आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने ‘अमृत मित्र महोत्सव’ का आयोजन कर अमृत 2.0 के अंतर्गत शहरी जल प्रबंधन में महिलाओं की अगुवाई वाले जमीनी नेतृत्व को सम्‍मानित किया


अमृत मित्र मॉडल को मौजूदा 1900 शहरों से बढ़ाकर 5000 शहरों तक विस्तारित किया जाएगा, जिससे शहरी जल और स्वच्छता के संबंध में महिलाओं के नेतृत्व वाली प्रबंधन प्रणाली का गहरा प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके: श्री मनोहर लाल

प्रविष्टि तिथि: 13 MAR 2026 5:53PM by PIB Delhi

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) ने आज अमृत मित्र महोत्सव का आयोजन किया। इस राष्ट्रीय समागम में अमृत 2.0 के तहत शहरी जल सेवाओं को सुदृढ़ करने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) – अमृत मित्रों को सम्‍मानित किया गया।

आवासन और शहरी कार्य मंत्री माननीय श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इसमें 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 1000 से अधिक महिलाओं और 300 अधिकारियों की उपस्थिति रही।

अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक की अमृत मित्रों ने अपनी व्यक्तिगत यात्रा, आजीविका में सुधार और सामुदायिक स्तर पर प्रभाव की कहानियाँ साझा कीं। उनकी कहानियों ने इस बात को रेखांकित किया कि जल गुणवत्ता परीक्षण, बिलिंग और संग्रह, सामुदायिक शक्ति को संगठित करने, एफएसएम संचालन और जल संसाधनों के संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें शहरी सेवा डि‍लीवरी में भागीदार बनने में सक्षम बनाया है।

केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने सभा को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि जल प्रबंधन केवल एक सेवा वितरण तंत्र भर नहीं है, बल्कि जन भागीदारी से संचालित एक मुहिम है। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि महिलाएं भारत की जल प्रणालियों में अहम भूमिका निभाती हैं, क्योंकि परिवार और समुदाय स्तर पर वे ही अक्सर जल की मुख्य प्रबंधक होती हैं।

श्री मनोहर लाल ने इस बात का उल्लेख किया कि विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने सेवा की डिलीवरी में सुधार, अधिक पारदर्शिता और नागरिकों एवं शहरी स्थानीय निकायों के बीच मजबूत संबंध स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि शहरी जल प्रबंधन में महिलाओं को सशक्त बनाना समुदाय की जिम्मेदारी को मजबूत करता है और अधिक टिकाऊ एवं कुशल जल प्रबंधन में योगदान देता है

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श्री मनोहर लाल ने स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं को उभरती शहरी जल प्रबंधन सेवाओं में एकीकृत करते हुए उनके लिए अवसरों का विस्तार करने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। ये गतिविधियाँ प्रयुक्त जल के पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण से संबंधित कार्यों, डिजिटल जल प्रबंधन प्रणालियों में भागीदारी, स्मार्ट मीटरिंग और डेटा-आधारित निगरानी, नागरिकों में जल संरक्षण और जिम्मेदार जल उपयोग को बढ़ावा देने के लिए शहरी स्तर पर सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) अभियानों के नेतृत्व से संबंधित हैं।

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माननीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि अमृत 2.0 के तहत उपचारित अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग प्रमुख प्राथमिकता होगी, क्योंकि शहर सर्कुलर और टिकाऊ जल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि अमृत मित्रों द्वारा इसमें समुदाय में जागरूकता फैलाने, स्थानीय पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण प्रणालियों की निगरानी में सहायता करने और जल संरक्षण एवं सर्कुलर जल प्रथाओं को बढ़ावा देने वाले आईईसी अभियानों का संचालन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी।

माननीय मंत्री ने अमृत मित्र मॉडल को वर्तमान 1900 शहरों से बढ़ाकर 5000 शहरों तक विस्तारित करने के मंत्रालय के विजन की घोषणा की, ताकि शहरी जल और स्वच्छता के संबंध में महिलाओं के नेतृत्व वाली प्रबंधन प्रणाली का गहरा प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।

आज 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 1910 शहरों में 45,000 से अधिक एसएचजी सदस्य सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। प्रस्तावित विस्तार के साथ, अमृत आजीविका के अधिक अवसर और जल सुरक्षा में मजबूत सामुदायिक भागीदारी को सक्षम बनाएगा।

अमृत मित्र महोत्सव के मुख्य आकर्षण:

  • राज्य-स्तरीय एसएचजी नवाचारों पर फोटो प्रदर्शनी
  • जल और स्वच्छता में महिला नेतृत्व वाली लचीलापन योजनाओं को बढ़ाने पर पैनल चर्चा
  • विभिन्न राज्यों के अमृत मित्रों द्वारा अनुभव साझा करने के सत्र
  • माननीय मंत्री द्वारा अमृत मित्र सर्वोत्तम प्रथाओं के सारांश का लॉन्‍च

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पीके/केसी/आरके/एसएस


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