पर्यटन मंत्रालय
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पर्यटन के लिए गंतव्य आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए नए प्रयास

प्रविष्टि तिथि: 12 FEB 2026 3:03PM by PIB Delhi

पर्यटन मंत्रालय ने देश में पर्यटन अवसंरचना और अनुभवों के उन्नयन सहित गंतव्य आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं।

पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन 2.0 (स्वदेश दर्शन योजना का संशोधित संस्करण) पर्यटन गंतव्यों के सतत विकास पर केंद्रित है और इस योजना के तहत मंत्रालय ने 53 परियोजनाओं को 2208.31 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके अलावा, स्वदेश दर्शन योजना के तहत चुनौती आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी) के अंतर्गत पर्यटन अवसंरचना के विकास के लिए 38 परियोजनाओं को 697.94 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

‘तीर्थ यात्रा पुनरुज्जीवन एवं आध्यात्मिक धरोहर संवर्धन अभियान (प्राशाद)’ योजना के तहत मंत्रालय ने 54 परियोजनाओं को 1726.74 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। एसडी2.0, सीबीडीडी और प्राशाद योजनाओं के तहत परियोजनाओं की स्वीकृति देते समय क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखा जाता है, जबकि परियोजनाओं की स्वीकृति संबंधित राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों द्वारा योजना दिशानिर्देशों, सरकारी निर्देशों, बजट उपलब्धता, परस्पर प्राथमिकता आदि के अनुरूप परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत करने के अधीन प्रदान की जाती है।

इन परियोजनाओं का कार्यान्वयन, संचालन और प्रबंधन भी संबंधित राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा किया जाता है। उपरोक्त योजनाओं के तहत स्वीकृत घटक मुख्य रूप से पर्यटकों और आगंतुकों की सुविधा से संबंधित हैं, जिनमें डिजिटल हस्तक्षेप शामिल हैं।

ये घटक परियोजना आवश्यकता के अनुसार स्वीकृति के लिए विचार किए जाते हैं और पर्यटन मुख्य उत्पादों से संबंधित हो सकते हैं जैसे पर्यटक सुविधा केंद्र, व्याख्या केंद्र, पर्यटन गतिविधियां, स्वास्थ्य स्वच्छता एवं सुरक्षा, कनेक्टिविटी, पार्किंग, सामान्य स्थल विकास, सॉफ्ट हस्तक्षेप आदि।

पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन 2.0 के योजना दिशानिर्देशों में पर्यटन क्षमता बढ़ाने वाले घटकों की एक उदाहरणात्मक सूची भी शामिल की है।

एसडी2.0, सीबीडीडी और प्राशाद के तहत परियोजनाएं पूरे भारत स्तर पर स्वीकृत की गई हैं और ये स्थानीय रोजगार के अवसरों के सृजन तथा पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाओं और साधनों के सृजन में सहायता प्रदान करती हैं, जिससे आगंतुकों की संख्या में वृद्धि होती है। चूंकि इन योजनाओं के माध्यम से सृजित संपत्तियां राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों द्वारा स्वामित्व, संचालन और प्रबंधन की जाती हैं, इसलिए मंत्रालय ने उन्हें फुटफॉल, रोजगार, उत्पन्न राजस्व और अन्य मापदंडों के संबंध में डेटा कैप्चर करने की सलाह दी है।मंत्रालय अपनी चल रही प्रचार गतिविधियों के हिस्से के रूप में अपनी वेबसाइट, सोशल मीडिया गतिविधियों, आयोजनों आदि के माध्यम से देश के विभिन्न पर्यटन गंतव्यों और उत्पादों का भी प्रचार करता है।

यह जानकारी आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा दी गई।

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पीके/केसी/एमएम

 


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