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बायोफार्मा शक्ति योजना

प्रविष्टि तिथि: 17 MAR 2026 3:27PM by PIB Delhi

सरकार ने घरेलू जैव-औषधीय क्षेत्र को मजबूत करने और जीवोत्पाद (बायोलॉजिक्स) तथा बायोसिमिलर्स में वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से बायोफार्मा शक्ति योजना की घोषणा की है। इस योजना के लिए पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसका लक्ष्य भारत में किफायती स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक जैव-औषधीय विनिर्माण तथा नवाचार केंद्र के रूप में उभरने में सक्षम बनाने के लिए जीवोत्पाद और बायोसिमिलर्स के लिए एक वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी घरेलू परितंत्र का निर्माण करना है। योजना की रूपरेखा पर विचार-विमर्श जारी है।

बायोफार्मा शक्ति का उद्देश्य निम्नलिखित घटकों पर ध्यान केंद्रित करना है:

  1. बायोफार्मा डिस्कवरी ग्रांट फंड और डिस्कवरी एंड डेवलपमेंट इक्विटी फंड
  2. बायोफार्मा-केंद्रित एनआईपीईआर नेटवर्क + राष्ट्रीय बायोफार्मा अनुसंधान एवं विकास नेटवर्क
  3. इंडिया क्लिनिकल ट्रायल साइट्स नेटवर्क (1,000 मान्यता प्राप्त साइटें)
  4. किण्वन-आधारित थोक औषधियों और निर्माण खंडों के विनिर्माण के लिए प्रोत्साहन
  5. बायोफार्मा डिलीवरी डिवाइस और पैकेजिंग विनिर्माण परितंत्र
  6. बायोसिमिलर्स और उभरते जीवोत्पाद विनिर्माण पहल
  7. वैश्विक स्तर पर सर्वोत्तम औषधि समीक्षा मानकों और अनुमोदन समयसीमाओं के लिए विनियामक सुदृढ़ीकरण

इस योजना के तहत, जीन थेरेपी जैसे उन्नत क्षेत्रों के लिए विशेष समीक्षकों और विशेषज्ञ पदों का सृजन करके सीडीएससीओ को मजबूत बनाते हुए वैश्विक स्तर पर विश्वसनीय अनुमोदन प्रक्रिया को तेज करने की परिकल्पना की गई है। साथ ही, आईसीएमआर के अंतर्गत 1,000 नैदानिक ​​परीक्षण स्थलों का राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नेटवर्क बनाकर देश के नैदानिक ​​अनुसंधान क्षेत्र का विस्तार करने की भी परिकल्पना की गई है।

बायोफार्मा शक्ति पहल का उद्देश्य जीवोत्पादों और बायो-सिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करना है। इसके अलावा, अनुसंधान एवं विकास को समर्थन देकर, नैदानिक ​​परीक्षण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करके और शिक्षा जगत, अनुसंधान संस्थानों तथा उद्योग के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर, यह योजना जैव-औषधीय क्षेत्र में घरेलू नवाचार और विनिर्माण क्षमताओं को प्रोत्साहित करना चाहती है। उम्मीद है कि यह पहल समय के साथ आयात पर निर्भरता कम करने और वैश्विक जैव-औषधीय बाजार में भारत की भागीदारी बढ़ाने में योगदान देंगी।

रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एके/एसके


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