रक्षा मंत्रालय
भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के महानिदेशक ने गोवा में नई वाटरजेट उत्पादन एवं परीक्षण सुविधा का विधिवत उद्घाटन किया
प्रविष्टि तिथि:
13 FEB 2026 7:43PM by PIB Delhi
भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के महानिदेशक डीजी परमेश शिवमणि ने 13 फरवरी, 2026 को गोवा में मेसर्स मरीन जेट पावर (एमजेपी) इंडिया की वाटरजेट उत्पादन एवं परीक्षण सुविधा का उद्घाटन किया। यह उपलब्धि भारत की समुद्री आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। विनिर्माण एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण ढांचे के अंतर्गत स्थापित इस अत्याधुनिक सुविधा के साथ भारत, अमरीका और दक्षिण कोरिया के बाद विश्व का तीसरा ऐसा देश बन गया है, जहां इस प्रकार की उन्नत उत्पादन व परीक्षण सुविधा उपलब्ध है।
नवनिर्मित यह सुविधा घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करेगी, वाटरजेट प्रणालियों के स्वदेशी परीक्षण को सक्षम बनाएगी तथा दक्षिण एशिया और आसपास के क्षेत्रों की आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाले एक क्षेत्रीय केंद्र के रूप में उभरेगी। यह पहल रोजगार सृजन में योगदान देगी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के पारिस्थितिकी तंत्र को सहयोग प्रदान करेगी तथा देश में प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित करेगी।
वर्तमान में भारतीय तटरक्षक बल अपने जहाजों पर 100 से अधिक एमजेपी वाटरजेट प्रणोदन प्रणालियों का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है, जबकि निर्माणाधीन जहाजों के लिए 42 अतिरिक्त प्रणालियों की स्थापना प्रस्तावित है। नव-उद्घाटित यह सुविधा परिचालन क्षमता में वृद्धि करने के साथ-साथ स्वदेशी रखरखाव एवं समर्थन अवसंरचना को भी उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करेगी।
आईसीजी के महानिदेशक ने स्वदेशीकरण के प्रति आईसीजी की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया और इस बात पर प्रकाश डाला कि यह उपलब्धि 2023 से शुरू किए गए निरंतर बहुस्तरीय प्रयासों का परिणाम है।
इस दौरे के दौरान, भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक ने चोगुले एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड में स्वदेशी रूप से निर्मित छह एयर कुशन वाहनों की प्रगति की भी समीक्षा की। यह परियोजना भारत का प्रथम स्वदेशी एयर कुशन वाहन कार्यक्रम है, जिसमें लगभग 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत पहले वाहन की आपूर्ति मई 2026 में निर्धारित की गई है।


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पीके/केसी/एनके
(रिलीज़ आईडी: 2227962)
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