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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र द्वारा प्रकाशित जनजाति गौरव पुस्तक

प्रविष्टि तिथि: 23 MAR 2026 1:21PM by PIB Delhi

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईएनजीसीए) ने देश के जनजातीय समाज के इतिहास, संस्कृति और योगदान का दस्तावेजीकरण और इसका प्रसार करने के अपने प्रयासों के तहत ‘जनजाति गौरव’ नामक एक पुस्तक प्रकाशित की है।

यह प्रकाशन स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में जनजातीय समाज की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालता है। इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख जनजातीय नेताओं और आंदोलनों से संबंधित ऐतिहासिक वृत्तांत, अभिलेखीय स्रोत और विद्वानों की व्याख्याएं संकलित की गई हैं। पुस्तक का उद्देश्य विद्वानों, छात्रों और आम जनता के बीच जनजातीय विरासत, शौर्य और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना भी है।

इस प्रकाशन में आदिवासी प्रतिरोध आंदोलनों का उल्लेख है और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े वीर व्यक्तित्वों के योगदान को दर्शाया गया है। इसमें मानगढ़ धाम से जुड़े आदिवासी नायकों के बलिदानों का भी उल्लेख है जो ऐतिहासिक रूप से गोविंद गुरु के नेतृत्व में हुए आदिवासी विद्रोह और अनेक आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से संबंधित स्थल है।

जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को मान्यता देने और समृद्ध आदिवासी सांस्कृतिक विरासत के दस्तावेजीकरण, संरक्षण और प्रदर्शन के उद्देश्य से, जनजातीय मंत्रालय ने दस राज्यों में ग्यारह जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालयों को मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त, जनजातीय मंत्रालय द्वारा विभिन्न आदिवासी समुदायों के जीवन और संस्कृति को दर्शाने वाली दुर्लभ कलाकृतियों, पारंपरिक परिधानों, आभूषणों, हथियारों और अन्य तत्वों को प्रदर्शित करने के लिए नृवंशविज्ञान संग्रहालयों को भी मंजूरी दी गई है।

इसके अलावा, अपने अनुसंधान विभागों और विद्वानों और सांस्कृतिक संस्थानों के साथ सहयोगात्मक पहलों के माध्यम से, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र जनजातीय विरासत, मौखिक परंपराओं और ऐतिहासिक कथाओं के संरक्षण और दस्तावेजीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह केंद्र साहित्य और प्रकाशनों के माध्यम से देशभर के जनजातीय नेताओं के योगदान और उनके बलिदान को दर्शाने का भी कार्य करता है।

मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/बीयू/एसएस


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