नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

सरकार ने मजबूत आईएसटीएस ढांचे के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा के लिए निर्बाध ग्रिड एकीकरण सुनिश्चित किया है

प्रविष्टि तिथि: 17 MAR 2026 3:27PM by PIB Delhi

इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (आईएसटीएस) के शुल्क, केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) के (इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन शुल्क और हानियों का बंटवारा) विनियम, 2020 और उसके बाद के संशोधनों द्वारा नियंत्रित होते हैं। उक्त विनियमों के दिनांक 26.06.2025 के चौथे संशोधन के अनुसार नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं की विशिष्ट श्रेणियों के लिए आईएसटीएस शुल्क माफी का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।

ग्रिड कनेक्टिविटी को सीईआरसी (कनेक्टिविटी और इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम तक सामान्य नेटवर्क पहुंच) विनियम, 2022 द्वारा विनियमित किया जाता है, जिसमें निर्धारित समय-सीमाओं और प्रक्रियाओं के साथ संशोधन किए गए हैं।

विनियम के अनुसार, आईएसटीएस से कनेक्टिविटी या सामान्य नेटवर्क पहुंच (जीएनए) के लिए नोडल एजेंसी सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी (सीटीयू) है।

नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) उत्पादन और उससे जुड़े आईएसटीएस की प्रगति की निगरानी सीटीयू द्वारा तिमाही संयुक्त समन्वय समिति की बैठकों में की जा रही है, जिसमें आरई डेवलपर्स और ट्रांसमिशन सेवा प्रदाताओं के बीच किसी भी तरह के विसंगतियों से बचने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, ट्रांसमिशन सिस्टम की निगरानी विद्युत मंत्रालय और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के स्तर पर भी की जा रही है।

अब सीटीयू को ट्रांसमिशन डेवलपर्स और जेनरेशन प्रोजेक्ट डेवलपर्स की भागीदारी के साथ मासिक आधार पर महत्वपूर्ण तत्वों की निगरानी करने का भी दायित्व सौंपा गया है।

संबंधित ट्रांसमिशन सिस्टम की अनुपलब्धता की स्थिति में, सीटीयू, सीईए, ग्रिड-इंडिया और टीएसपी के परामर्श से, जहां भी संभव हो, वैकल्पिक/अंतरिम व्यवस्था विकसित करता है, ताकि नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को समय पर निकासी प्रदान की जा सके। 

इसके अतिरिक्त, सरकार ने परियोजनाओं के लिए समय पर ग्रिड कनेक्टिविटी और निकासी सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए हैं।

नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से चिन्हित स्थानों से बिजली की निकासी के लिए हरित ऊर्जा गलियारा योजना लागू की जा रही है।

सीईए ने "2030 तक 500 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के एकीकरण के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली" पर एक रिपोर्ट तैयार की।

राष्ट्रीय विद्युत योजना (खंड II: ट्रांसमिशन) के माध्यम से अग्रिम ट्रांसमिशन नियोजन, जिसे केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) द्वारा अक्टूबर 2024 में अधिसूचित किया गया।

सीईआरसी विनियमों के अनुसार, आईएसटीएस शुल्क आहरित डीआईसी (नामित आईएसटीएस ग्राहक) द्वारा साझा किए जाते हैं और इसलिए, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के उत्पादन की लागत पर इनका सीधा प्रभाव नहीं पड़ता है। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 38 (2) (सी) के तहत, सीटीयू को आईएसटीएस की एक कुशल, समन्वित और किफायती प्रणाली के विकास को सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया है।

राज्य सभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 2862 के भाग () में संदर्भित अनुबंध, जिसका उत्तर 17.03.2026 को दिया जाना है, और जोनवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आईएसटीएस शुल्कों की माफी से संबंधित है।

क्र. सं.

परियोजना का प्रकार

आईएसटीएस शुल्क माफी

कमीशनिंग की तारीख से छूट की अवधि

1

पवन या सौर ऊर्जा स्रोत पर आधारित नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन स्टेशन (आरईजीएस) या पवन और सौर ऊर्जा स्रोत पर आधारित आरएचजीएस

30 जून 2025 तक शुरू होने वाली परियोजनाओं के लिए 100% छूट ; इसके बाद छूट में प्रतिवर्ष 25% की कमी आएगी

25 साल

2

हाइड्रो पंपड स्टोरेज प्लांट

उन परियोजनाओं के लिए 100% छूट दी जाएगी जिनके निर्माण कार्य का आवंटन 30 जून 2028 तक हो जाएगा।

25 साल

3

  1. बैटरी ईएसएस ऐसे सबस्टेशन पर कनेक्टेड है जहाँ आरईजीएस कनेक्टेड नहीं है, या बैटरी ईएसएस ऐसे सबस्टेशन पर कनेक्टेड है जहाँ आरईजीएस कनेक्टेड है लेकिन बैटरी ईएसएस ग्रिड या आरईजीएस के अलावा किसी अन्य स्रोत से चार्ज होती है
  2. बैटरी ईएसएस एक सबस्टेशन से जुड़ी होती है जहाँ आरईजीएस भी जुड़ा होता है और आरईजीएस से चार्ज होती है
  1. 30 जून 2025 तक शुरू होने वाली परियोजनाओं के लिए 100% छूट ; इसके बाद छूट में प्रतिवर्ष 25% की कमी आएगी
  2. 30 जून 2028 तक शुरू की गई परियोजनाओं के लिए 100%

12 साल

3

बड़ी जलविद्युत परियोजनाएं (>25 मेगावाट)

उन परियोजनाओं के लिए 100% छूट लागू होगी जिनके लिए पीपीए पर हस्ताक्षर करने और निर्माण कार्य शुरू करने की तिथि 1.12.2022 या उसके बाद तथा 30.6.2025 या उससे पहले की है; इसके बाद छूट में प्रतिवर्ष 25% की कमी होती जाएगी

18 साल

4

ग्रीन हाइड्रोजन/ग्रीन अमोनिया संयंत्र, जो सौर, पवन, बड़े जलविद्युत संयंत्रों या ऊर्जा भंडारण प्रणालियों से प्राप्त नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करते हैं, अथवा उपर्युक्त प्रौद्योगिकियों के किसी भी मिश्रित संयोजन का उपयोग करते हैं

31 दिसंबर 2030 तक शुरू होने वाली परियोजनाओं के लिए 100% छूट ; इसके बाद छूट में प्रतिवर्ष 25% की कमी आएगी

25 साल

5

अपतटीय पवन ऊर्जा

31 दिसंबर 2032 तक शुरू होने वाली परियोजनाओं के लिए 100% छूट ; इसके बाद छूट में प्रतिवर्ष 25% की कमी आएगी

25 साल

 

यह जानकारी केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने आज राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में प्रस्तुत की।

पीके/केसी/जीके/ डीके
 


(रिलीज़ आईडी: 2241377) आगंतुक पटल : 52
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu