गृह मंत्रालय
साइबर जागरूकता
प्रविष्टि तिथि:
17 MAR 2026 5:26PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) अपने प्रकाशन "क्राइम इन इंडिया" में अपराधों से संबंधित सांख्यिकीय आंकड़े संकलित एवं प्रकाशित करता है। एनसीआरबी द्वारा नवीनतम प्रकाशित रिपोर्ट वर्ष 2023 की है। एनसीआरबी द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2023 के दौरान साइबर अपराधों (जिनमें संचार उपकरणों का उपयोग माध्यम/लक्ष्य के रूप में किया गया है) के अंतर्गत दर्ज मामलों का राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार, 'पुलिस' एवं 'सार्वजनिक व्यवस्था' राज्य के विषय हैं। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है कि वे अपने कानून प्रवर्तन एजेंसियों (एलईए) के माध्यम से अपराधों की रोकथाम, पता लगाने, जांच और अभियोजन करें, जिसमें साइबर अपराध भी शामिल है। केंद्र सरकार, एलईए की क्षमता निर्माण हेतु विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सलाह एवं वित्तीय सहायता प्रदान करके राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की पहलों का समर्थन करती है।
देश में साइबर अपराध से निपटने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, भारतीय न्याय संहिता, 2023 और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो अधिनियम) के अंतर्गत पर्याप्त प्रावधान उपलब्ध हैं।
साइबर अपराधों से व्यापक एवं समन्वित तरीके से निपटने वाले तंत्र को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें अन्य बातों के अलावा निम्नलिखित शामिल हैं:
गृह मंत्रालय ने देश में सभी प्रकार के साइबर अपराधों से समन्वित एवं व्यापक रूप से निपटने के लिए एक संबद्ध कार्यालय के रूप में 'भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र' (आई4सी) की स्थापना की है।
आई4सी के अंतर्गत 'राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल' (एनसीआरपी) (https://cybercrime.gov.in) शुरू किया गया है, ताकि आम नागरिक सभी प्रकार के साइबर अपराधों की रिपोर्ट कर सके, जिसमें महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों पर विशेष ध्यान दिया गया है। एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज साइबर अपराध की घटनाओं को एफआईआर में परिवर्तित करने और उसके बाद की कार्रवाई, अर्थात् आरोपपत्र दाखिल करना, गिरफ्तारी एवं शिकायतों का समाधान, संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कानून के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है।
वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल शिकायत करने एवं धोखेबाजों द्वारा धन की हेराफेरी को रोकने के लिए, आई4सी के अंतर्गत 2021 में नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली' (सीएफसीएफआरएमएस) की शुरुआत की गई। आई4सी द्वारा संचालित सीएफसीएफआरएमएस के अनुसार, दिनांक 31.01.2026 तक 24.65 लाख से अधिक शिकायतों में 8,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सुरक्षित की गई है। ऑनलाइन साइबर शिकायतें दर्ज करने में सहायता के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर '1930' शुरू किया गया है।
केंद्र सरकार ने 02 जनवरी 2026 को एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। यह एनसीआरपी पोर्टल और सीएफसीएफआरएमएस के माध्यम से शिकायतों के निपटान के लिए एक समान, पीड़ित-केंद्रित ढांचा प्रदान करती है। एनसीआरपी-सीएफसीएफआरएमएस के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित समन्वय तंत्र की रूपरेखा दी गई है, विशेष रूप से राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ, जिनकी पुलिस एजेंसियां इस प्रणाली में अभिन्न हितधारक हैं।
केंद्र सरकार ने साइबर अपराध के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए कई पहलें की हैं, जिनमें अन्य बातों के अलावा निम्नलिखित शामिल हैं:-
माननीय प्रधानमंत्री ने 27.10.2024 को मासिक कार्यक्रम "मन की बात" में डिजिटल अरेस्ट के बारे में बात की और नागरिकों को इससे अवगत कराया।
आकाशवाणी, नई दिल्ली द्वारा 28.10.2024 को डिजिटल अरेस्ट पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कॉलर ट्यून अभियान: आई4सी ने दूरसंचार विभाग (डीओटी) के सहयोग से साइबर अपराध के बारे में जागरूकता बढ़ाने एवं साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 और एनआरसीपी पोर्टल को बढ़ावा देने के लिए 19.12.2024 से एक कॉलर ट्यून अभियान शुरू किया है।
टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं द्वारा अंग्रेजी, हिंदी और 10 क्षेत्रीय भाषाओं में भी कॉलर ट्यून प्रसारित की जा रही है। कॉलर ट्यून के छह संस्करण बजाए गए जिनमें विभिन्न प्रकार के तरीकों को दर्शाया गया, जैसे कि डिजिटल अरेस्ट, निवेश घोटाला, मैलवेयर, फर्जी ऋण ऐप और फर्जी सोशल मीडिया विज्ञापन आदि।
केंद्र सरकार ने डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें अन्य बातों के अलावा, समाचार पत्रों में विज्ञापन, दिल्ली मेट्रो में घोषणाएं, विशेष पोस्ट बनाने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों का उपयोग, प्रसार भारती और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से अभियान, जिसमें आकाशवाणी पर विशेष कार्यक्रम भी शामिल हैं।
डीडी न्यूज के साथ साझेदारी में, आई4सी ने 19 जुलाई 2025 से 52 सप्ताह तक चलने वाले साप्ताहिक शो साइबर-अलर्ट के माध्यम से साइबर अपराध जागरूकता अभियान चलाया है।
साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए, केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें अन्य बातों के अलावा, एसएमएस द्वारा संदेशों का प्रसार, आई4सी सोशल मीडिया अकाउंट यानी एक्स (पूर्व में ट्विटर) (@CyberDost) और फेसबुक (CyberDostI4C), इंस्टाग्राम (CyberDostI4C), टेलीग्राम (cyberdosti4c), एसएमएस अभियान, टीवी अभियान, रेडियो अभियान, स्कूल अभियान, सिनेमा हॉल में विज्ञापन, सेलिब्रिटी समर्थन, आईपीएल अभियान, कुंभ मेला 2025 और सूरज कुंड मेला 2025 के दौरान अभियान, कई माध्यमों में प्रचार के लिए MyGov को शामिल करना, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता सप्ताहों का आयोजन, किशोरों/छात्रों के लिए हैंडबुक प्रकाशित करना, रेलवे स्टेशनों एवं हवाई अड्डों पर डिजिटल डिस्प्ले लगाना आदि शामिल हैं।
ANNEXURE
State/UT-wise Cases Registered under Cyber Crimes during 2021-2023
|
SL
|
State/UT
|
2021
|
2022
|
2023
|
|
1
|
Andhra Pradesh
|
1875
|
2341
|
2341
|
|
2
|
Arunachal Pradesh
|
47
|
14
|
24
|
|
3
|
Assam
|
4846
|
1733
|
909
|
|
4
|
Bihar
|
1413
|
1621
|
4450
|
|
5
|
Chhattisgarh
|
352
|
439
|
473
|
|
6
|
Goa
|
36
|
90
|
86
|
|
7
|
Gujarat
|
1536
|
1417
|
1995
|
|
8
|
Haryana
|
622
|
681
|
751
|
|
9
|
Himachal Pradesh
|
70
|
77
|
127
|
|
10
|
Jharkhand
|
953
|
967
|
1079
|
|
11
|
Karnataka
|
8136
|
12556
|
21889
|
|
12
|
Kerala
|
626
|
773
|
3295
|
|
13
|
Madhya Pradesh
|
589
|
826
|
685
|
|
14
|
Maharashtra
|
5562
|
8249
|
8103
|
|
15
|
Manipur
|
67
|
18
|
3
|
|
16
|
Meghalaya
|
107
|
75
|
64
|
|
17
|
Mizoram
|
30
|
1
|
31
|
|
18
|
Nagaland
|
8
|
4
|
2
|
|
19
|
Odisha
|
2037
|
1983
|
2348
|
|
20
|
Punjab
|
551
|
697
|
511
|
|
21
|
Rajasthan
|
1504
|
1833
|
2435
|
|
22
|
Sikkim
|
0
|
26
|
12
|
|
23
|
Tamil Nadu
|
1076
|
2082
|
4121
|
|
24
|
Telangana
|
10303
|
15297
|
18236
|
|
25
|
Tripura
|
24
|
30
|
36
|
|
26
|
Uttar Pradesh
|
8829
|
10117
|
10794
|
|
27
|
Uttarakhand
|
718
|
559
|
494
|
|
28
|
West Bengal
|
513
|
401
|
309
|
|
|
TOTAL STATE(S)
|
52430
|
64907
|
85603
|
|
29
|
A&N Islands
|
8
|
28
|
47
|
|
30
|
Chandigarh
|
15
|
27
|
23
|
|
31
|
D&N Haveli and Daman & Diu
|
5
|
5
|
6
|
|
32
|
Delhi
|
356
|
685
|
407
|
|
33
|
Jammu & Kashmir
|
154
|
173
|
185
|
|
34
|
Ladakh
|
5
|
3
|
1
|
|
35
|
Lakshadweep
|
1
|
1
|
1
|
|
36
|
Puducherry
|
0
|
64
|
147
|
|
|
TOTAL UT(S)
|
544
|
986
|
817
|
|
|
TOTAL (ALL INDIA)
|
52974
|
65893
|
86420
|
Source: ‘Crime in India’ published by NCRB
यह जानकारी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री बंदी संजय कुमार ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
***
पीके/केसी/एके/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2241440)
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