गृह मंत्रालय
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साइबर अपराध के मामले

प्रविष्टि तिथि: 17 MAR 2026 5:28PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) अपने प्रकाशन ‘‘भारत में अपराध’’ में अपराध से संबंधित सांख्यिकीय आंकड़े संकलित और प्रकाशित करता है। नवीनतम प्रकाशित रिपोर्ट वर्ष 2023 की है। एनसीआरबी द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2023 की अवधि के दौरान साइबर अपराधों (जिनमें संचार उपकरणों को माध्यम/लक्ष्य के रूप में उपयोग किया गया है) के अंतर्गत दर्ज मामलों का राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।

अत्याधुनिक राष्ट्रीय डिजिटल जांच सहायता केंद्र (पूर्व में राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक (जांच) प्रयोगशाला {एनसीएफएल(आई)}) की स्थापना, सूचना एवं बाल विकास आयोग (I4सी) के अंतर्गत, नई दिल्ली (18.02.2019 को) और असम (29.08.2025 को) में की गई है। इसका उद्देश्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पुलिस के जांच अधिकारियों (आईओ) को प्रारंभिक चरण में साइबर फोरेंसिक सहायता प्रदान करना है। साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से, महिला एवं बाल अपराध रोकथाम योजना के अंतर्गत वर्ष 2018 में हैदराबाद में एक राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला (साक्ष्य) की स्थापना की गई है।

वर्तमान में, साइबर अपराध मामलों की जांच में सहायता के लिए देश भर में सात केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएं और 27 राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं। 2014 से पहले इन सात केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं (सीएफएसएल) में से चंडीगढ़, हैदराबाद, दिल्ली और कोलकाता में स्थित चार सीएफएसएल में डिजिटल फोरेंसिक केंद्र उपलब्ध थे। 2014 के बाद, पुणे, भोपाल और कामरूप में तीन नई सीएफएसएल (डिजिटल फोरेंसिक डिवीजन सहित) स्थापित की गई हैं। 2014 से पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में डिजिटल फोरेंसिक केंद्रों से संबंधित डेटा केंद्रीय स्तर पर नहीं रखा जाता है।

राज्य के एफएसएल में डीएनए विश्लेषण और साइबर फोरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए निर्भया वित्त पोषित योजना के तहत 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सहायता प्रदान की गई है। इन 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की राज्यवार सूची और डीएनए एवं साइबर फोरेंसिक विभागों के लिए वर्षवार जारी की गई राशि अनुलग्नक-II में दी गई है।

गृह मंत्रालय ने ‘महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध रोकथाम (सीसीपीडब्ल्यूसी)’ योजना के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को साइबर फोरेंसिक-सह-प्रशिक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए 116.5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की है। अब तक मध्य प्रदेश, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव तथा महाराष्ट्र सहित 33 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में साइबर फोरेंसिक-सह-प्रशिक्षण प्रयोगशालाएं शुरू की जा चुकी हैं।

                                           अनुलग्नक-I

राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार साइबर अपराधों के अंतर्गत वर्ष 2021-2023 के दौरान दर्ज किए गए मामले

क्रम सं.

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

2021

2022

2023

1.

आंध्र प्रदेश

1875

2341

2341

2.

अरुणाचल प्रदेश

47

14

24

3.

असम

4846

1733

909

4.

बिहार

1413

1621

4450

5.

छत्तीसगढ  

352

439

473

6.

गोवा

36

90

86

7.

गुजरात

1536

1417

1995

8.

हरियाणा

622

681

751

9.

हिमाचल प्रदेश

70

77

127

10.

झारखंड

953

967

1079

11.

कर्नाटक

8136

12556

21889

12.

केरल

626

773

3295

13.

मध्य प्रदेश

589

826

685

14.

महाराष्ट्र

5562

8249

8103

15.

मणिपुर

67

18

3

16.

मेघालय

107

75

64

17.

मिजोरम

30

1

31

18.

नगालैंड

8

4

2

19.

ओडिशा

2037

1983

2348

20.

पंजाब

551

697

511

21.

राजस्थान

1504

1833

2435

22.

सिक्किम

0

26

12

23.

तमिलनाडु

1076

2082

4121

24.

तेलंगाना

10303

15297

18236

25.

त्रिपुरा

24

30

36

26.

उत्तर प्रदेश

8829

10117

10794

27.

उत्तराखंड

718

559

494

28.

पश्चिम बंगाल

513

401

309

 

कुल राज्य

52430

64907

85603

29.

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

8

28

47

30.

चंडीगढ़

15

27

23

31.

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

5

5

6

32.

दिल्ली

356

685

407

33.

जम्मू - कश्मीर

154

173

185

34.

लद्दाख

5

3

1

35.

लक्षद्वीप

1

1

1

36.

पुडुचेरी

0

64

147

 

कुल केंद्र शासित प्रदेश

544

986

817

 

कुल (पूरे भारत में)

52974

 

65893

86420

स्रोत: एनसीआरबी द्वारा प्रकाशित ‘भारत में अपराध’

                                              अनुलग्नक-II

उन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सूची जिन्हें राज्य एफएसएल में डीएनए विश्लेषण और साइबर फोरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए निर्भया वित्त पोषित योजना के तहत साइबर फोरेंसिक के लिए सहायता प्रदान की गई है।

क्रम सं.

राज्य

पिछले तीन वर्षों में कुल जारी राशि, अर्थात् वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक

 

(करोड़ में)

वित्तीय वर्ष 2018-19 से अब तक कुल जारी राशि (करोड़ में)

 

(करोड़ में)

जीएफआर फॉर्म 12-सी में यूसी द्वारा प्राप्त राशि

1.

अरुणाचल प्रदेश

0.865

0.865

0

2.

असम

1.125

1.125

0

3.

छत्तीसगढ़

2.183

3.683

3,51,59,931

4.

गुजरात*

0.6075

1.8225

1,15,57,661

5.

हिमाचल प्रदेश*

0

7.29

7,29,00,000

6.

झारखण्ड*

1.6625

4.9875

3,26,79,489

7.

कर्नाटक*

0

13.96

0

8.

केरल

1.625

6.455

4,82,93,502

9.

मेघालय

1.7715

1.9365

1,77,15,000

10.

मिजोरम*

0

4.19

4,19,00,000

11.

नगालैंड*

2.725

5.45

5,45,00,000

12.

ओडिशा*

3.1425

9.4275

9,30,60,819

13.

पंजाब*

0

7.98

3,99,00,000

14.

राजस्थान*

0

6.28

6,27,96,750

15.

तेलंगाना

2.98

2.98

1,76,49,403

16.

त्रिपुरा*

0

2.11

2,11,00,000

17.

उत्तर प्रदेश*

0

7.75

7,06,81,508

18.

उत्तराखंड

2.48

2.48

2,48,00,000

19.

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

2.18

2.28

1,59,68,474

20.

पुडुचेरी*

3.395

6.9

6,05,33,389

*वित्त वर्ष 2018-19 से इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को धनराशि जारी की जा चुकी है।

यह जानकारी गृह राज्य मंत्री श्री बंदी संजय कुमार ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

 

                       *****

पीके/केसी/एसएस


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