विधि एवं न्‍याय मंत्रालय
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‘टेली-कानून: सुदूर तक पहुंच’ योजना

प्रविष्टि तिथि: 13 FEB 2026 6:36PM by PIB Delhi

न्याय तक समग्र पहुंच के लिए अभिनव समाधान तैयार करना (दिशा) योजना के अंतर्गत, टेली कानून कार्यक्रम ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई) के माध्यम से संचालित सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) में उपलब्ध वीडियो/ टेली कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाओं, टेली-कानून मोबाइल ऐप और टोल फ्री नंबर 14454 के इस्तेमाल के जरिए नागरिकों को वकीलों से जोड़ता है, जिससे उन्हें मुकदमेबाजी से पहले ही उचित सलाह पहुंचाई जा सके।

टेली-कानून कार्यक्रम के अंतर्गत, न्याय सहायकों को वर्ष 2024 से देश भर के लगभग 500 आकांक्षी ब्लॉकों में तैनात किया गया है। इनका उद्देश्य टेली-कानून कार्यक्रम के अंतर्गत कानूनी सलाह देने के लिए नागरिकों को घर-घर जाकर कानूनी सेवा सहायता प्रदान करना, टेली-कानून प्लेटफॉर्म पर मामलों के पंजीकरण को सरल बनाना और लाभार्थियों व पैनल में शामिल वकीलों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर काम करना है। न्याय सहायक देश के आकांक्षी ब्लॉकों में सामुदायिक आधारित सुविधाकर्ता के तौर पर सक्रिय हैं। वे घर-घर जाकर, सामुदायिक संवादों और स्थानीय अभियानों के माध्यम से कानूनी अधिकारों और हकों के बारे में जागरूकता पैदा करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

देश के 36 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 776 जिलों (जिनमें 112 आकांक्षी जिले और 500 आकांक्षी ब्लॉक शामिल हैं) में फैले 2,50,000 सीएससी के नेटवर्क के जरिए, टेली-कानून कार्यक्रम ने 31.01.2026 तक लाभार्थियों को 1.12 करोड़ से अधिक मुकदमेबाजी के पहले ही उचित सलाह प्रदान की है।

टेली-कानून कार्यक्रम के अंतर्गत, वर्तमान में, 31 जनवरी 2026 तक उत्तर प्रदेश के जौनपुर और मछलीशहर संसदीय क्षेत्रों में क्रमशः 800 और 51 सीएससी (कानूनी परामर्श केंद्र) कार्यरत हैं। 31 जनवरी 2026 तक बीते तीन वर्ष में, जौनपुर निर्वाचन क्षेत्र में टेली-कानून के अंतर्गत वीडियो/ टेलीफोन/ मोबाइल ऐप के जरिए कुल 7,527 लाभार्थियों को मुकदमे से पहले की सलाह प्रदान की गई, जबकि मछलीशहर निर्वाचन क्षेत्र में 140 लाभार्थियों को यह सलाह दी गई।

सरकार ने महिलाओं, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति और अन्य सहित समाज के हाशिए पर पड़े और वंचित वर्गों तक योजना की पहुंच बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। टेली-कानून कार्यक्रम के अंतर्गत मुकदमे से पहले कई भाषाओं में सलाह प्रदान की जाती है। लाभार्थियों तक योजना की पहुंच को सुगम बनाने के लिए समय-समय पर राष्ट्रीय वेबिनार और क्षेत्रीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है।

पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से, टेली-कानून वेब पोर्टल और टेली-कानून एप्लिकेशन का 22 अनुसूचित भाषाओं में अनुवाद किया गया है। इसके साथ ही, टेली-लॉ प्लेटफॉर्म को न्याय बंधु (नि:शुल्क कानूनी सेवाएं) प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत किया गया है, जिससे विधि सेवा प्राधिकरण (एलएसए) अधिनियम, 1987 की धारा 12 के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को अदालतों में कानूनी प्रतिनिधित्व की सुविधा मिल सके।

यह जानकारी विधि एवं न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने आज लोकसभा में दी।

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पीके/केसी/एमएम


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