जनजातीय कार्य मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

अनुसूचित जनजातियों के बीच आजीविका की समस्या

प्रविष्टि तिथि: 12 MAR 2026 4:53PM by PIB Delhi

केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने लोकसभा को सूचित किया कि सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा आयोजित किए गए आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अनुसार, केरल सहित अखिल भारतीय स्तर पर, सर्वेक्षण अवधि 2019-20 से 2023-24 तक का अनुसूचित जनजातियों (अजजा) के बीच बेरोजगारी दर का अनुमान नीचे दिया गया हैः

पीएलएफएस सर्वेक्षण अवधि

बेरोजगारी दर (प्रतिशत में)

2019-20

3.4

2020-21

2.7

2021-22

2.4

2022-23

1.8

2023-24

1.9

* सर्वेक्षण किए गए प्रत्येक परिवार के लिए, उस सामाजिक समूह को दर्ज किया गया था जिससे घर का मुखिया संबंधित था। परिवार के मुखिया के सामाजिक समूह को परिवार के सभी सदस्यों का सामाजिक समूह माना जाता था, चाहे वास्तविक सामाजिक समूह कोई भी हो जिससे व्यक्तिगत सदस्य संबंधित हों। पीएलएफएस सर्वेक्षण का दायरा सामाजिक समूहों पर कोई विशेष ध्यान दिए बिना सभी परिवारों के लिए है, नमूना डिजाइन विशेष रूप से अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), आदि जैसे सामाजिक समूहों के लिए ही तैयार नहीं किया गया था। नोटः 2023-24 जुलाई 2023-जून 2024 की अवधि को संदर्भित करता है और इसी तरह अन्य अवधियों के लिए।

जनजातीय कार्य मंत्रालय केरल सहित देश भर में अनुसूचित जनजातियों के बीच आजीविका के अवसरों, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ लिमिटेड (ट्राइफेड) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) सहित अपने संगठनों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वित (लागू) करता है।

जनजातीय कार्य मंत्रालय, ट्राइफेड के माध्यम से आजीविका संचालित जनजातीय विकास के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (पीएमजेवीएम) और 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) की सुरक्षा और विकास के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) को क्रियान्वित (लागू) कर रहा है। पीएमजेवीएम के तहत, जनजातीय स्वयं सहायता समूहों को वन धन विकास केंद्रों (वीडीवीके) में संगठित किया जाता है, ताकि लघु वनोपज और अन्य जनजातीय उत्पादों का मूल्यवर्धन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन किया जा सके। अब तक, ट्राइफेड ने 612.13 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ 4125 वीडीवीके को स्वीकृति दी है, जिससे 25 राज्यों और 3 संघ राज्य क्षेत्रों में लगभग 12.33 लाख जनजातीय लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं। इसमें से, केरल राज्य में लगभग 12,038 सदस्यों से जुड़े 597.25 लाख रुपये के वित्तीय परिव्यय के 44 वीडीवीके को स्वीकृति दी गई है। इसी तरह, पीएम-जनमन के तहत, ट्राइफेड ने 22.98 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ 539 वीडीवीके को स्वीकृति दी है, जिससे 16 राज्यों और 1 संघ राज्य क्षेत्र में लगभग 45,958 पीवीटीजी सदस्य लाभान्वित हुए हैं। इनमें से केरल में 26.85 लाख रुपये की स्वीकृति राशि के साथ 7 वीडीवीके को स्वीकृति दी गई है, जिसमें 537 सदस्यों को जोड़ा गया है।

इसके अलावा, जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत एक शीर्ष संगठन, एनएसटीएफडीसी, आय सृजन गतिविधियों और स्व-रोजगार के लिए पात्र अनुसूचित जनजाति लाभार्थियों को रियायती वित्तीय सहायता प्रदान करता है। क्रियान्वित प्रमुख योजनाओं में सावधि ऋण योजना, आदिवासी महिला सशक्तिकरण योजना (एएमएसवाई), स्वयं सहायता समूहों के लिए सूक्ष्म ऋण योजना (एमसीएफ) और आदिवासी शिक्षा ऋण योजना (एएसआरवाई) शामिल हैं। ये योजनाएं अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों की आय सृजन, उद्यमिता विकास और शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं। विगत तीन वित्तीय वर्षों और वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 28.02.2026 तक, एनएसटीएफडीसी ने देश भर में 2,95,154 लाभार्थियों की सहायता करते हुए 1,198.40 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए हैं, जिनमें से 23.33 करोड़ रुपये केरल राज्य में अपनी आय सृजन योजना के तहत 2209 लाभार्थियों की सहायता करते हुए वितरित किए गए हैं।

इसके अलावा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के तहत, केरल राज्य में अनुसूचित जनजातियों सहित समाज के सभी वर्गों को लाभान्वित करने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना (एनएपीएस) और शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) जैसी योजनाओं के माध्यम से कौशल विकास, पुनः कौशल (री-स्कीलिंग) और कौशल उन्नयन प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

पीएमकेवीवाई के तहत, 31.12.2025 तक देश भर में कुल 8,13,357 अजजा उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है। केरल में, 2,698 अनुसूचित जनजाति उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है, 1,812 प्रमाणित हैं, और 202 उम्मीदवारों को अल्पकालिक प्रशिक्षण घटक के तहत रखा गया है। जेएसएस योजना के तहत, 31.12.2025 तक देश भर में 4,50,211 अजजा उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें केरल में 5,405 अजजा उम्मीदवार शामिल हैं। इसके अलावा, एनएपीएस-2 के तहत, वित्त वर्ष 2022-23 से वित्त वर्ष 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) के दौरान देश भर में 1,65,608 अजजा प्रशिक्षुओं को संलग्न (नियुक्त) किया गया है, जिनमें से 5,875 अजजा प्रशिक्षुओं को केरल में नियोजित किया गया है।

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के माध्यम से कार्यान्वित शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) के तहत, एक कुशल कार्यबल बनाने के लिए दीर्घकालिक व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है। केरल राज्य में, 149 सरकारी आईटीआई और 293 निजी आईटीआई सहित 442 आईटीआई हैं, जो अनुसूचित जनजातियों से संबंधित युवाओं सहित युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।

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