पंचायती राज मंत्रालय
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के उद्देश्य और प्रमुख विशेषताएं
प्रविष्टि तिथि:
11 MAR 2026 2:36PM by PIB Delhi
संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के प्रमुख उद्देश्य और मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
(i) ग्राम पंचायतों को सरकार के तीसरे स्तर के रूप में प्रभावी ढंग से कार्य करने योग्य बनाने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों की नेतृत्व क्षमता का विकास करना।
(ii) ग्राम सभाओं को मजबूत बनाना, ताकि वे पंचायत व्यवस्था में जनभागीदारी के प्रमुख मंच के रूप में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
(iii) पंचायत प्रशासन में सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए ई-गवर्नेंस तथा अन्य प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों को बढ़ावा देना।
(iv) संविधान तथा पेसा अधिनियम, 1996 की भावना के अनुरूप पंचायतों को शक्तियों और जिम्मेदारियों केहस्तांतरण को बढ़ावा देना।
संशोधित आरजीएसए एक मांग-आधारित योजना है। राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को धनराशि, केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) द्वारा अनुमोदित वार्षिक कार्य योजना तथा व्यय की प्रगति के आधार पर जारी की जाती है। इसके लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र, लेखापरीक्षित रिपोर्ट आदि आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना भी अपेक्षित होता है। अनुमोदित घटकों के अंतर्गत धनराशि का उपयोग राज्य/संघ राज्य क्षेत्र अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार कर सकते हैं। संशोधित आरजीएसए के अंतर्गत राजस्थान सहित राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार वर्ष-वार जारी धनराशि तथा व्यय का विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है। जिला-वार जानकारी केंद्रीय स्तर पर नहीं रखी जाती है।
संशोधित आरजीएसए के कार्यान्वयनकी नियमित समीक्षा प्रशिक्षण प्रबंधन पोर्टल (TMP), बैठकों/वीडियो कॉन्फ्रेंस, मंत्रालय के अधिकारियों के क्षेत्र दौरों और पूर्व-सीईसी बैठकों के माध्यम से की जाती है। केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति भी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों की वार्षिक कार्य योजनाओं को मंजूरी देते समय संशोधित आरजीएसए के कार्यान्वयन की समीक्षा करती है।
पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने, उनकी प्रभावशीलता का आकलन करने तथा सुधारात्मक उपाय सुझाने के लिए संशोधित आरजीएसए का बाह्य मूल्यांकन ग्रामीण प्रबंधन संस्थान, आनंद (IRMA) के माध्यम से कराया गया। मूल्यांकन में पाया गया कि योजना के अंतर्गत कक्षा आधारित/विषयगत मॉड्यूल, एक्सपोजर विजिट तथा डिजिटल शिक्षण जैसी संरचित क्षमता निर्माण गतिविधियों से पंचायत संचालन, योजना निर्माण एवं कार्यान्वयन (जीपीडीपी सहित), डिजिटल शासन, जनभागीदारी और वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाओं की क्षमता में वृद्धि हुई है। प्रशिक्षण उपरांत आकलनों में ज्ञान एवं व्यवहार में मापनीय सुधार भी दर्ज किए गए, जिससे स्थानीय शासन की प्रभावशीलता बढ़ी है तथा सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के स्थानीयकरण को बल मिला है।
इसके अतिरिक्त, नीति आयोग द्वारा कराए गए एक स्वतंत्र मूल्यांकन अध्ययन में भी यह पाया गया कि आरजीएसए ने जमीनी स्तर पर शासन क्षमता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस योजना ने जवाबदेही, पारदर्शिता, लैंगिक समावेशन, डिजिटल अवसंरचना के प्रभावी उपयोग तथा अभिसरण जैसे विषयों को भी प्रोत्साहन दिया है।
अनुलग्नक-I
वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार जारी निधि और व्यय
(करोड़ रुपये में)
|
क्र.सं
|
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार
|
2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
2025-26
|
|
जारी की गई निधि
|
उपयोग की गई निधि
|
जारी की गई निधि
|
उपयोग की गई निधि
|
जारी की गई निधि
|
उपयोग की गई निधि
|
जारी की गई निधि
|
उपयोग की गई निधि (28.02.2026 तक)
|
|
1
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
0.00
|
1.03
|
0.79
|
1.28
|
2.12
|
1.18
|
1.00
|
1.81
|
|
2
|
आंध्र प्रदेश
|
0.00
|
5.62
|
0.00
|
21.35
|
2.52
|
59.64
|
30.00
|
35.02
|
|
3
|
अरुणाचल प्रदेश
|
108.69
|
132.45
|
72.09
|
89.97
|
70.00
|
77.94
|
52.00
|
54.04
|
|
4
|
असम
|
55.29
|
95.15
|
77.70
|
91.41
|
60.00
|
71.87
|
55.71
|
57.22
|
|
5
|
बिहार
|
33.37
|
70.07
|
25.00
|
51.81
|
0.00
|
75.08
|
35.00
|
35.69
|
|
6
|
छत्तीसगढ़
|
0.00
|
29.52
|
17.57
|
22.25
|
16.50
|
34.12
|
30.00
|
29.70
|
|
7
|
दादरा और नगर हवेली एवंदमन और दीव
|
1.14
|
4.50
|
1.00
|
0.38
|
1.00
|
0.24
|
1.25
|
1.71
|
|
8
|
गोवा
|
0.00
|
1.12
|
0.89
|
1.00
|
1.35
|
1.29
|
1.00
|
1.29
|
|
9
|
गुजरात
|
0.00
|
0.01
|
0.00
|
1.28
|
0.00
|
15.48
|
7.50
|
10.62
|
|
10
|
हरियाणा
|
0.00
|
3.06
|
0.00
|
8.84
|
5.00
|
8.22
|
17.50
|
29.17
|
|
11
|
हिमाचल प्रदेश
|
60.65
|
37.49
|
19.31
|
69.30
|
27.21
|
42.94
|
14.00
|
18.77
|
|
12
|
जम्मू और कश्मीर
|
40.00
|
57.75
|
65.00
|
98.61
|
65.00
|
57.89
|
50.00
|
64.34
|
|
13
|
झारखंड
|
0.00
|
18.44
|
31.00
|
25.95
|
0.00
|
26.47
|
15.00
|
21.62
|
|
14
|
कर्नाटक
|
36.00
|
25.67
|
20.00
|
39.02
|
16.25
|
49.53
|
20.00
|
22.81
|
|
15
|
केरल
|
30.40
|
23.13
|
10.00
|
37.04
|
10.00
|
32.65
|
18.00
|
20.63
|
|
16
|
लद्दाख
|
0.00
|
1.52
|
1.00
|
0.80
|
0.00
|
0.58
|
0.50
|
0.21
|
|
17
|
लक्षद्वीप
|
0.00
|
|
0.00
|
|
0.00
|
|
0.00
|
0.00
|
|
18
|
मध्य प्रदेश
|
28.00
|
145.17
|
32.17
|
74.16
|
40.00
|
96.82
|
42.00
|
64.09
|
|
19
|
महाराष्ट्र
|
37.84
|
129.03
|
116.12
|
194.26
|
80.00
|
134.79
|
53.00
|
80.52
|
|
20
|
मणिपुर
|
8.63
|
3.31
|
9.56
|
8.34
|
0.00
|
3.91
|
3.55
|
8.95
|
|
21
|
मेघालय
|
0.00
|
6.41
|
6.00
|
6.26
|
8.00
|
7.60
|
7.50
|
4.64
|
|
22
|
मिजोरम
|
14.27
|
25.48
|
10.00
|
15.64
|
12.00
|
19.63
|
15.00
|
17.68
|
|
23
|
नागालैंड
|
0.00
|
0.00
|
10.00
|
5.46
|
10.00
|
15.32
|
10.00
|
11.21
|
|
24
|
ओडिशा
|
11.40
|
24.83
|
27.33
|
44.22
|
20.00
|
60.15
|
55.00
|
80.26
|
|
25
|
पुदुच्चेरी
|
0.00
|
|
0.00
|
|
0.00
|
|
0.00
|
0
|
|
26
|
पंजाब
|
34.25
|
42.91
|
10.00
|
23.06
|
5.00
|
23.89
|
30.00
|
34.02
|
|
27
|
राजस्थान
|
0.00
|
32.53
|
21.72
|
40.12
|
15.00
|
30.88
|
10.00
|
22.96
|
|
28
|
सिक्किम
|
6.01
|
4.98
|
6.00
|
7.90
|
7.00
|
7.19
|
3.00
|
4.28
|
|
29
|
तमिलनाडु
|
25.42
|
8.53
|
0.00
|
25.98
|
45.00
|
63.69
|
20.00
|
51.67
|
|
30
|
तेलंगाना
|
0.00
|
3.19
|
20.00
|
20.47
|
0.00
|
8.99
|
3.00
|
24.83
|
|
31
|
त्रिपुरा
|
9.80
|
3.76
|
7.43
|
10.96
|
10.00
|
20.24
|
30.00
|
27.16
|
|
32
|
उत्तर प्रदेश
|
85.05
|
96.33
|
84.13
|
158.95
|
38.77
|
180.84
|
20.24
|
53.35
|
|
33
|
उत्तराखंड
|
42.48
|
57.15
|
64.67
|
66.29
|
50.00
|
63.72
|
40.00
|
26.77
|
|
34
|
पश्चिम बंगाल
|
4.28
|
50.89
|
33.69
|
57.32
|
52.68
|
82.56
|
40.00
|
71.09
|
|
|
कुल-योग
|
672.97
|
|
800.17
|
|
670.40
|
|
730.75
|
|
|
|
अन्य कार्यान्वयन एजेंसी
|
10.01
|
10.01
|
14.69
|
14.69
|
23.77
|
23.77
|
20.78
|
20.58
|
|
|
कुल
|
682.98
|
1151.04
|
814.86
|
1334.37
|
694.17
|
1399.11
|
751.53
|
1008.71
|
निधि के उपयोग में केंद्रीय हिस्सेदारी शामिल है। वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों में 30 जून 2025 तक SNA मॉड्यूल के माध्यम से जारी की गई राशि तथा 1 जुलाई 2025 से SNA-SPARSH के माध्यम से जारी की गई राशि, राज्य हिस्सेदारी और पिछले वर्ष की अव्ययित शेष राशि शामिल है। जारी की गई राशि केवल केंद्रीय हिस्सेदारी को दर्शाती है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जारी की गई राशि में SNA और SNA-SPARSH दोनों के माध्यम से जारी फंड शामिल हैं।
यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 11 मार्च 2026 को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
***
AA
(रिलीज़ आईडी: 2238107)
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