कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
शिल्पकार प्रशिक्षण योजना
प्रविष्टि तिथि:
25 MAR 2026 2:50PM by PIB Delhi
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के अधीन प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) द्वारा युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के नेटवर्क के माध्यम से शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) का कार्यान्वयन किया जाता है। सीटीएस के अंतर्गत देशभर में 14,688 आईटीआई (राजकीय – 3,345 एवं निजी – 11,343) के माध्यम से 169 पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
सीटीएस के अंतर्गत विभिन्न ट्रेडों के पाठ्यक्रमों को उद्योग, शिक्षाविदों तथा राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों के परामर्श से समय-समय पर अद्यतन किया जाता है ताकि उभरती हुई प्रौद्योगिकियों, आधुनिक उपकरणों और उपस्करों का समावेश किया जा सके। इसके अलावा, शिक्षण पद्धति और आकलन प्रणाली को भी सुदृढ़ किया जाता है। ये पहलें प्रशिक्षण को वर्तमान औद्योगिक मानकों के अनुरूप बनाने, समग्र गुणवत्ता एवं नामांकन में सुधार करने तथा प्रशिक्षुओं को वैतनिक रोजगार तथा स्व-रोजगार दोनों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से की गई हैं।
विगत तीन वर्षों के दौरान, कुल 14 सीटीएस पाठ्यक्रम विकसित किए गए हैं तथा 22 मौजूदा पाठ्यक्रमों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप संशोधित किया गया है। आईटीआई में नामांकन वर्ष 2022-23 के 12.51 लाख से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 14.70 लाख हो गया है।
(ख) सीटीएस के अंतर्गत, प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) द्वारा कृत्रिम मेधा, ड्रोन, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर तथा हरित ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों को शामिल करते हुए 31 नवीन युगीन ट्रेड प्रारंभ किए गए हैं। इन नवीन युगीन ट्रेडों को उद्योग तथा अन्य हितधारकों के परामर्श से इस प्रकार अभिकल्पित किया गया है कि प्रशिक्षण को विकसित होती प्रौद्योगिकीय प्रगति और उभरती हुई कौशल आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जा सके। इन 31 नवीन युगीन ट्रेडों का विवरण अनुलग्नक-1 में उपलब्ध है।
(ग) प्रशिक्षकों की क्षमता वृद्धि के उद्देश्य से, शिल्प अनुदेशक प्रशिक्षण योजना (सीआईटीएस) का कार्यान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षक अभ्यर्थियों को व्यावहारिक कौशल तथा प्रशिक्षण पद्धति दोनों में समग्र प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है ताकि वे उद्योग के लिए कुशल जनशक्ति के प्रशिक्षण हेतु आवश्यक तकनीकों से भली-भांति परिचित हो सकें। यह योजना देशभर में 33 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई), 5 एनएसटीआई विस्तार केंद्रों तथा 120 प्रशिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीओटी) के नेटवर्क के माध्यम से संचालित की जा रही है। विगत तीन वर्षों, अर्थात् 2022-23 से 2024-25 के दौरान, सीआईटीएस के अंतर्गत 27,677 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया गया है।
इसके अतिरिक्त, देश में व्यावसायिक प्रशिक्षण की समग्र गुणवत्ता तथा प्रासंगिकता को उन्नत प्रयोगशालाओं, मशीनों तथा उद्योग-अनुरूप पाठ्यक्रमों के माध्यम से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल विकास और रोजगार योग्यता परिवर्तन (पीएम-सेतु) योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत हब तथा स्पोक मॉडल पर 1,000 राजकीय आईटीआई (200 हब आईटीआई एवं 800 स्पोक आईटीआई) का उन्नयन किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें स्मार्ट कक्षाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं, डिजिटल सामग्री तथा उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप नए पाठ्यक्रमों को शामिल किया जा रहा है। यह उन्नयन उद्योग-संचालित विशेष प्रयोजन साधनों (एसपीवी) के माध्यम से किया जाता है। पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत आईटीआई का चयन संबंधित राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों द्वारा उद्योग परामर्श से किया जाता है, जिससे उभरती हुई कौशल आवश्यकताओं और स्थानीय औद्योगिक संभावनाओं के साथ समुचित समन्वय सुनिश्चित हो सके।
(घ) राजकीय आईटीआई में नए ट्रेडों का प्रारंभ तथा सीटों की संख्या में वृद्धि संबंधित राज्य सरकारों एवं संघ राज्य क्षेत्र अभिशासन की जिम्मेदारी है। इस संबंध में प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण निर्धारित संबद्धता मानकों के अनुसार किया जाता है।
सीटीएस के अंतर्गत, बदलती कौशल आवश्यकताओं एवं प्रौद्योगिकीय विकास के अनुरूप नए तथा भावी उन्मुख ट्रेडों को समय-समय पर प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) द्वारा उद्योग और अन्य हितधारकों के परामर्श से प्रारंभ किया जाता है।
अनुलग्नक-I
दिनांक 25.03.2026 को पूछे जाने वाले राज्यसभा अतारांकित प्रश्न संख्या 3793 के उत्तर में संदर्भित अनुलग्नक।
31 नव युगीन ट्रेडों की सूची:
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क्र.सं.
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ट्रेड का नाम
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1
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एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (3D प्रिंटिंग) टेक्नीशियन
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2
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एयरोनॉटिकल स्ट्रक्चर और इक्विपमेंट फिटर
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3
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्रामिंग असिस्टेंट
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4
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एडवांस्ड सीएनसी मशीनिंग टेक्नीशियन
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5
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कंप्यूटर एडेड मैन्युफैक्चरिंग (CAM) प्रोग्रामर
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6
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ड्रोन पायलट (जूनियर)
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7
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ड्रोन टेक्नीशियन
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8
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इंजीनियरिंग डिज़ाइन टेक्नीशियन (एडवांस्ड टूल इस्तेमाल करने वाला कारीगर)
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9
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फाइबर टू होम टेक्नीशियन
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10
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जियो इन्फॉर्मेटिक्स असिस्टेंट
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11
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इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (आईआईओटी) टेक्नीशियन
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12
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इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग
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13
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इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी
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14
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इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स टेक्नीशियन (स्मार्ट एग्रीकल्चर)
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15
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इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स टेक्नीशियन (स्मार्ट सिटी)
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16
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इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स टेक्नीशियन (स्मार्ट हेल्थकेयर)
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17
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मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल और ऑटोमेशन
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18
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मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल
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19
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मल्टीमीडिया, एनिमेशन और स्पेशल इफ़ेक्ट
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20
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सेमीकंडक्टर टेक्नीशियन
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21
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छोटे हाइड्रो पावर प्लांट टेक्नीशियन
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22
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स्मार्टफ़ोन टेक्नीशियन-कम-ऐप टेस्टर
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23
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सॉफ्टवेयर टेस्टिंग असिस्टेंट
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24
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सोलर टेक्नीशियन (इलेक्ट्रिकल)
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25
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टेक्नीशियन मेकाट्रॉनिक्स
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26
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वर्चुअल एनालिसिस और डिज़ाइनर – एफ़ईएम (फाइनाइट एलिमेंट मेथड) (बेसिक डिज़ाइनर और वर्चुअल वेरिफायर)
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27
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विंड प्लांट टेक्नीशियन
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28
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5G नेटवर्क टेक्नीशियन
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29
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साइबर सिक्योरिटी असिस्टेंट
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30
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डेटा एनोटेशन असिस्टेंट
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31
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ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन टेक्नीशियन
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यह जानकारी आज राज्यसभा में कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी द्वारा एक लिखित उत्तर में दी गई।
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पीके/केसी/डीवी
(रिलीज़ आईडी: 2244994)
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