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वित्तीय समावेशन और नागरिक-केंद्रित सेवाएं


डाक विभाग 47 करोड़ से अधिक डाकघर बचत बैंक खाताधारकों को सेवाएं प्रदान करता है

सुकन्या समृद्धि योजना और महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र योजना में (28 फरवरी, 2026 तक) क्रमशः 3.83 करोड़ और 37.3 लाख खाते हैं

भारत डाक की ओर से स्थापित देश भर में आधार केंद्रों ने 14.72 करोड़ से अधिक लेन-देन संसाधित किए हैं

डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों ने 2.09 करोड़ से अधिक आवेदन और पुलिस अनुमति प्रमाणपत्र सफलतापूर्वक संसाधित किए हैं

प्रविष्टि तिथि: 18 MAR 2026 6:46PM by PIB Delhi

डाक विभाग 1.64 लाख से अधिक डाकघरों के नेटवर्क के माध्यम से 47 करोड़ से अधिक डाकघर बचत बैंक (पीओएसबी) खाताधारकों को सेवाएं प्रदान करता है। पीओएसबी अपनी बचत योजनाओं जैसे डाकघर बचत खाता (पीओएसए), सावधि जमा खाता (टीडी), आवर्ती जमा खाता (आरडी), मासिक आय खाता (एमआईएस), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस), सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि खाता (एसएसए), राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी), किसान विकास पत्र (केवीपी) और पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के माध्यम से वित्तीय समावेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पेंशन, डीबीटी और सब्सिडी के अंतर्गत लाभार्थियों के डाकघर बचत खातों के माध्यम से पैसा वितरित करने में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा, सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) और महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र (एमएसएससी), जिनमें 28 फरवरी, 2026 तक क्रमशः 3.83 करोड़ और 37.3 लाख खाते थे, ने बालिका के भविष्य को सुरक्षित करने और महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

भारत डाक ने देशभर में 13,352 आधार केंद्र स्थापित किए हैं, जिनमें दूरस्थ क्षेत्रों में बायोमेट्रिक और जनसांख्यिकीय जानकारी अपडेट करने के लिए स्थायी स्थानों और मोबाइल किटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत अब तक 14.72 करोड़ से अधिक लेन-देन संसाधित किए जा चुके हैं, जिससे विशेष तौर पर बुजुर्गों और ग्रामीण आबादी को लंबी दूरी की यात्रा की जरूरत खत्म होने से लाभ मिला है। इन सेवाओं को डाक नेटवर्क में एकीकृत करके, विभाग जरूरी पहचान और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) सुविधाओं तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करता है।

 

विदेश मंत्रालय के सहयोग से, डाक विभाग 452 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) संचालित करता है, जिसका रणनीतिक लक्ष्य प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में एक केंद्र स्थापित करना है। ये केंद्र दस्तावेज सत्यापन और बायोमेट्रिक कैप्चर सहित व्यापक सेवाएं प्रदान करते हैं और इन्होंने सफलतापूर्वक 2.09 करोड़ से अधिक आवेदन और पुलिस अनुमति प्रमाणपत्रों को संसाधित किया है। यह साझेदारी नागरिकों, विशेष रूप से आदिवासी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पासपोर्ट सेवाओं की सुलभता में विशेष सुधार करती है।

इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) नागरिकों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी), आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस), किसी भी नागरिक के लिए आधार में मोबाइल नंबर अपडेट करने और 5 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे के लिए बाल पंजीकरण लाइट क्लाइंट (सीईएलसी) जैसी नागरिक-केंद्रित सेवाएं भी प्रदान करता है।

डाक विभाग ने अपनी प्रौद्योगिकी आधारित शिकायत प्रबंधन प्रणाली (सीएमएस) को अपग्रेड किया है, जिसे एडवांस डाक प्रौद्योगिकी (एपीटी) 2.0 के तहत 07.03.2025 को लागू किया गया था। एडवांस प्रणाली में ग्राहक-सहभागी शिकायत समाधान प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें शिकायतकर्ता को समाधान बताने और उनकी सहमति प्राप्त करने के बाद ही शिकायतों का निपटारा किया जाता है, और असहमति की स्थिति में स्वचालित रूप से मामले को आगे बढ़ाने का प्रावधान है।

संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एमएम


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