स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

रोगाणुवाहक (वेक्टर) जनित रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम


भारत सरकार सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के तहत 9-12 महीने और 16-24 महीने के बच्चों के लिए जापानी एन्सेफलाइटिस (जेई) का टीका (2 खुराक) निःशुल्क प्रदान कर रही है

डेंगू और जापानी एन्सेफलाइटिस की निगरानी और निःशुल्क निदान के लिए, देश भर में सेंटिनल सर्विलांस अस्पतालों और शीर्ष रेफरल प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क स्थापित किया गया; परीक्षण किट भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाती है

सहायक उपायों का उद्देश्य व्यवहार परिवर्तन संचार, अंतर-क्षेत्रीय संयोजन और क्षमता निर्माण के माध्यम से मानव संसाधन विकास करना है

प्रविष्टि तिथि: 17 MAR 2026 1:16PM by PIB Delhi

जन स्वास्थ्य राज्य का विषय है और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की है। यद्यपि, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत, भारत सरकार का स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को मलेरिया उन्मूलन, डेंगू और जापानी एन्सेफलाइटिस (जेई) नियंत्रण कार्यकलापों सहित वेक्टर (रोगाणुवाहक) जनित रोगों के नियंत्रण के लिए एकीकृत रूप से वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करता है। इसमें केस प्रबंधन, वेक्टर नियंत्रण कार्यकलाप, प्रशिक्षण सहायता, निगरानी और जनता, हितधारकों और नगरपालिकाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना शामिल है। यह सहायता राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अपने समग्र संसाधन आवंटन के अंतर्गत प्रस्तुत कार्यक्रम कार्यान्वयन योजनाओं (पीआईपी) के आधार पर प्रदान की जाती है।

भारत सरकार मच्छर नियंत्रण कार्यकलापों को सुदृढ़ करने, जन स्वास्थ्य उपायों और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्वास्थ्य विभागों और शहरी स्थानीय निकायों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग कर रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय  और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने डेंगू और अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए प्रमुख नगर निगमों की तैयारियों की संयुक्त रूप से समीक्षा की। अंतरक्षेत्रीय समन्वय को मजबूत करने के लिए इस प्रकार की बैठकें केंद्र और राज्य स्तर पर नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं।

भारत सरकार ने राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीवीबीडीसी) के तहत देश में मलेरिया, डेंगू और जापानी एन्सेफलाइटिस (जेई) की रोकथाम और नियंत्रण के लिए, विशेष रूप से ग्रीष्म और मानसून के मौसम की शुरुआत के साथ, निम्नलिखित उपाय और पहल की हैं:

  • रोग प्रबंधन में सक्रिय, निष्क्रिय और सेंटिनल निगरानी के साथ प्रारंभिक मामलों का पता लगाना, उसके बाद पूर्ण और प्रभावी उपचार, रेफरल सेवाओं को मजबूत करना, महामारी की तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया शामिल है।
  • एकीकृत वेक्टर प्रबंधन में चयनित उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में इनडोर अवशिष्ट छिड़काव (आईआरएस), उच्च मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय तक चलने वाले कीटनाशक जाल (एलएलआईएन), लार्वाभक्षी मछलियों का उपयोग, शहरी क्षेत्रों में जैव-लार्वानाशकों सहित लार्वा-रोधी उपाय और प्रजनन की रोकथाम के लिए सूक्ष्म पर्यावरणीय इंजीनियरिंग और स्रोत में कमी शामिल है।
  • सहायक उपायों का उद्देश्य क्षमता निर्माण के माध्यम से व्यवहार परिवर्तन संचार (बीसीसी), अंतर-क्षेत्रीय संयोजन और मानव संसाधन विकास करना है
  • सरकार सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) के तहत 9-12 महीने और 16-24 महीने की आयु के बच्चों के लिए जेई वैक्सीन (2 खुराक) निःशुल्क उपलब्ध करा रही है
  • डेंगू और जापानी एन्सेफलाइटिस की निगरानी और निःशुल्क निदान के लिए, देश भर में सेंटिनल सर्विलांस हॉस्पिटल्स (एसएसएच) और एपेक्स रेफरल लैबोरेटरीज (एआरएल) का एक नेटवर्क स्थापित किया गया है। परीक्षण किट भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाती हैं
  • सोशल मीडिया, रेडियो, समाचार पत्र और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से जन स्वास्थ्य संदेशों का प्रसार।
  • 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस और जून में मलेरिया-विरोधी माह, 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस और जुलाई में डेंगू-विरोधी माह का अवलोकन, जिसमें लक्षित सूचना एवं संचार एवं संचार संबंधी कार्यकलाप, पारस्परिक संचार और पक्षधरता शामिल हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

****

पीके/केसी/एसकेजे/एनजे


(रिलीज़ आईडी: 2241177) आगंतुक पटल : 170
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu