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वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव ने एनसीएलटी में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने के संबंध में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा की गई प्रगति की निगरानी के लिए समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की


बैठक में लंबित मामलों के त्वरित समाधान और रिकवरी के नतीजों में सुधार के लिए प्रक्रिया से जुड़ी कमियों को दूर करने पर जोर दिया गया

प्रविष्टि तिथि: 09 MAR 2026 7:17PM by PIB Delhi

वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) के सचिव श्री एम. नागराजू ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में दाखिल और समाधान के लिए लंबित शीर्ष दिवाला और शोधन अक्षमता से जुड़े मामलों (आईबीसी) में हुई प्रगति की निगरानी के लिए आज एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में वित्तीय सेवा विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शीर्ष प्रबंधन और भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया

बैठक के दौरान, वर्ष के दौरान दाखिल और समधानीकृत्त मामलों की प्रगति पर ध्यान दिया गया। यह बताया गया कि सभी हितधारकों के समन्वित प्रयासों से एनसीएलटी में दाखिल/असाइनमेंट/निपटारे के जरिए बीस हाई वैल्यू खातों का समाधान किया गया है।

लंबित मामलों के त्वरित निपटान के लिए दाखिल के लिए लंबित शीर्ष बीस खातों और समाधान के लिए लंबित दस खातों की विस्तृत समीक्षा की गई। विचार-विमर्श के दौरान, लंबित आईबीसी मामलों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिया गया। बैंकों को परिसंपत्ति मूल्य को अधिकतम करने, रिकवरी में सुधार और समयबद्ध उद्देश्यों को सुनिश्चित करने के लिए लंबित मामलों के समाधान में सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी गई।

बैंकों से आग्रह किया गया कि वे सीआईआरपी एप्लीकेशन फाइल करने में देरी को कम करने के लिए अपने प्रयास बढ़ाएं। सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों  के चीफ एग्जीक्यूटिव को सलाह दी गई कि वे दाखिल और समाधान के लिए लंबित शीर्ष मामलों पर नजर रखें।

बैठक लंबित मामलों के समाधान में तेजी लाने और रिकवरी के नतीजों में सुधार करने के लिए प्रक्रिया से जुड़ी कमियों को दूर करने पर ज़ोर देने के साथ संपन्न हुई।

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पीके/केसी/एसके/एसएस


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