मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
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एनएलएम-ईडीपी के तहत स्वीकृत परियोजनाएं

प्रविष्टि तिथि: 13 MAR 2026 11:47AM by PIB Delhi

एनएलएम-ईडीपी के तहत स्वीकृत परियोजनाओं पर वक्त्व्य

(क) भारत सरकार का पशुपालन और डेयरी विभाग वित्तीय वर्ष 2021-22 से राष्ट्रीय पशुधन मिशन – उद्यमिता विकास कार्यक्रम (एनएलएम-ईडीपी) लागू कर रहा है। इस कार्यक्रम के तहत, कुल पूंजीगत लागत का 50% (अधिकतम ₹50.00 लाख की सीमा तक) पूंजीगत सब्सिडी के रूप में सीधे लाभार्थी को प्रदान किया जाता है। लाभार्थी परियोजना की शेष लागत की व्यवस्था बैंक ऋण (10% मार्जिन मनी अनिवार्य है) या स्वयं के योगदान के माध्यम से करता है। अब तक धर्मपुरी जिले में, 2 भेड़ और 2 बकरी परियोजनाओं (कुल 4 परियोजनाएं) को मंजूरी दी गई है। अनुमोदित कुल परियोजना लागत ₹161 लाख है। अनुमोदित कुल पूंजीगत सब्सिडी ₹72.31 लाख है। सभी परियोजनाएं व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए स्वीकृत की गई हैं। इन चार परियोजनाओं में से एक परियोजना पूरी तरह से पूर्ण हो चुकी है और उसे ₹42.07 लाख की सब्सिडी की दोनों किस्तें प्राप्त हो चुकी हैं। दो परियोजनाओं को ₹9.15 लाख की सब्सिडी की पहली किस्त मिल गई है। एक परियोजना को अभी तक कोई सब्सिडी प्राप्त नहीं हुई है क्योंकि उसने अभी आवश्यक मानदंडों को पूरा नहीं किया है।

(ख) केंद्र सरकार धर्मपुरी जिले सहित पूरे भारत में सेमिनार, प्रचार अभियान और आउटरीच कार्यक्रमों सहित जागरूकता सृजन के लिए राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत, वर्ष 2025-26 के दौरान राज्यव्यापी जागरूकता और प्रचार के लिए तमिलनाडु सरकार को ₹25 लाख जारी किए गए हैं। धर्मपुरी जिले में "वेट्री निचयम"  पहल के तहत 22 पशुपालकों ने कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

(ग) यह योजना मांग-आधारित और पूरी तरह से डिजिटल है। लाभार्थियों द्वारा आवेदन ऑनलाइन जमा किए जाते हैं और राज्य कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा व्यवहार्यता के लिए तथा बैंकों द्वारा वित्तीय साध्यता के लिए दिशा-निर्देशों के अनुसार जांचे जाते हैं। भारत सरकार का पशुपालन और डेयरी विभाग, राज्य कार्यान्वयन एजेंसी से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूर्ण आवेदन प्राप्त होने पर स्वीकृति प्रदान करता है। इस पारदर्शी प्रक्रिया के कारण, सीमित जागरूकता, सब्सिडी जारी करने में देरी, क्रेडिट लिंकेज (ऋण जुड़ाव) के मुद्दे या पशु चिकित्सा बुनियादी ढांचे की कमी जैसी कोई बाधा कार्यक्रम के कार्यान्वयन को प्रभावित नहीं कर रही है।

(घ) पशुपालन और डेयरी विभाग राष्ट्रीय पशुधन मिशन – उद्यमिता विकास कार्यक्रम (एनएलएम-ईडीपी) को निम्नलिखित तरीके से लागू करता है:

  1. आवेदक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करता है। राज्य सरकार, भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन का मूल्यांकन करती है। अनुशंसित आवेदन को ऋण स्वीकृति के लिए बैंक को भेज दिया जाता है।
  2. बैंक अपने मानदंडों के अनुसार प्रस्ताव की जांच करने के बाद ऋण स्वीकृत करता है। इसके बाद आवेदन डीएएचडी के पास आता है। डीएएचडी आवेदन की जांच करता है और परियोजना को मंजूरी देता है। बैंक स्वीकृत ऋण का 25% हिस्सा जारी करता है। लाभार्थी परियोजना शुरू करता है, वितरित ऋण राशि और 10% मार्जिन मनी (स्व-वित्तपोषित परियोजनाओं के मामले में परियोजना लागत का 25%) का उपयोग करता है। इसके बाद राज्य सरकार निरीक्षण करती है और रिपोर्ट प्रस्तुत करती है। दस्तावेज सही पाए जाने पर विभाग सब्सिडी की पहली किस्त जारी करता है। परियोजना पूरी होने और राज्य द्वारा प्रमाणित होने के बाद सब्सिडी की दूसरी किस्त जारी की जाती है।
  3. बैंकों और पशुपालन सेवाओं के साथ समन्वय को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार और बैंकों के पास लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा की जाती है। बैंक स्तर पर परियोजना प्रस्तावों की लंबित स्थिति की समीक्षा के लिए डीएएचडी के सचिव की अध्यक्षता में एक 'केंद्रीय स्तरीय बैंकिंग समिति' का गठन किया गया है।
  4. डीएएचडी मार्केट लिंकेज (बाजार संपर्क) बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ संवाद भी करता है।

 () यह योजना मांग-आधारित है और पूरे देश में समान रूप से लागू है।

यह जानकारी मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में दी।

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पीके/केसी/एसके/


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