पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने भागीरथी पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र पर बैठक की अध्यक्षता की


भागीरथी क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को विकास प्राथमिकताओं के साथ संरेखित करने के लिए हितधारकों का समन्वय आवश्यक है: श्री भूपेंद्र यादव

प्रविष्टि तिथि: 21 MAR 2026 6:32PM by PIB Delhi

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने आज उत्तराखँड के देहरादून में भागीरथी पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र (बीईएसजेड) पर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने की।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/WhatsAppImage2026-03-21at6.45.13PMKUO2.jpeg 

बैठक में विचार-विमर्श बीईएसजेड अधिसूचना का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने पर केंद्रीत था। चर्चाओं में संतुलित एवं सतत विकास दृष्टिकोण के माध्यम से पारिस्थितिक प्राथमिकताओं को स्थानीय आकांक्षाओं एवं आजीविका के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

केंद्रीय मंत्री ने गंगा नदी के उद्गम स्थल भागीरथी पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए एक संरचित एवं समन्वित संरचना की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित अध्ययनों, एकीकृत विकास योजना, स्पष्ट रूप से परिभाषित संस्थागत तंत्रों और सुदृढ़ निगरानी एवं प्रवर्तन प्रणालियों पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में अवैज्ञानिक विकास अक्सर ऐसी आपदाओं का कारण बनता है जिन्हें टाला जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने जोखिम कम करने के लिए सतर्क एवं सूचित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।

श्री यादव ने हितधारकों के बीच समन्वय के महत्व पर भी प्रकाश डाला ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पर्यावरण संरक्षण उपायों को विकासात्मक प्राथमिकताओं के साथ सुचारू रूप से संरेखित किया जा सके, जिससे भागीरथी क्षेत्र में पारिस्थितिक अखंडता एवं सामुदायिक कल्याण दोनों की रक्षा हो सके।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/WhatsAppImage2026-03-21at6.45.31PMJFYJ.jpeg  

इस बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव, उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, निगरानी समिति के सदस्य, वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

***

पीके/केसी/एके/एसएस


(रिलीज़ आईडी: 2243428) आगंतुक पटल : 133
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English