जनजातीय कार्य मंत्रालय
पूर्वोत्तर क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र
प्रविष्टि तिथि:
23 MAR 2026 2:16PM by PIB Delhi
केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने आज लोकसभा को सूचित किया कि पिछले पांच वर्षों के दौरान जनजातीय कार्य मंत्रालय ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों में किसी भी संगठन को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता नहीं दी है।
पिछले तीन वर्षों से असम में कोई भी उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) परियोजना नहीं चल रही है। हालांकि, गुवाहाटी स्थित राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) ने वर्ष 2022 में "पूर्वोत्तर भारत में जनजातीय आबादी में प्रयुक्त पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल पद्धतियों और पारंपरिक औषधियों के ज्ञान का अध्ययन और मूल्यांकन तथा महत्वपूर्ण रूप से वैज्ञानिक सत्यापन" शीर्षक वाली परियोजना के लिए अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की। यह परियोजना 1 मार्च, 2019 को जनजातीय मंत्रालय में तत्कालीन सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इसे सौंपी गई थी। संस्था ने प्रस्तुत रिपोर्ट की समीक्षा की और जनजातीय मंत्रालय ने इसे अनुमोदित किया। अनुमोदित रिपोर्ट की एक प्रति आयुष मंत्रालय के साथ भी साझा की गई और आयुष सचिव ने भी मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की। यह रिपोर्ट असम और मेघालय के जनजातीय कल्याण विभागों (टीडब्ल्यूडी) को भी भेजी गई।
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने उत्कृष्टता केंद्रों (सीओई) के कामकाज को सुदृढ़ करने के लिए कई उपाय किए हैं। विवरण इस प्रकार हैं:
- जनजातीय कार्य मंत्रालय उत्कृष्टता केंद्रों की प्रगति की निगरानी करने, उनकी परियोजनाओं में आने वाली चुनौतियों की पहचान करने और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करने के लिए नियमित रूप से उनके साथ समीक्षा बैठकें आयोजित करता है।
- जनजातीय कार्य मंत्रालय ने लंबित परियोजनाओं की समीक्षा करने और उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने में सहायता प्रदान करने के लिए संबंधित उत्कृष्टता केंद्रों के साथ बैठकें भी की हैं, ताकि समय पर परियोजना पूरी हो सके और धन का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
- इसके अलावा, प्रस्तावित संशोधित दिशा-निर्देश के तहत मंत्रालय ने उत्कृष्टता केंद्रों (सीई) के कार्यक्षेत्र को 28 से अधिक विषयगत क्षेत्रों तक विस्तारित किया है। बहुस्तरीय मूल्यांकन और अनुमोदन तंत्र के माध्यम से उत्कृष्टता केंद्र कार्यक्रम की शासन संरचना को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। इसमें कार्यक्रम स्क्रीनिंग समिति (पीएससी) द्वारा प्रस्तावों की स्क्रीनिंग और कार्यक्रम मूल्यांकन समिति (पीएससी) द्वारा अनुमोदन शामिल है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक उत्कृष्टता केंद्र की पांच साल में अनिवार्य समीक्षा का प्रस्ताव किया गया है। साथ ही, कार्यक्रम मूल्यांकन समिति के माध्यम से प्रस्ताव मूल्यांकन प्रक्रिया में संबंधित राज्य जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (टीआरआई) के साथ परामर्श को शामिल किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उत्कृष्टता केंद्रों द्वारा प्रस्तावित गतिविधियां जनजातीय अनुसंधान संस्थानों के तहत पहले से किए जा रहे कार्यों की पुनरावृत्ति न करें। सीईओ को बजट आवंटन पीएसी द्वारा विचार किए गए और अनुमोदित प्रस्ताव के आधार पर, सीईओ द्वारा प्रस्तावित गतिविधि (गतिविधियों) को ध्यान में रखते हुए तय किया जाता है।
***
पीके/केसी/एके/केके
(रिलीज़ आईडी: 2244115)
आगंतुक पटल : 60