खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
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खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए पीएलआई योजना का प्रदर्शन और प्रभाव


पीएलआईएसएफपी योजना की प्रगति: निवेश, लाभार्थी और रोजगार सृजन

प्रविष्टि तिथि: 13 MAR 2026 5:08PM by PIB Delhi

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) वित्तीय वर्ष 2021-22 से वित्तीय वर्ष 2026-27 की अवधि के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआईएसएफपी) लागू कर रहा है, जिसके लिए 10,900 करोड़ रुपये का स्वीकृत परिव्यय है। इस योजना के अंतर्गत अब तक वर्ष वार बजटीय आवंटन, जारी की गई धनराशि और वितरित किए गए प्रोत्साहनों का विवरण इस प्रकार है:

वित्तीय वर्ष

बजट अनुमान (बीई)

संशोधित अनुमान (आरई)

प्रोत्साहन राशि सहित जारी की गई धनराशि (करोड़ रुपये)

2021-22

10.00

10.00

9.27

2022-23

1022.00

801.00

489.83

2023-24

1530.00

1150.00

590.50

2024-25

1444.02

700.00

448.36

2025-26

1200.00

1200.00

 

1109.69

बिहार सहित पूरे देश में पीएलआईएसएफपीआई योजना के तहत स्वीकृत लाभार्थियों/आवेदनों की खण्‍ड और श्रेणी आधारित संख्या निम्नानुसार है:

क्रम संख्या

वर्ग

खंड

स्वीकृतियों की संख्या

कुल

1

श्रेणी – I

आरटीई/आरटीसी

12

51

फल और सब्जियां

26

 

समुद्री

09

 

मोत्ज़रेला पनीर

04

 

आरटीई/आरटीसी

12

 

2

श्रेणी –II

नवाचारी

2

15

जैविक

13

 

3

श्रेणी – III

बी एंड एम

73

73

4

बाजरा आधारित उत्पादों के लिए पीएलआई योजना (पीएलआईएसएमबीपी)

बड़ी संस्थाएं

8

29

एमएसएमई

21

 

कुल

168

168

बिहार राज्य में, पीएलआईएसएफपीआई योजना की श्रेणी-I के तहत कुल 660.37 करोड़ रुपये के निवेश से सात स्थानों पर खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मंजूरी दे दी गई है और वे परिचालन में आ गई हैं।

31.12.2025 तक स्वीकृत आवेदकों द्वारा लगभग 9207 करोड़ रुपये का कुल निवेश किया गया है। इस योजना के तहत प्रति वर्ष लगभग 35 लाख मीट्रिक टन प्रसंस्करण और संरक्षण क्षमता सृजित की गई है। देश भर में लगभग 3.29 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित किए गए हैं। योजना की श्रेणी-I के अंतर्गत किए गए निवेश का राज्यवार विवरण अनुलग्नक में दिया गया है ।

पीएलआईएसएफपीआई योजना के तहत स्वीकृत 168 आवेदकों में से 69 आवेदक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) श्रेणी के अंतर्गत हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्य स्वीकृत आवेदकों की 40 संविदा विनिर्माण इकाइयाँ भी एमएसएमई से संबंधित हैं। पीएलआईएसएफपीआई के तहत स्वीकृत 168 आवेदकों में से दो आवेदक सहकारी समितियाँ हैं, 13 आवेदक जैविक श्रेणी के अंतर्गत हैं और दो आवेदक नवोन्मेषी खाद्य उत्पादों की श्रेणी के अंतर्गत हैं।

इस योजना का उद्देश्य वैश्विक खाद्य विनिर्माण क्षेत्र के अग्रणी निर्माताओं को तैयार करना, भारतीय खाद्य उत्पादों के ब्रांडों को बढ़ावा देना, कृषि से इतर रोजगार के अवसर बढ़ाना, कृषि उत्पादों का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। पीएलआईएसएफपीआई के तहत प्रोत्साहन तभी प्राप्त किए जा सकते हैं जब योजना के अंतर्गत शामिल खाद्य उत्पादों की संपूर्ण विनिर्माण प्रक्रिया, जिसमें प्राथमिक प्रसंस्करण भी शामिल है, भारत में संपन्न हुई हो। अनुमोदित लाभार्थियों/आवेदकों द्वारा विदेशों में ब्रांडिंग और विपणन को बढ़ावा देने के लिए भी प्रोत्साहन प्रदान किए जाते हैं।

परिशिष्ट

 

पीएलआईएसएफपीआई योजना की श्रेणी-I के अंतर्गत किए गए निवेश का राज्यवार विवरण

क्रम संख्या

राज्य

स्थानों/इकाइयों की संख्या

अर्जित निवेश (करोड़ रुपये में)

1

आंध्र प्रदेश

34

1313.33

2

असम

3

46.54

3

बिहार

7

660.37

4

छत्तीसगढ़

1

45.14

5

गोवा

1

20.21

6

गुजरात

27

1599.88

7

हरियाणा

6

80.62

8

हिमाचल प्रदेश

1

10.93

9

जम्मू - कश्मीर

2

78.6

10

झारखंड

2

11.76

11

कर्नाटक

13

312.87

12

केरल

7

193.34

13

मध्य प्रदेश

8

657.69

14

महाराष्ट्र

31

1368.71

15

ओडिशा

6

196.56

16

पंजाब

6

136.02

17

राजस्थान

6

279.94

18

तमिलनाडु

11

390.91

19

तेलंगाना

8

245.5

20

उत्‍तर प्रदेश

23

1242.83

21

उत्तराखंड

2

132.72

22

पश्चिम बंगाल

8

182.53

 

कुल

213

9207.00

****

पीके/केसी/जेके/एमबी


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