संस्‍कृति मंत्रालय
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पांडुलिपियों का संरक्षण और डिजिटलीकरण

प्रविष्टि तिथि: 23 MAR 2026 1:25PM by PIB Delhi

केंद्रीय बजट 2025-26 के दौरान घोषित ज्ञान भारतम् मिशन (जीबीएम), भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय (एमओसी) की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य पांडुलिपियों के सर्वेक्षण और पंजीकरण, मजबूत प्रौद्योगिकी अवसंरचना और साझेदारी का निर्माण, प्रलेखन, संरक्षण, संवर्धन, डिजिटलीकरण, पांडुलिपियों के प्रकाशन और क्षमता निर्माण एवं अनुसंधान सहित विभिन्न घटकों के तहत पांडुलिपियों से संबंधित गतिविधियों को करना है।

भारत की पांडुलिपि विरासत की रक्षा के लिए जीबीएम के तहत ऐसे संस्थानों को जो अभिन्न रूप से निवारक और उपचारात्मक विधियों से पांडुलिपियों का संरक्षण करते हैं को शामिल करना है। शामिल संस्थानों में संरक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना और उन्नयन, क्षमता निर्माण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और व्यावहारिक प्रशिक्षण आयोजित करना आदि शामिल हैं।

हाल ही में, 12-13 फरवरी, 2026 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित राष्ट्रीय सांस्कृतिक संपदा संरक्षण अनुसंधान प्रयोगशाला (एनआरएलसी) में दो दिवसीय संरक्षण कार्यशाला का सफल समापन हुआ। इसमें जीबीएम से जुड़े संस्थानों के 40 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। मेटाडेटा निर्माण और राष्ट्रीय डिजिटल भंडार (एनडीआर) पर इसके एकीकरण, उपकरणों की तैनाती, एआई-एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म और दीर्घकालिक डेटा भंडारण सहित विभिन्न कार्यों के लिए तकनीकी साझेदारों को शामिल किया गया है।

देश भर में डीवीडी, एचडीडी, माइक्रोफिल्म जैसे विभिन्न प्रारूपों में 8 लाख से अधिक डिजिटाइज्ड पांडुलिपियां उपलब्ध हैं, जिनमें से 1.29 लाख पांडुलिपियों को ज्ञान भारतम्  पोर्टल पर आम लोग देख सकते हैं।

यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।

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पीके/केसी/पीएस / डीए


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