भारी उद्योग मंत्रालय
केंद्रीय मंत्री श्री एचडी कुमारस्वामी ने हरिद्वार में बीएचईएल का दौरा किया और ऊर्जा, रक्षा और विनिर्माण क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों का शुभारंभ किया
बीएचईएल (भेल) हरिद्वार प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के तहत भारत की बढ़ती औद्योगिक और रणनीतिक विनिर्माण क्षमता का प्रदर्शन करता है
केंद्रीय मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत और प्रधानमंत्री मोदी के नेट जीरो 2070 विजन को आगे बढ़ाने में बीएचईएल की भूमिका पर प्रकाश डाला
प्रविष्टि तिथि:
12 MAR 2026 9:22PM by PIB Delhi
केंद्रीय इस्पात और भारी उद्योग मंत्री श्री. एचडी कुमारस्वामी ने आज हरिद्वार में भेल विनिर्माण सुविधा का दौरा किया। यहां उन्होंने प्रमुख बुनियादी ढांचा से संबंधित परियोजनाओं को समर्पित किया और भारत के भारी इंजीनियरिंग पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए प्रमुख औद्योगिक और रक्षा उपकरणों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस यात्रा ने बिजली उत्पादन, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा विनिर्माण और उन्नत भारी इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में भारत की औद्योगिक क्षमता को मजबूत करने में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल) द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। केंद्रीय मंत्री ने संयंत्र में वरिष्ठ अधिकारियों, इंजीनियरों और श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि बीएचईएल जैसी संस्थाएं भारत की औद्योगिक शक्ति का मूल आधार हैं। मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बीएचईएल जैसी संस्थाएं केवल विनिर्माण इकाइयां नहीं हैं बल्कि वे राष्ट्रीय क्षमता के भंडार हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम इसे प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कुमारस्वामी ने कहा कि जब भारत ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विशेषज्ञता, रणनीतिक स्वायत्तता और आत्मनिर्भर विकास की बात करता है, तो बीएचईएल जैसी संस्थाएं ही उन राष्ट्रीय आकांक्षाओं को देश के लिए ठोस संपत्तियों में परिवर्तित करती हैं।
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा
इस यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने हरिद्वार स्थित 5 मेगावॉट के ग्राउंड माउंटेड सोलर पावर प्लांट को राष्ट्र को समर्पित किया। यह परियोजना बीएचईएल के स्थायी ऊर्जा समाधानों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इस आयोजन के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कुमारस्वामी ने कहा कि राष्ट्र को 5 मेगावॉट का ग्राउंड माउंटेड सोलर पावर प्लांट समर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। 11,000 से अधिक सौर मॉड्यूल और लगभग 90 लाख किलोवॉट प्रति घंटे के वार्षिक उत्पादन के साथ यह परियोजना कार्बन उत्सर्जन को कम करते हुए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में योगदान देगी। यह पहल बीएचईएल हरिद्वार की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा को मजबूत करती है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2070 के नेट जीरो विजन को आगे बढ़ाती है।
इस संयंत्र से प्रतिवर्ष लगभग 90 लाख यूनिट बिजली उत्पन्न होने की उम्मीद है, साथ ही कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी और परिचालन लागत में काफी बचत होगी।
फाउंड्री और फोर्जिंग क्षमताओं को सुदृढ़ करना
केंद्रीय मंत्री ने बीएचईएल के सेंट्रल फाउंड्री एंड फोर्ज प्लांट में 30 टन की इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) का भी उद्घाटन किया, जिससे कंपनी की धातुकर्म और विनिर्माण क्षमताओं में वृद्धि होगी।
इस सुविधा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि यह भट्टी बिजली, भारी इंजीनियरिंग और रणनीतिक क्षेत्रों में उपयोग किए जाने वाले महत्वपूर्ण घटकों के लिए भारत की घरेलू विनिर्माण क्षमता को मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि हरिद्वार स्थित बीएचईएल के सेंट्रल फाउंड्री एंड फोर्ज प्लांट में 30 टन की इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का उद्घाटन किया गया है। इससे भारत की महत्वपूर्ण फाउंड्री और फोर्जिंग क्षमताओं को मजबूती मिलेगी। यह सुविधा उन्नत औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए स्वदेशी विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
स्वदेशी रक्षा विनिर्माण
एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में मंत्री ने भारतीय नौसेना के लिए उन्नत सुपर रैपिड गन माउंट (एसआरजीएम) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो भारत के रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में बीएचईएल की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
यह उन्नत नौसैनिक हथियार प्रणाली 35 किलोमीटर तक की मारक क्षमता के साथ प्रति मिनट 120 राउंड तक की तीव्र गति से फायर करने में सक्षम है। इसे विमान-रोधी और सतह-रोधी दोनों अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है।
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने स्वदेशी रक्षा क्षमता को मजबूत करने में इस विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि भारत के रक्षा विनिर्माण तंत्र की बढ़ती ताकत को दर्शाती है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया के दृष्टिकोण को भारत और दुनिया के लिए आगे बढ़ाती है।
टर्बो जनरेटर को झंडी दिखाकर रवाना किया
इस यात्रा के दौरान मंत्री ने मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी से टर्बो जनरेटर की रवानगी को हरी झंडी दिखाई, जो भारत की भारी विद्युत विनिर्माण क्षमताओं के पैमाने और विशेषज्ञता को रेखांकित करता है। एक बड़ी विद्युत परियोजना के लिए निर्मित यह जनरेटर भारत के ऊर्जा अवसंरचना के लिए आवश्यक उच्च क्षमता वाले विद्युत उपकरणों के निर्माण में बीएचईएल की विशेषज्ञता को उजागर करता है। कुमारस्वामी ने कहा कि यह उपलब्धि भारत की उन्नत विद्युत उपकरणों के स्वदेशी निर्माण की क्षमता को भी दर्शाती है।

भारत की औद्योगिक क्षमता का आधार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीएचईएल हरिद्वार भारत के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसमें थर्मल पावर स्टेशनों के लिए टर्बाइन और जनरेटर का उत्पादन करने वाला हेवी इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट प्लांट और बड़े कास्टिंग और फोर्जिंग की आपूर्ति करने वाला सेंट्रल फाउंड्री एंड फोर्ज प्लांट दोनों स्थित हैं। जब ये क्षमताएं भारत के भीतर विकसित और बरकरार रखी जाती हैं, तो देश को अनुकूलता प्राप्त होता है। कुमारस्वामी ने कहा कि इससे आयात पर निर्भरता कम होती है, घरेलू आपूर्ति शृंखलाएं मजबूत होती हैं, रणनीतिक सूचनाएं सुरक्षित रहती हैं और भविष्य के लिए एक स्थायी औद्योगिक आधार तैयार होता है।
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि बीएचईएल भारत के विकास पथ पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। इस यात्रा ने स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, रक्षा उत्पादन और विद्युत उपकरण इंजीनियरिंग के अभिसरण को उजागर किया, जिससे यह प्रदर्शित हुआ कि बीएचईएल जैसे संस्थान भारत के एक मजबूत, तकनीकी रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर औद्योगिक भविष्य की ओर बढ़ने की यात्रा में कितने महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
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पीके/केसी/आरकेजे
(रिलीज़ आईडी: 2239358)
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