवर्तनों (पीएसी) और अनुपालन प्रक्रियाओं पर एक प्रस्तुति शामिल है।
  • आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियां और नकली दवाओं से निपटना, जिसमें एपीआई निर्भरता, लॉजिस्टिक दक्षता और घरेलू विनिर्माण से जुड़ी मजबूती पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
  • दवाओं तक अंतिम-मील पहुंच सुनिश्चित करना, जिसमें डिजिटल स्वास्थ्य, ई-फार्मेसी ढांचे और सामर्थ्य एवं पहुंच में सुधार पर प्रकाश डाला गया है।

प्रमुख वक्ताओं में नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद के पॉल, भारत सरकार के औषधि विभाग के संयुक्त सचिव श्री सत्यप्रकाश टीएल, आईएएस, सीडीएससीओ के डीसीजीआई डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी और यूएस एफडीए के भारत कार्यालय के कंट्री डायरेक्टर श्री ग्रेगरी स्मिथ शामिल हैं। बीआईआरएसी, एनआईपीईआर, आईसीएमआर, आईपीए, फार्माएक्ससिल, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, मैनकाइंड फार्मा, सिप्ला, टाटा 1एमजी, अपोलो फार्मेसी और अन्य प्रमुख संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी चर्चा में भाग लेंगे।

एक प्रमुख उद्योग संगठन के रूप में, पीएचडीसीसीआई आर्थिक विकास को गति देने, उद्योग संवाद को सुविधाजनक बनाने और प्रमुख क्षेत्रों में नीतिगत वकालत का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन औषधि विभाग, विकसित भारत 2047 की व्यापक परिकल्पना के अनुरूप, लक्षित नीतिगत क्रियाकलापों, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और उद्योग-अकादमिक साझेदारी के माध्यम से नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए देश के औषध और चिकित्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र का समर्थन कर रहा है।

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पीके/केसी/एवाई/एम


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