सहकारिता मंत्रालय
जैविक उत्पादों के लिए बहु-राज्यीय सहकारी समितियाँ
प्रविष्टि तिथि:
18 MAR 2026 5:43PM by PIB Delhi
केंद्रीय मंत्रिमंडल के अनुमोदन से सहकारिता मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्तर की बहुराज्य सहकारी समितियां, अर्थात् राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल) और राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (एनसीओएल) की स्थापना क्रमश: निर्यात तथा जैविक उत्पादों के संवर्धन के लिए की है । ये समितियां बहुराज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2002 के अधीन पंजीकृत हैं । पैक्स से लेकर एपेक्स स्तर तक सभी स्तरों की सहकारी समितियां इनकी सदस्य बनने के पात्र हैं ।
i. राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल):- एनसीईएल का उद्देश्य देश भर में विभिन्न सहकारी समितियों द्वारा उत्पादित अधिशेष वस्तुओं/सेवाओं के निर्यात के लिए एक अंब्रेला संगठन के रूप में कार्य करना है । एनसीईएल को सहकारी समितियों द्वारा उत्पादित सभी प्रकार की वस्तुओं और सेवाओं के प्रापण, भंडारण, प्रसंस्करण, विपणन, ब्रांडिंग, लेबलिंग, पैकेजिंग, प्रमाणन, अनुसंधान और विकास तथा व्यापार के माध्यम से अपने कार्यकलापों को करने का अधिदेश प्राप्त है ।
ii. राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (एनसीओएल):- एनसीओएल का उद्देश्य जैविक उत्पादों के एकत्रीकरण, प्रापण, प्रमाणन, परीक्षण, ब्रांडिंग और विपणन के लिए एक अंब्रेला संगठन के रूप में कार्य करना है ।
सहकारिता मंत्रालय ने सहकारी नेटवर्क के माध्यम से "भारत बीज" ब्रांड नाम के अंतर्गत उन्नत बीजों के उत्पादन, प्रापण और वितरण के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की बहुराज्य सहकारी समिति के रूप में भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (बीबीएसएसएल) की स्थापना की है । बीबीएसएसएल विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे एनएफएसएम, एनएमईओ-ओएस, आरकेवीवाई, आदि के अधीन राज्यों द्वारा अपेक्षित बीजों के उत्पादन और आपूर्ति के लिए राज्य सरकारों के साथ काम कर रहा है । "भारत बीज" ब्रांड के अंतर्गत बीबीएसएसएल ने विभिन्न राज्यों में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 23,338 क्विंटल और वित्तीय वर्ष 2025-26 (अब तक) के दौरान 2,18,979 क्विंटल बीज की आपूर्ति की है ।
बीबीएसएसएल राज्य सरकारों, संरक्षण समूहों के समन्वय से और विशेषीकृत संस्थानों के साथ सहयोग के माध्यम से पारंपरिक और स्वदेशी बीज प्रणालियों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी उत्तरोत्तर काम कर रहा है । इस संबंध में बीबीएसएसएल ने सहकारी नेटवर्क के माध्यम से स्वदेशी और पारंपरिक बीज किस्मों के संरक्षण, पुनरुत्पादन और व्यापक प्रसार को सुदृढ़ करने के लिए इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टिट्यूट फॉर द सेमी एरिड ट्रॉपिक्स (आईसीआरआईएसएटी), इंडियन फार्म फॉरेस्ट्री डेवलपमेंट कोऑपरेटिव लिमिटेड (आईएफएफडीसी), इंटीग्रेटेड रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन (आईआरडीएफ) और श्री श्री इंस्टिट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (एसएसआईएएसटी) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं ।
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2241956)
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