कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

कौशल विकास केंद्रों की स्थिति

प्रविष्टि तिथि: 16 MAR 2026 3:28PM by PIB Delhi

भारत सरकार के स्किल इंडिया मिशन (सिम) के अंतर्गत, कौशल विकास और उद्यमशीलता  मंत्रालय (एमएसडीई) विभिन्न योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (एनएपीएस) जैसी प्रमुख योजनाओं के तहत कौशल विकास केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) द्वारा शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) के जरिए उत्तराखंड सहित देश भर के समाज के सभी वर्गों को कौशल, पुनर्कौशल और कौशलोन्नयन प्रशिक्षण प्रदान करता है। सिम का उद्देश्य भारत के युवाओं को उद्योग से संबंधित कौशलों से सुसज्जित करके भविष्य के लिए तैयार करना है।

उत्तराखंड सहित इन कार्यक्रमों के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने वाले देश भर के स्किल इंडिया केंद्रों (एसआईसी) की राज्य/संघ राज्‍य क्षेत्रवार संख्या अनुबंध I में दी गई है।

उक्त केंद्रों की स्थापना से लेकर आज तक राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार ऐसे प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की संख्या अनुबंध II में दी गई है।

एमएसडीई की योजनाओं में से वर्ष 2015-16 से 2021-22 तक लागू पीएमवीवाई जिसके प्रथम तीन चरणों (पीएमकेवीवाई 1.0, पीएमकेवीवाई 2.0 और पीएमकेवीवाई 3.0) के पीएमकेवीवाई के अल्पकालिक प्रशिक्षण घटक के अंतर्गत रोजगार पर नज़र रखी गई। पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत, प्रशिक्षित उम्मीदवारों को उनके विविध करियर अवसर चुनने के लिए सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है और उन्हें इसके लिए उपयुक्त रूप से अभिविन्यस्त किया जाता है। स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) कौशल प्रशिक्षण के लिए पाठ्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है और सिद्ध पोर्टल पर उपलब्ध प्रशिक्षित उम्मीदवारों के लिए नौकरियों और शिक्षुता के अवसरों तक पहुंच को सुगम बनाता है। इसके अलावा, प्रमाणित उम्मीदवारों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कौशल मेले और पीएम राष्ट्रीय शिक्षुता मेले (पीएमएनएएम) आयोजित किए गए हैं।

रोजगार सहित कौशल विकास योजनाओं के प्रभाव का आकलन तृतीय-पक्ष स्वतंत्र मूल्यांकन के माध्यम से किया जाता है। मूल्यांकन रिपोर्टों में विभिन्न योजनाओं के तहत प्रशिक्षित उम्मीदवारों के रोजगार या आजीविका में सुधार के संदर्भ में सफलता का उल्लेख किया गया है। इसका संक्षिप्त ब्‍यौरा नीचे दिया गया है:

पीएमकेवीवाई: नीति आयोग द्वारा एमएसडीई की प्रमुख योजना पीएमकेवीवाई का मूल्यांकन अक्टूबर 2020 में किया गया था। अध्ययन के अनुसार, सर्वेक्षण किए गए लगभग 94 प्रतिशत नियोक्ताओं ने बताया कि वे पीएमकेवीवाई के तहत प्रशिक्षित उम्मीदवारों को अधिक संख्या में नियुक्त करेंगे। इसके अलावा, आरपीएल घटक के तहत पूर्णकालिक/अंशकालिक रोजगार प्राप्त करने वाले और अभिविन्यस्त उम्मीदवारों में से 52 प्रतिशत को अप्रमाणित समकक्षों की तुलना में अधिक वेतन मिला या उन्हें लगा कि उन्हें अधिक वेतन मिलेगा।

जेएसएस: वर्ष 2020 में किए गए जेएसएस योजना के मूल्यांकन अध्ययन में पाया गया कि इस योजना से उन लाभार्थियों की पारिवारिक आय के लगभग दोगुनी होने मे सहायता की है जिन्हें जेएसएस प्रशिक्षण के बाद रोजगार मिला या जिन्होंने स्वरोजगार शुरू किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि योजना की उपयोगिता इस तथ्य से और भी स्पष्ट होती है कि 77.05% लाभार्थी प्रशिक्षुओं ने अपना व्यवसाय बदला है। अध्ययन में यह भी पुष्टि की गई है कि योजना में कौशलीकरण पर जोर स्वरोजगार को बढ़ावा देता है।

एनएपीएस: 2021 में किए गए एनएपीएस के तृतीय-पक्ष मूल्यांकन अध्ययन में पाया गया कि इस योजना ने संरचित ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण प्रदान करके युवाओं की रोजगार क्षमता को सफलतापूर्वक बढ़ाया है, जिससे विभिन्न उद्योगों में शिक्षुओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। योजना के नए चरण में, डीबीटी पद्धति को अपनाया गया है ताकि सरकार का हिस्सा सीधे शिक्षुओं के बैंक खातों में अंतरित किया जा सके, क्योंकि रिपोर्ट में सरलीकृत प्रतिपूर्ति प्रक्रिया की सिफारिश की गई थी।

अनुबंध I

'कौशल विकास केंद्र की स्थिति' के संबंध में दिनांक 16.03.2026 को उत्तरार्थ लोक सभा अतारांकित प्रश्न संख्या 3879 के भाग (क) से (ख) के उत्तर में उल्लिखित अनुबंध

कौशल भारत केंद्रों की संख्या (एसआईसी)

(दिनांक 31.12.2025 तक)

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

 

पीएमकेवीवाई 4.0 (एसटीटी+एसपी) केंद्र

जेएसएस केंद्र

एनएपीएस संस्‍थापनाएं

सीटीएस केंद्र/आईटीआई

अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह

5

1

25

4

आंध्र प्रदेश

371

6

1,216

521

अरुणाचल प्रदेश

82

-

30

10

असम

798

6

942

47

बिहार

537

21

720

1356

चंडीगढ़

10

1

176

3

छत्तीसगढ

177

14

319

227

दिल्ली

144

3

1,846

46

गोवा

6

1

513

13

गुजरात

266

9

10,399

493

हरियाणा

530

2

5,970

380

हिमाचल प्रदेश

180

11

778

268

जम्मू और कश्मीर

543

2

618

56

झारखंड

206

13

474

354

कर्नाटक

398

12

2,806

1468

केरल

132

9

1,972

442

लद्दाख

11

2

16

3

लक्षद्वीप

1

1

2

1

मध्य प्रदेश

1,351

29

1,214

953

महाराष्ट्र

571

21

9,652

1046

मणिपुर

163

4

31

11

मेघालय

93

1

45

8

मिजोरम

106

1

23

3

नागालैंड

85

2

24

9

ओडिशा

241

29

755

500

पुदुचेरी

22

-

262

15

पंजाब

572

2

1,071

329

राजस्थान

1,454

9

1,088

1543

सिक्किम

37

-

82

4

तमिलनाडु

490

9

3,138

457

तेलंगाना

119

6

1,406

301

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

9

2

139

4

त्रिपुरा

117

2

83

22

उत्तर प्रदेश

2,581

47

7,196

3304

उत्तराखंड

196

8

835

170

पश्चिम बंगाल

252

8

1,407

317

कुल योग

12,856

294

57,273

14,688

*प्रशिक्षण भागीदारों द्वारा केंद्रों को चालू करने के इरादे के आधार पर पीएमकेके को कार्यात्मक माना जा रहा है, जिसे एमएसडीई के निर्देशों के अनुसार जनवरी 2026 में प्रस्तुत किया गया था।

 

अनुबंध II

'कौशल विकास केंद्र की स्थिति' के संबंध में दिनांक 16.03.2026 को उत्तरार्थ लोक सभा अतारांकित प्रश्न संख्या 3879 के भाग (क) और (ख) के उत्तर में उल्लिखित अनुबंध

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र वार प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की संख्या

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

पीएमकेवीवाई

(स्थापना से दिनांक 31.12.2025 तक)

जेएसएस

(वर्ष 2018-19 से दिनांक 31.12.2025 तक)

एनएपीएस*

(वर्ष 2018-19 से दिनांक 31.12.2025 तक)

सीटीएस / आईटीआई

(वर्ष 2018-19 से दिनांक 31.12.2025 तक)

अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह

5,501

7,360

420

4,574

आंध्र प्रदेश

5,28,234

80,248

1,03,521

416,695

अरुणाचल प्रदेश

98,157

726

341

5,059

असम

8,39,672

68,386

50,120

31,356

बिहार

7,60,662

2,29,447

31,314

884,949

चंडीगढ़

28,035

12,120

6,523

7,679

छत्तीसगढ

2,04,543

1,46,565

30,498

176,809

दिल्ली

5,27,730

40,609

1,18,244

80,267

गोवा

10,484

12,547

45,002

16,408

गुजरात

4,71,954

1,23,173

5,15,340

680,947

हरियाणा

7,63,070

53,750

3,54,661

430,045

हिमाचल प्रदेश

1,76,674

86,411

44,092

163,850

जम्मू और कश्मीर

4,29,954

13,236

5,429

57,682

झारखंड

3,14,165

1,02,540

54,049

283,095

कर्नाटक

6,05,744

1,43,999

3,92,353

564,167

केरल

2,74,836

1,18,023

70,625

269,251

लद्दाख

4,076

912

186

2,005

लक्षद्वीप

390

4,733

46

2,356

मध्य प्रदेश

12,16,005

3,66,982

1,29,859

582,081

महाराष्ट्र

13,32,519

2,75,214

12,15,498

945,222

मणिपुर

1,15,021

49,070

522

3,482

मेघालय

58,967

5,980

1,139

5,661

मिजोरम

44,147

6,591

432

2,533

नागालैंड

54,055

12,322

117

2,014

ओडिशा

6,02,452

3,11,556

56,476

443,484

पुदुचेरी

35,597

-

14,775

6,040

पंजाब

5,63,757

22,653

83,788

337,863

राजस्थान

14,08,412

95,209

1,00,199

846,973

सिक्किम

19,479

-

1,943

2,569

तमिलनाडु

8,89,722

1,00,901

4,72,590

284,559

तेलंगाना

4,64,884

79,622

2,02,443

255,735

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

11,842

15,412

12,790

4,640

त्रिपुरा

1,60,367

20,096

2,465

17,811

उत्तर प्रदेश

25,09,363

6,18,416

3,60,627

2,550,273

उत्तराखंड

2,52,138

94,994

1,00,744

83,686

पश्चिम बंगाल

6,51,602

94,378

1,38,619

290,331

  कुल

1,64,34,210

34,14,181

47,17,790

10,742,151

*2133 शिक्षुओं के लिए राज्य/संघ राज्य क्षेत्र परिभाषित नहीं है

यह जानकारी कौशल विकास और उद्यमशीलता (एमएसडीई) राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री  जयन्‍त चौधरी द्वारा आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।

*****

पीके/केसी/डीवी/एसएस

 


(रिलीज़ आईडी: 2240772) आगंतुक पटल : 76
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu