जनजातीय कार्य मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

एनएसटीएफडीसी के माध्यम से जनजातीय उद्यमिता

प्रविष्टि तिथि: 23 MAR 2026 2:13PM by PIB Delhi

केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने आज लोकसभा को सूचित किया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम (सीपीएसई) अनुसूचित जनजाति वित्त और विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) पात्र अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों को आय सृजन, स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों के लिए रियायती ऋण प्रदान करता है। ऋण सहायता इसकी विभिन्न योजनाओं जैसे सावधि ऋण योजना, आदिवासी महिला सशक्तिकरण योजना (एएमएसवाई), स्वयं सहायता समूहों के लिए सूक्ष्म ऋण योजना (एमसीएफ) और आदिवासी शिक्षा ऋण योजना (एएसआरवाई) के अंतर्गत दी जाती है। चालू वर्ष के दौरान 13.03.2026 तक एनएसटीएफडीसी की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत जारी की गई धनराशि और सहायता प्राप्त लाभार्थियों की संख्या का विवरण नीचे दिया गया है।

 

(₹ लाख में)

क्रम संख्या

राज्य का नाम

कुल धनराशि

लाभार्थियों की संख्या

1

आंध्र प्रदेश

5.00

750

2

असम

5.00

341

3

छत्तीसगढ़

784.31

3439

4

गुजरात

2335.64

7831

5

हिमाचल प्रदेश

232.03

549

6

जम्मू कश्मीर

1522.60

476

7

झारखंड

897.53

997

8

कर्नाटक

10.00

390

9

केरल

481.18

718

10

लद्दाख

779.41

86

11

मध्य प्रदेश

1872.10

1522

12

महाराष्ट्र

2032.77

1607

13

मणिपुर

22.70

20

14

मेघालय

433.09

1474

15

मिजोरम

4175.70

1487

16

ओडिशा

153.00

7524

17

तमिलनाडु

928.84

6183

18

तेलंगाना

5450.05

16773

19

त्रिपुरा

615.47

356

20

उत्तराखंड

50.44

9

21

पश्चिम बंगाल

1343.52

4412

 

कुल

24130.38

56944

 

प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (पीएमजेवीएम) के अंतर्गत ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (ट्राइफेड) आदिवासी कारीगरों को सीधे अपने उत्पादों को बेचने, ग्राहकों के साथ बातचीत करने और आदिवासी संस्कृति, व्यंजन और विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए आदि महोत्सव जैसे प्रचार कार्यक्रमों का आयोजन करता है। चालू वित्तीय वर्ष (फरवरी 2026 तक) के दौरान दो आदि महोत्सव आयोजित किए गए हैं। पिछले 3 वर्षों के दौरान आयोजित आदि महोत्सवों का विवरण नीचे दिया गया है।

 

क्रम संख्या

साल

आदि महोत्सव आयोजन की संख्या

स्थान

1

2022-2023

2

इंदौर (15-27 नवंबर, 2022) और दिल्ली 16-27 फरवरी, 2023)

2

2023-2024

4

राउरकेला (7-16 अप्रैल, 2023), अहमदाबाद (24 अक्टूबर- 03 नवंबर, 2023), जमशेदपुर (7-20 अक्टूबर, 2023) और दिल्ली (10-18 फरवरी, 2024)

3

2024-2025

5

अहमदाबाद (13-20 अक्टूबर, 2024), चेन्नई (15-24 नवंबर, 2024), जयपुर (29 नवंबर – 08 दिसंबर, 2024), भोपाल (20-30 दिसंबर, 2024 और दिल्ली (16-24 फरवरी, 2025)

 

आयोजनों से परे साल भर की विपणन को बढ़ावा देने के लिए ट्राइफेड ने अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म www.tribesindia.com के माध्यम से अपनी डिजिटल पहुंच को मजबूत किया है। इसे 10  जून 2025 को फिर से शुरू किया गया था। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव के साथ। वर्तमान में प्लेटफॉर्म पर लगभग 6,000 उत्पाद उपलब्ध हैं। इसके अलावा ऑनलाइन बाजार पहुंच का विस्तार करने के लिए 1,339 जनजातीय उत्पादों को ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) में शामिल किया गया है।

माननीय प्रधानमंत्री ने 2 अक्टूबर 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डी ए जे जी यू ए) का शुभारंभ कियाएन डी । इस अभियान में 17 मंत्रालयों द्वारा कार्यान्वित 25 हस्तक्षेप शामिल हैं। पर्यटन मंत्रालय द्वारा लागू किए गए डी ए जे जी यू ए के अंतर्गत ऐसा ही एक हस्तक्षेप स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत जनजातीय होम स्टे है। इस योजना के अंतर्गत पूर्वोत्तर और मध्य भारत, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत में 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 1000 जनजातीय होम स्टे को नए निर्माण के लिए 5 लाख रुपये प्रति यूनिट, नवीनीकरण के लिए 3 लाख रुपये तक और ग्राम समुदाय की आवश्यकता के लिए 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

पीएमजेवीएम के अंतर्गत ट्राइफेड भौतिक दुकानों, प्रदर्शनियों और डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से विपणन संबंधों को मजबूत करने और जनजातीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहल करता है। बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए जनजातीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और उत्पादकों को ओएनडीसी और ट्राइब्स इंडिया सहित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर शामिल किया जा रहा है। जनजातीय उत्पादकों के लिए सतत आय सृजन में सहायता करने के लिए मूल्यवर्धन, उत्पाद विकास, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर वन धन विकास केन्द्रों (वीडीवीके) के सदस्यों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से क्षमता निर्माण भी किया जाता है।

 

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पीके/ केसी/एसके / डीए


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