जल शक्ति मंत्रालय
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जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन विभाग ने केंद्र-राज्य समन्वय बढ़ाने के लिए राज्यों के जल सचिवों का क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया


प्रमुख योजनाओं, बांध सुरक्षा अधिनियम, बाढ़ प्रबंधन और डिजिटल शासन कार्यान्वयन मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित

प्रविष्टि तिथि: 19 FEB 2026 5:10PM by PIB Delhi

जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन विभाग ने नई दिल्ली में विभाग के सचिव श्री वी.एल. कंथा राव की अध्यक्षता में राज्यों के जल सचिवों का उच्च स्तरीय क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया।

सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र और राज्यों में तालमेल बेहतर बनाने तथा अभी क्रियान्वित जल संसाधन परियोजनाओं/योजनाओं के काम में तेजी लाने के लिए गहन चर्चा करना था। सम्मेलन में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के जल संसाधन सचिव, प्रधान सचिव, अपर मुख्य सचिव, और अन्य उच्च अधिकारी शामिल हुए।

सम्मेलन के प्राथमिक एजेंडे में भाग लेने वाले राज्यों में जल संरक्षण विभाग की विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन की व्यापक समीक्षा शामिल थी, साथ ही उन राज्यों में केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी), केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी), राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (एनडब्ल्यूडीए), राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच), राष्‍ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) और राष्ट्रीय जल सूचना विज्ञान केंद्र (एनडब्ल्यूआईसी) जैसे संगठनों के कार्यों और इन संगठनों की तकनीकी विशेषज्ञता के उपयोग पर चर्चा हुई। सम्मेलन में बाढ़ के मैदानों के वर्गीकरण, गाद प्रबंधन पर राष्ट्रीय ढांचा, बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के प्रावधानों के कार्यान्वयन, जल संचय जन भागीदारी द्वितीय चरण, भूजल निष्कर्षण के विनियमन और नियंत्रण आदि पर विभाग द्वारा जारी विभिन्न सलाहों पर अमल की भी समीक्षा की गई।

सम्मेलन में जल प्रबंधन में डिजिटल शासन समेकीकरण पर भी जोर दिया गया, जिसमें दूरस्‍थ स्थानों पर स्थित मशीनों और उपकरणों की निगरानी, नियंत्रण और डेटा एत्रीकरण प्रणाली पर आधारित वास्तविक समय निगरानी के उपयोग, बाढ़ की चेतावनी के लिए एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस -आधारित डेटा साझाकरण और क्षेत्र के अधिकारियों के लिए फ्लड वॉच मोबाइल एप्लिकेशन शामिल रहा।

राज्य सरकार के अधिकारियों ने जल संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास एवं कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति पर प्रस्तुति दी। साथ ही उन्‍होंने लंबित मुद्दों और केंद्र सरकार से राज्यों की अपेक्षाएं बतायीं। जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन विभाग सचिव ने राज्यों की समग्र प्रगति की समीक्षा की और लंबित मामलों के समाधान तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए केंद्र-राज्य समन्वय मजबूत करने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

सम्मेलन, देश में जल संसाधनों के सतत और प्रभावी विकास के लिए एकीकृत रणनीतियां तैयार करने और कार्यान्वयन हेतु केंद्र और राज्यों के बीच सहजीवी संबंध के आह्वान के साथ संपन्‍न हुआ। विभाग ने देश भर की जल संसाधन परियोजनाओं के समग्र विकास और प्रबंधन के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहरायी।

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