खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
पीएमकेएसवाई, पीएलआईएसएफपीआई, पीएमएफएमई के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सतत और प्रौद्योगिकी-आधारित विकास के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की पहलें
एकीकृत और अंतर-क्षेत्रीय शीत श्रृंखला नेटवर्क में चुनौतियाँ
प्रविष्टि तिथि:
13 FEB 2026 4:15PM by PIB Delhi
भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को आपूर्ति श्रृंखला और संस्थागत बुनियादी ढांचे में कमियों, कृषि उपज की बर्बादी, प्रसंस्करण के निम्न स्तर, कृषि उत्पादन और प्रसंस्करण के बीच कमजोर संबंधों और ऋण तक सीमित पहुंच जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के समाधान और समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई), खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआईएसएफपीआई) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के औपचारीकरण (पीएमएफएमई) जैसी योजनाओं को देश भर में लागू करके इस क्षेत्र को सहयोग प्रदान करता है।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय पीएमकेएसवाई के तहत प्रति परियोजना 50 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करके सौर, बायोमास और पवन जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग का समर्थन करता है। जिससे खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में टिकाऊ और प्रौद्योगिकी-संचालित विकास को बढ़ावा मिलता है। मंत्रालय पीएमकेएसवाई के अंतर्गत अनुमोदित परियोजनाओं को अनुदान सहायता और सब्सिडी जारी करने पर विचार करने के लिए एक शर्त के रूप में पर्यावरण और स्थिरता मानदंडों के सख्त अनुपालन को भी प्रोत्साहित करता है। इस संबंध में, यह मंत्रालय पीएमकेएसवाई की घटक योजनाओं के परिचालन दिशानिर्देशों के माध्यम से परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी से आग्रह करता है कि वह (i) संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से वायु और जल प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने हेतु परियोजना की वैध स्थापना सहमति (सीटीई) और संचालन सहमति (सीटीओ) प्रस्तुत करे और (ii) ऊर्जा-कुशल शीत प्रणालियों को अपनाना जो गैर-ओजोन-क्षयकारी पदार्थों (नॉन-ओडीएस) और कम ग्लोबल वार्मिंग क्षमता (जीडब्ल्यूपी) वाले रेफ्रिजरेंट का उपयोग करते हैं ताकि पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा दिया जा सके, क्षेत्र के कार्बन फुटप्रिंट को कम किया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना (शीत श्रृंखला सहित) का विकास राष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन शमन उद्देश्यों के अनुरूप हो।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/जेएस
(रिलीज़ आईडी: 2227829)
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