जल शक्ति मंत्रालय
जल जीवन मिशन के तहत 'हर घर नल से जल'
प्रविष्टि तिथि:
12 FEB 2026 3:36PM by PIB Delhi
भारत सरकार अगस्त 2019 से राज्यों के साथ साझेदारी में, ‘जल जीवन मिशन (जेजेएम) - हर घर जल’ को लागू कर रही है, जिसका उद्देश्य निर्धारित गुणवत्ता (बीआईएस: 10500) का पेयजल प्रति व्यक्ति प्रति दिन 55 लीटर (एलपीसीडी) की सेवा स्तर पर नियमित और दीर्घकालिक आधार पर नल जल कनेक्शन के माध्यम से प्रत्येक ग्रामीण घर को उपलब्ध कराना है।
जेजेएम की घोषणा के समय, 3.23 करोड़ (17 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों के पास नल जल का कनेक्शन होने की सूचना थी। अब तक, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की 10.02.2026 तक दी गई रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 12.56 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को नल जल का कनेक्शन प्रदान किया गया है। इस प्रकार, 10.02.2026 तक, देश भर के लगभग 5.86 लाख गांवों में स्थित 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से, लगभग 15.69 करोड़ (81.02 प्रतिशत) परिवारों के घरों में नल जल की आपूर्ति हो रही है। इसके अलावा, 10.02.2026 तक, 2.72 लाख से अधिक गांवों को 'हर घर जल' घोषित किया गया है, यानी 100 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों के पास नल जल की आपूर्ति है। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं और जेजेएम-आईएमआईएस के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं।
https://ejalshakti.gov.in/JJM/JJMReports/Physical/Rpt_JJM_VillageWisePWSReport.aspx
पेयजल राज्य का विषय होने के कारण, जल जीवन मिशन (जेजेएम) के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति कार्यक्रमों की योजना, अनुमोदन, कार्यान्वयन, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की होती है। भारत सरकार तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्रदान करके राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के इन प्रयासों में सहयोग करती है। 28.01.2026 तक जेजेएम के अंतर्गत हुई वित्तीय प्रगति का वर्षवार विवरण इस प्रकार है:
(राशि रुपये करोड़ में)
|
वर्ष
|
बीई/आरई
|
आवंटित धनराशि के मुकाबले उपयोग की गई धनराशि ( विभागीय स्तर के व्यय सहित )
|
कुल व्यय (केंद्र + राज्य)
|
|
2019-20
|
10,000.66
|
10,000.44
|
10,074.28
|
|
2020-21
|
11,000.00
|
10,999.94
|
20,449.96
|
|
2021-22
|
45,011.00
|
40,125.64
|
43,551.85
|
|
2022-23
|
55,000.00
|
54,839.79
|
90,815.55
|
|
2023-24
|
70,000.00
|
69,992.37
|
1,51,518.65
|
|
2024-25
|
22,670.00#
|
22,638.44
|
90,009.00
|
|
2025-26
|
17,000.00#
|
31.14
|
13,051.32
|
|
कुल
|
2,30,705.66#
|
2,08,627.76
|
4,19,470.61
|
#कुल उपयोग स्वीकृत केंद्रीय परिव्यय 2,08,652 करोड़ रुपये तक ही सीमित है
स्रोत: जेजेएम-आईएमआईएस
मिशन के अंतर्गत वित्तीय प्रगति का वर्षवार और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार विवरण सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है और इसे निम्नलिखित लिंक पर देखा जा सकता है:
https://ejalshakti.gov.in/JJM/JJMReports/Financial/JJMRep_StatewiseAllocationReleaseExpenditure.aspx
जल जीवन मिशन (जेजेएम) की योजना बनाने और उसे पूरे देश में तेजी से लागू करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की संयुक्त चर्चा और संतृप्ति योजनाओं और वार्षिक कार्य योजनाओं (एएपी) को अंतिम रूप देना, कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और ज्ञान साझाकरण के लिए कार्यशालाएं/सम्मेलन/वेबिनार, तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए बहु-विषयक टीम का क्षेत्र भ्रमण आदि शामिल हैं। जल जीवन मिशन के प्रभावी नियोजन और कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ जेजेएम के कार्यान्वयन हेतु विस्तृत परिचालन दिशा-निर्देश, ग्रामीण घरों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायतों और पशु एवं पशु कल्याण समितियों के लिए मार्गदर्शक दिशा-निर्देश और आंगनवाड़ी केंद्रों, आश्रमशालाओं और विद्यालयों में पाइप के जरिए जल आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष अभियान संबंधी दिशा-निर्देश साझा किए गए हैं। ऑनलाइन निगरानी के लिए जेजेएम-एकीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली (आईएमआईएस) और जेजेएम-डैशबोर्ड स्थापित किए गए हैं। सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से पारदर्शी ऑनलाइन वित्तीय प्रबंधन का भी प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने सूचित किया है कि भारत सरकार अटल कायाकल्प एवं शहरी परिवर्तन मिशन (एएमआरयूटी- अमृत) और एएमआरयूटी 2.0 जैसी विभिन्न योजनाओं/मिशनों के माध्यम से राज्यों को वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्रदान करती है। अटल कायाकल्प एवं शहरी परिवर्तन मिशन (एएमआरयूटी- अमृत) को केंद्र सरकार ने 25 जून, 2015 को देश के सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 500 शहरों (15 विलयित शहरों सहित 485 शहर) के लिए प्रारंभ किया था। मिशन के प्रमुख फोकस क्षेत्र जल आपूर्ति, सीवरेज एवं सेप्टेज प्रबंधन, वर्षा जल निकासी, हरित क्षेत्र एवं पार्क, तथा गैर-मोटर चालित शहरी परिवहन थे। एएमआरयूटी-अमृत के अंतर्गत 43,359.6 करोड़ रुपए की 1,403 जल आपूर्ति परियोजनाएं शुरू की जा चुकी हैं। अमृत योजना के तहत कुल 6,140 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) जल उपचार संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) क्षमता को मंजूरी दी गई है, जिसमें से 5,330 एमएलडी डब्ल्यूटीपी क्षमता विकसित की जा चुकी है और कुल 73,520 किलोमीटर जल आपूर्ति पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया या बदला जा चुका है।
अमृत 2.0 योजना 1 अक्टूबर, 2021 को सभी शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी)/शहरों में शुरू की गई थी, जिससे शहरों को 'आत्मनिर्भर' और 'जल सुरक्षित' बनने में मदद मिली। 500 अमृत शहरों में सीवरेज और सेप्टेज प्रबंधन का सार्वभौमिक कवरेज प्रदान करना अमृत 2.0 के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में से एक है। जल निकायों का पुनरुद्धार, हरित क्षेत्रों और पार्कों का विकास मिशन के अन्य घटक हैं। अमृत 2.0 के तहत अब तक, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) ने 1,19,636.49 करोड़ रुपए की 3,528 जल आपूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी है। स्वीकृत परियोजनाओं में 11,393 एमएलडी जल शोधन संयंत्र क्षमता और लगभग 1.26 लाख किलोमीटर जल आपूर्ति नेटवर्क शामिल है। मिशन के तहत, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) को परियोजनाओं का चयन, मूल्यांकन, प्रस्ताव और कार्यान्वयन करने का अधिकार दिया गया है। अमृत और अमृत 2.0 के तहत निधि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित/जारी/स्वीकृत की जाती है, न कि क्षेत्रवार। अमृत/अमृत 2.0 योजना के तहत और राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अब तक कुल 238 लाख घरेलू नल जल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं।
जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
***
पीके/केसी/एके/एचबी
(रिलीज़ आईडी: 2227136)
आगंतुक पटल : 2088