पंचायती राज मंत्रालय
ई-पंचायत मिशन मोड परियोजना की प्रगति
प्रविष्टि तिथि:
17 MAR 2026 3:08PM by PIB Delhi
पंचायती राज मंत्रालय, संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत ई-पंचायत मिशन मोड परियोजना (एमएमपी) का कार्यान्वयन कर रहा है जिसका उद्देश्य डिजिटल सक्षमता के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के कामकाज में पारदर्शिता, कार्यदक्षता और जवाबदेही को सुदृढ़ करना है।
डिजिटल पंचायतों की शुरुआत करने और ग्रामीण शासन में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से, माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 24 अप्रैल 2020 को ई-ग्रामस्वराज पोर्टल (https://egramswaraj.gov.in) शुरू किया गया था। ई-पंचायत एमएमपी के अंतर्गत विकसित ई-ग्रामस्वराज एप्लिकेशन ने पंचायत स्तर पर डिजिटल योजना, लेखांकन, निगरानी और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा प्रदान की है। ई-ग्रामस्वराज के माध्यम से पंचायतों को अपने वार्षिक पंचायत विकास योजनाओं (GPDPs) को ऑनलाइन तैयार करने एवं अपलोड करने की सुविधा प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त, पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के साथ ई-ग्राम स्वराज के एकीकरण से विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं को वास्तविक समय पर भुगतान करने में मदद मिली है, जिससे निधियों का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित होता है तथा भुगतान में होने वाली देरी में कमी आती है।
इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने ई-पंचायत एमएमपी के अंतर्गत कई अन्य एप्लीकेशन भी विकसित किए हैं। ‘मेरी पंचायत’ एप्लीकेशन के माध्यम से नागरिकों को पंचायतों की योजना, गतिविधियों तथा कार्यों की प्रगति से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। ‘पंचायत निर्णय’ ग्राम सभाओं के संचालन और प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहायक है। ‘ऑडिटऑनलाइन’ एप्लीकेशन पंचायतों के खातों और वित्तीय प्रबंधन के ऑनलाइन लेखा परीक्षण को सक्षम बनाता है, विशेष रूप से केंद्रीय वित्त आयोग के अनुदानों के उपयोग के ऑडिट हेतु। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने ‘सभासार’ नामक एक एआई-सक्षम प्लेटफार्म भी शुरू किया है, जो ग्राम सभा और पंचायत बैठकों की वॉयस-टू-टेक्स्ट प्रतिलिपि तथा कार्यवाही का सार तैयार कर उनके सटीक अभिलेखीकरण को सुनिश्चित करता है। दिनांक 11.03.2026 की स्थिति के अनुसार, 1.17 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों ने बैठकों की कार्यवाही तैयार करने के लिए सभासार पोर्टल का उपयोग किया है और पोर्टल पर 2.39 लाख से अधिक कार्यवृत्त अपलोड किए जा चुके हैं।
दिनाक 11.03.2026 की स्थिति के अनुसार, मौजूदा वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान, देश भर की कुल 2,64,211 ग्राम पंचायतों और उनके समकक्ष संस्थाओं में से 2,54,604 ग्राम पंचायतों और उनके समकक्ष (96.36%) ने अपने ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (जीपीडीपी) को ईग्रामस्वराज पर अपलोड कर दिए हैं और 2,42,871 ग्राम पंचायतों और उनके समकक्ष (91.92%) द्वारा ईग्रामस्वराज–पीएफएमएस इंटरफ़ेस के ज़रिए ₹38,491 करोड़ का भुगतान किया गया है।
कर्नाटक राज्य में पंचायतें योजना निर्माण, कार्य प्रबंधन और वित्तीय रिपोर्टिंग के लिए इस प्लेटफॉर्म का नियमित उपयोग कर रही हैं। दिनांक 11.03.2026 की स्थिति के अनुसार, राज्य की सभी ग्राम पंचायतों को ई-ग्रामस्वराज प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड किया जा चुका है। कुल 5,949 ग्राम पंचायतों में से 5,941 ग्राम पंचायतों (99.87%) ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए अपने ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (जीपीडीपी) को ग्रामस्वराज पर अपलोड कर दिए हैं, और 5,938 ग्राम पंचायतों (99.82%) ने XV वित्त आयोग के तहत ईग्रामस्वराज–पीएफएमएस इंटरफेस के ज़रिए ₹1,864 करोड़ का भुगतान किया है।
यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 17 मार्च 2026 को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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(रिलीज़ आईडी: 2241141)
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