स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए उठाए गए कदम
खाद्य सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य नमूनों के प्राथमिक विश्लेषण के लिए 246 राष्ट्रीय प्रत्यायन और अंशांकन प्रयोगशालाओं तथा अपीलीय नमूनों के विश्लेषण के लिए 24 रेफरल खाद्य प्रयोगशालाओं को अधिसूचित किया है
'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' कही जाने वाली मोबाइल खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्य परीक्षण अवसंरचना की कमी को दूर करती हैं और उपभोक्ताओं तक ऐसी सेवाओं की उपलब्धता आसान करती हैं
वर्तमान में 35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 305 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' को तैनात किया गया है, जिससे खाद्य उत्पादों में पाए जाने वाले सामान्य मिलावटों का बुनियादी परीक्षण होता है
प्रविष्टि तिथि:
10 FEB 2026 1:49PM by PIB Delhi
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को खाद्य पदार्थों के लिए विज्ञान आधारित मानक निर्धारित करने और मानव उपभोग के लिए सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु उनके निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री एवं आयात को विनियमित करने का दायित्व सौंपा गया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का कार्यान्वयन एवं प्रवर्तन केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त जिम्मेदारी है ।
खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (एफएसएसएआई) अपने क्षेत्रीय कार्यालयों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा विभागों के माध्यम से खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 और उसके अंतर्गत बनाए गए विनियमों में निर्धारित मानकों और आवश्यकताओं के अनुपालन की जांच और सत्यापन के लिए निगरानी, निरीक्षण, पर्यवेक्षण और नमूने का सांयोगिक (बिना क्रम के) चयन करता है । एफएसएसएआई विज्ञान-आधारित मानक निर्धारित करने और समग्र समन्वय सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है, जबकि राज्य खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण मुख्य रूप से जमीनी स्तर पर प्रवर्तन के लिए जिम्मेदार हैं।
अधिनियम और उसके अंतर्गत बनाए गए विनियमों के तहत निर्धारित मानकों, सीमाओं और अन्य वैधानिक आवश्यकताओं के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए एफएसएसएआई अपने 4 (चार) क्षेत्रीय कार्यालयों और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश खाद्य सुरक्षा प्राधिकरणों के माध्यम से नियमित रूप से स्थानीय/लक्षित विशेष प्रवर्तन और निगरानी अभियान चलाता है।
परीक्षण के जरिए खाद्य पदार्थों और खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, खाद्य सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य नमूनों के प्राथमिक विश्लेषण हेतु 246 राष्ट्रीय प्रत्यायन एवं अंशांकन प्रयोगशालाओं और अपीलीय नमूनों के विश्लेषण हेतु 24 रेफरल खाद्य प्रयोगशालाओं को अधिसूचित किया है। दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्य परीक्षण अवसंरचना की कमी को दूर करने और उपभोक्ताओं तक ऐसी सेवाओं की उपलब्धता आसान करने के लिए, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर मोबाइल खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं (एफएसडब्ल्यू) कार्यरत हैं। वर्तमान में, 35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 305 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' तैनात हैं। ये मोबाइल प्रयोगशालाएं खाद्य उत्पादों में पाए जाने वाले सामान्य मिलावटों की बुनियादी जांच करने में सक्षम हैं। ये बहुउद्देशीय वाहन न केवल मोबाइल परीक्षण इकाइयों के रूप में कार्य करते हैं, बल्कि खाद्य सुरक्षा जागरूकता फैलाने और प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 (अब तक) में विभिन्न खाद्य सुरक्षा मुद्दों (खाद्य मिलावट सहित) पर की गई प्रवर्तन कार्रवाई का विवरण क्रमशः अनुलग्नक-I और अनुलग्नक-II में संलग्न है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह बात कही।
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अनुबंध- 1
खाद्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों (खाद्य पदार्थों में मिलावट सहित) पर की गई प्रवर्तन कार्रवाई का विवरण
|
क्रमांक
|
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
|
वित्तीय वर्ष 2023-24
|
वित्तीय वर्ष 2024-25
|
|
विश्लेषण किए गए नमूनों की संख्या
|
नमूनों की संख्या जो मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई
|
विश्लेषण किए गए नमूनों की संख्या
|
नमूनों की संख्या जो मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई
|
|
1
|
अंडमान व निकोबार द्वीप समूह
|
0
|
0
|
810
|
4
|
|
2
|
आंध्र प्रदेश
|
6439
|
472
|
5984
|
514
|
|
3
|
अरुणाचल प्रदेश
|
501
|
11
|
125
|
9
|
|
4
|
असम
|
1139
|
125
|
1705
|
234
|
|
5
|
बिहार
|
2806
|
126
|
2863
|
124
|
|
6
|
चंडीगढ़
|
311
|
49
|
374
|
65
|
|
7
|
छत्तीसगढ
|
1373
|
167
|
2069
|
270
|
|
8
|
दादरा और नागर हवेली तथा दमन और दीव
|
185
|
0
|
56
|
0
|
|
9
|
दिल्ली
|
3412
|
150
|
2624
|
130
|
|
10
|
गोवा
|
599
|
16
|
1172
|
74
|
|
11
|
गुजरात
|
15841
|
910
|
12387
|
901
|
|
12
|
हरियाणा
|
3485
|
856
|
2233
|
500
|
|
13
|
हिमाचल प्रदेश
|
1618
|
401
|
1587
|
293
|
|
14
|
जम्मू और कश्मीर
|
9057
|
750
|
6955
|
651
|
|
15
|
झारखंड
|
384
|
292
|
364
|
138
|
|
16
|
कर्नाटक
|
5492
|
286
|
9371
|
662
|
|
17
|
केरल
|
10792
|
1304
|
10767
|
1635
|
|
18
|
लद्दाख
|
638
|
11
|
417
|
45
|
|
19
|
लक्षद्वीप
|
0
|
0
|
0
|
0
|
|
20
|
मध्य प्रदेश
|
13998
|
2022
|
13920
|
1635
|
|
21
|
महाराष्ट्र
|
5087
|
1174
|
5403
|
1250
|
|
22
|
मणिपुर
|
168
|
3
|
126
|
1
|
|
23
|
मेघालय
|
123
|
7
|
388
|
5
|
|
24
|
मिजोरम
|
0
|
0
|
0
|
2
|
|
25
|
नगालैंड
|
138
|
3
|
223
|
11
|
|
26
|
ओडिशा
|
2003
|
252
|
2282
|
273
|
|
27
|
पुदुचेरी
|
31
|
0
|
173
|
0
|
|
28
|
पंजाब
|
6041
|
929
|
4131
|
748
|
|
29
|
राजस्थान
|
18536
|
3493
|
13840
|
3788
|
|
30
|
सिक्किम
|
231
|
0
|
254
|
0
|
|
31
|
तमिलनाडु
|
18146
|
2237
|
18071
|
2240
|
|
32
|
तेलंगाना
|
6156
|
973
|
3347
|
324
|
|
33
|
त्रिपुरा
|
87
|
0
|
123
|
5
|
|
34
|
उत्तर प्रदेश
|
27750
|
16183
|
30380
|
16500
|
|
35
|
उत्तराखंड
|
1998
|
192
|
1509
|
140
|
|
36
|
पश्चिम बंगाल
|
5948
|
414
|
14502
|
1217
|
|
|
कुल
|
1,70,513
|
33808
|
1,70,535
|
34,388
|
अनुबंध- II
वित्तीय वर्ष 2025-26 में (वर्तमान तक) खाद्य सुरक्षा से संबंधित विभिन्न मुद्दों (खाद्य मिलावट सहित) पर की गई प्रवर्तन कार्रवाई का विवरण
|
वर्ष
|
विश्लेषण किए गए नमूनों की संख्या
|
नमूनों की संख्या जो मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई
|
|
2025-26
|
1,55,306
|
27,567*
|
*वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़े अनंतिम हैं।
*****
पीके/केसी/एके
(रिलीज़ आईडी: 2226356)
आगंतुक पटल : 34