विधि एवं न्‍याय मंत्रालय
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क्षेत्रीय कार्यक्रम सह कार्यशाला का आयोजन 17 फरवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एसकेआईसीसी) में किया जाएगा

प्रविष्टि तिथि: 16 FEB 2026 10:04AM by PIB Delhi

क्षेत्रीय कार्यक्रम सह कार्यशाला का आयोजन 17 फरवरी 2026 को श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एसकेआईसीसी) में किया जाएगा।

इस क्षेत्रीय सम्मेलन सह कार्यशाला 2026 का आयोजन न्याय तक समग्र पहुंच के लिए अभिनव समाधान तैयार करने (डीआईएसएचए- दिशा) की टेली-लॉ पहल के अंतर्गत किया जा रहा है। केंद्रीय क्षेत्र की इस योजना को भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय का न्याय विभाग कार्यान्वित कर रहा है। इस कार्यशाला का आयोजन 17 फरवरी 2026 को दोपहर 12:00 बजे से जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एसकेआईसीसी) में होगा।

इस कार्यशाला का आयोजन न्याय विभाग प्रौद्योगिकी-सक्षम कानूनी सेवाओं के माध्यम से न्याय तक पहुंच को मजबूत करने और प्रमुख हितधारकों के बीच जानकारीपूर्ण विचार-विमर्श को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का एक हिस्सा है।

इस कार्यक्रम का शुभारम्भ देश के राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" के सामूहिक गायन से होगा। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। यह भारत के इतिहास में इसकी भावना और अद्वितीय भूमिका का जश्न मनाने के लिए है।

इस कार्यक्रम में न्याय विभाग (डीओजे) की 'दिशा योजना' के प्रमुख प्रचार और कार्यान्वयन चैनलों पर भी प्रकाश डाला जाएगा, जिसका उद्देश्य देश भर में कानूनी साक्षरता और न्याय तक पहुंच को मजबूत करना है। कार्यक्रम के एक खंड, "दिशा योजना के आयाम: सुगम एवं सुलभ न्याय तक पहुंच" में सामुदायिक प्रचार कार्यक्रमों, डिजिटल अभियानों और शैक्षणिक संस्थानों एवं नागरिक समाज संगठनों के साथ साझेदारी के माध्यम से कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देने की योजना की पहलों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें सरल और प्रौद्योगिकी-सक्षम प्लेटफार्मों के माध्यम से हाशिए पर पड़े और कमजोर समुदायों तक पहुंचने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर में दिशा योजना की उपस्थिति और उसके कार्यों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। "जम्मू-कश्मीर में दिशा: एक झलक" शीर्षक वाले खंड में, इस केंद्र शासित प्रदेश में कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देने और न्याय तक पहुंच में सुधार लाने के लिए योजना की पहलों पर प्रकाश डाला जाएगा।

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण न्याय विभाग (डीओजे) की दिशा योजना से जुड़े उन उपलब्धि हासिल करने वालों का अभिनंदन होगा , जिन्होंने कानूनी साक्षरता को बढ़ावा देने और न्याय तक पहुंच में सुधार लाने में अहम योगदान दिया है। समारोह में उन हस्तियों और संस्थानों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने समर्पित जनसंपर्क और सामुदायिक सहभागिता प्रयासों के माध्यम से योजना के उद्देश्यों को आगे बढ़ाया है।

इसके अलावा, इस कार्यक्रम में दिशा का वार्षिक ई-कैलेंडर भी जारी किया जाएगा , जो पूरे वर्ष न्याय विभाग की प्रमुख गतिविधियों, अभियानों और जागरूकता कार्यक्रमों के लिए एक संरचित रोडमैप के रूप में काम करेगा।

इस कार्यक्रम में विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री अरुण पल्ली उपस्थित रहेंगे।

इस कार्यक्रम में लगभग 800 प्रतिभागी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होंगे। इनमें जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश, उच्च न्यायालय रजिस्ट्री के अधिकारी, जम्मू-कश्मीर राज्य विधि सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन के अधिवक्ता, सरकारी वकील, न्यायिक अधिकारी, सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के ग्राम स्तरीय उद्यमी (वीएलई), विधि अध्ययन विद्यालय, कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय, कश्मीर विधि महाविद्यालय और वितास्ता विधि एवं मानविकी विद्यालय के संकाय सदस्य और विधि छात्र, केंद्र और राज्य प्रशासन के निदेशक/पंजीयक और साथ ही वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा, न्याय विभाग के कई नागरिक और हितधारक वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

न्याय विभाग की दिशा योजना के अंतर्गत आयोजित टेली-लॉ कार्यक्रम पर क्षेत्रीय कार्यशाला जागरूकता, क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी-आधारित सेवा वितरण के माध्यम से न्याय तक पहुंच को मजबूत करने के भारत सरकार के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है। राज्य प्रशासनों और हितधारकों को शामिल करने, कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा करने और न्याय वितरण तंत्र को और मजबूत करने के लिए देश भर में ऐसी क्षेत्रीय कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित कार्यशाला, टेली-लॉ और न्याय तक पहुंच से संबंधित अन्य पहलों की पहुंच और प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए केंद्रित विचार-विमर्श हेतु एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।

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पीके/केसी/एक


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