कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अत्यधिक रियायती प्रीमियम दरों पर किसानों को व्यापक फसल बीमा प्रदान करती है

प्रविष्टि तिथि: 10 MAR 2026 6:10PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा बीमांकित/बोली-निर्धारित/निविदा-निर्धारित प्रीमियम दरें वसूल की जाती हैं। हालांकि, देश भर में किसानों से इस सीजन के लिए बेहद कम प्रीमियम दर वसूली जाती है, जो खरीफ फसलों के लिए बीमा राशि का अधिकतम 2%, रबी फसलों के लिए बीमा राशि का अधिकतम 1.5% और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए बीमा राशि का अधिकतम 5% है। बीमा प्रीमियम का शेष भाग केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 50:50 के अनुपात में साझा किया जाता है, सिवाय पूर्वोत्तर राज्यों (खरीफ 2020 से) और हिमालयी राज्यों (खरीफ 2023 से) के, जहां इसे 90:10 के अनुपात में साझा किया जाता है। किसानों को ऊपर उल्लिखित प्रीमियम दरों के अलावा कोई अतिरिक्त प्रीमियम भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है।

इसके अलावा योजना के परिचालन संबंधी दिशा-निर्देशों में मानक पीएमएफबीवाई के अलावा कप और कैप मॉडल (80:110) कप और कैप मॉडल (60:130) और लाभ और हानि साझा करने वाले मॉडल जैसे 3 वैकल्पिक जोखिम हस्तांतरण मॉडल का भी प्रावधान है। इसके तहत निश्चित सीमा से नीचे के दावों के मामले में सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में भुगतान किए गए प्रीमियम का हिस्सा राज्य के खजाने में वापस चला जाएगा। राज्यों को इन मॉडलों में से किसी एक को मुख्य योजना के रूप में चुनने की छूट दी गई है।

राज्यवार किसान आवेदनों की संख्या, किसानों द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम, भुगतान किए गए दावों और पीएमएफबीवाई के तहत दावों से लाभान्वित किसानों की संख्या का विवरण परिशिष्ट में दिया गया है।

पीएमएफबीवाई संबंधित राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित खाद्य फसलों (गेहूं, चावल आदि, बाजरा और दालें), तिलहन और वार्षिक वाणिज्यिक बागवानी फसलों के लिए बुवाई से पहले से लेकर कटाई के बाद तक फसल क्षति को लेकर व्यापक जोखिम बीमा प्रदान करता है। इस योजना के तहत राज्यों को कम जोखिम वाले या उच्च जोखिम वाले राज्यों के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है। हालांकि, जोखिम में विविधता लाने और फैलाने एवं बिना किसी पूर्वाग्रह के राज्य के भीतर उच्च जोखिम वाले और कम जोखिम वाले जिलों/क्षेत्रों को कवर करने के लिए राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को जिलों/क्षेत्रों को इस तरह से समूहबद्ध करने की आवश्यकता है कि प्रत्येक समूह में अलग-अलग जोखिम प्रोफाइल वाले जिलों/क्षेत्रों का मिश्रण हो। निविदा आमंत्रित करने से पहले राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों, विशेष रूप से बड़े राज्यों को, फसलों से जुड़े जोखिम की मात्रा और योजना के तहत अधिसूचित किए जाने वाले जिलों/क्षेत्रों के आधार पर राज्य को जिलों के कई समूहों में विभाजित करना होगा।

क्लस्टरिंग का उद्देश्य राज्यों को जिलों के विभिन्न समूहों में विभाजित करना है, ताकि अपेक्षित बीमित राशि (ईएसआई) अपेक्षाकृत कम हो जाए और जोखिम साझा एवं विविधीकृत हो जाए।

जिलों के क्लस्टरिंग के कारण, क्लस्टर का जोखिम प्रोफाइल सामान्य हो गया है जो योजना के तहत बीमा कंपनियों द्वारा बोली लगाए गए प्रीमियम को कम करने में मदद कर रहा है।

परिशिष्ट

पीएमएफबीवाई और आरडब्ल्यूबीसीआईएसः 2016-17 से 2024-25 तक (31.12.2025 तक) राज्यवार अखिल भारतीय बढ़ता हुआ कवरेज और दावे

राज्य/संघ शासित प्रदेश का नाम

आवेदन नामांकित

प्रीमियम में किसानों का हिस्सा

भुगतान किए गए दावे

लाभान्वित आवेदन

(नंबर में)

(करोड़ रुपये में)

(नंबर में)

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

2,920

0.05

0.28

668

आंध्र प्रदेश

43,721,809

795.15

5,580.50

6,027,897

असम

6,292,239

35.51

736.64

1,092,550

बिहार

5,231,142

402.54

811.06

470,922

छत्तीसगढ़

43,544,255

1,627.25

7,655.14

11,193,836

गोवा

3,891

0.19

0.15

728

गुजरात

8,394,495

1,499.42

5,751.25

2,936,454

हरियाणा

38,885,877

2,351.20

9,015.15

8,279,192

हिमाचल प्रदेश

2,669,243

274.50

609.41

1,144,391

जम्मू एवं कश्मीर

961,267

67.91

157.25

266,250

झारखंड

7,162,312

75.42

857.29

866,732

कर्नाटक

22,689,525

2,584.04

18,654.53

13,173,981

केरल

963,528

76.17

743.48

580,672

मध्य प्रदेश

101,937,385

6,819.97

31,737.14

30,477,707

महाराष्ट्र

132,287,963

5,609.93

45,449.17

62,405,476

मणिपुर

38,748

3.75

10.51

27,757

मेघालय

91,819

0.84

24.52

34,197

ओडिशा

65,485,335

1,154.56

7,183.89

11,332,214

पुदुचेरी

197,676

1.44

21.20

48,608

राजस्थान

194,214,997

6,827.41

31,554.48

50,249,464

सिक्किम

13,589

0.46

0.18

330

तमिलनाडु

38,175,078

1,396.90

15,575.48

18,160,066

तेलंगाना

3,904,037

696.38

1,906.38

1,221,538

त्रिपुरा

1,400,683

3.78

12.29

133,265

उत्तर प्रदेश

52,945,889

3,100.02

5,805.18

9,161,593

उत्तराखंड

2,000,181

344.79

1,361.97

1,067,212

पश्चिम बंगाल

13,805,173

305.51

1,262.78

1,914,960

कुल

787,021,056

36,055.07

192,477.31

232,268,660

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने आज लोकसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

******

पीके/केसी/आरकेजे


(रिलीज़ आईडी: 2237961) आगंतुक पटल : 41
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu